{"_id":"6650c13a43af7199d60a6efb","slug":"on-complaint-health-department-team-raided-medical-store-sealed-it-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-117809-2024-05-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने की मेडिकल स्टोर पर मारा छापा, किया सील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने की मेडिकल स्टोर पर मारा छापा, किया सील
Fri, 24 May 2024 10:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 24 May 2024 10:02 PM IST
विज्ञापन
टीम द्वारा सील किया गया मेडिकल स्टोर।
भिवानी। स्वास्थ्य विभाग ने एक शिकायत पर शहर के नेताजी कॉलोनी स्थित एक मेडिकल स्टोर पर शुक्रवार को छापा मारा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मेडिकल स्टोर के अंदर ही एक मरीज को दाखिल कर उसे ग्लूकोज लगाए जाने व उपचार करते हुए संचालक को पकड़ा। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए मेडिकल स्टोर को सील कर दिया।
स्वास्थ्य विभाग के उप सिविल सर्जन डॉ कृष्ण कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को शिकायत मिली थी कि मेडिकल स्टोर संचालक मरीजों को दाखिल कर अभ्यास कर रहा है। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम शुक्रवार को नेताजी कॉलोनी स्थित एक मेडिकल स्टोर पर पहुंची जहां एक महिला मरीज जिसका नाम पूछे जाने पर उसने मनीषा बताया। उसे ग्लूकोज लगाई गई थी और उसका उपचार किया जा रहा था। डॉ. कृष्ण ने बताया कि दस्तावेजों की जांच में पाया कि मेडिकल स्टोर संचालन का लाइसेंस लिया हुआ था, लेकिन नियम के अनुसार कोई भी मेडिकल स्टोर संचालक अभ्यास नहीं कर सकता यानी मरीजों को दाखिल कर उनका उपचार नहीं कर सकता। जबकि यहां पर मरीज को दाखिल कर उसे बिना किसी चिकित्सक के सुझाव के इंजेक्शन और ग्लूकोज चढ़ाई जा रही थी। इस पर टीम ने मेडिकल स्टोर को सील कर दिया। संवाद
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग के उप सिविल सर्जन डॉ कृष्ण कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को शिकायत मिली थी कि मेडिकल स्टोर संचालक मरीजों को दाखिल कर अभ्यास कर रहा है। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम शुक्रवार को नेताजी कॉलोनी स्थित एक मेडिकल स्टोर पर पहुंची जहां एक महिला मरीज जिसका नाम पूछे जाने पर उसने मनीषा बताया। उसे ग्लूकोज लगाई गई थी और उसका उपचार किया जा रहा था। डॉ. कृष्ण ने बताया कि दस्तावेजों की जांच में पाया कि मेडिकल स्टोर संचालन का लाइसेंस लिया हुआ था, लेकिन नियम के अनुसार कोई भी मेडिकल स्टोर संचालक अभ्यास नहीं कर सकता यानी मरीजों को दाखिल कर उनका उपचार नहीं कर सकता। जबकि यहां पर मरीज को दाखिल कर उसे बिना किसी चिकित्सक के सुझाव के इंजेक्शन और ग्लूकोज चढ़ाई जा रही थी। इस पर टीम ने मेडिकल स्टोर को सील कर दिया। संवाद
विज्ञापन