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Bhiwani News: दो बार तोशाम विधानसभा का चुनाव लड़ चुके एवं अपने समय के क्रांतिकारी नेता रहे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 03 Jan 2023 10:54 PM IST
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Omprakash, who contested twice from Tosham assembly constituency, passed away
पूर्व प्रधानमंत्री चरण सिंह के बाई ओर मंच पर उपस्थित तोशाम निवासी औमप्रकाश मित्तल। फाइल फोटो - फोटो : Bhiwani
तोशाम (भिवानी)। तोशाम निवासी ओमप्रकाश मित्तल का सोमवार देर शाम लंबी बीमारी के बाद 81 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। मंगलवार को दोपहर बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया। ओमप्रकाश मित्तल ने 1982 में लोकदल पार्टी और 1991 में समता पार्टी से तोशाम विधानसभा से चुनाव लड़ा था। चुनाव प्रचार के दौरान प्रदेश से लेकर केंद्र तक के बड़े नेता पूर्व प्रधानमंत्री चौ. चरण सिंह, उप प्रधानमंत्री रहे चौ. देवीलाल, बिहार के मुख्यमंत्री रहे कर्पूरी ठाकुर, उड़ीसा के मुख्यमंत्री रहे बीजू पटनायक, रामबिलास पासवान, बीपी मौर्य सहित अनेक बड़े स्तर के नेता तोशाम आए थे।
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केंद्रीय स्तर के बड़े नेताओं के साथ था गहरा जुड़ाव
क्रांतिकारी नेता रहे ओमप्रकाश मित्तल के केंद्रीय स्तर के बड़े नेताओं के साथ गहरा लगाव था। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के साथ उनके पारिवारिक संबंध थे, जिसके चलते चौधरी चरण सिंह दो बार ओमप्रकाश मित्तल के घर तोशाम पहुंचे थे। वे 1982 में चुनाव प्रचार करने भी तोशाम आए थे। इनके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल के साथ एक पिता-पुत्र की तरह भावनात्मक नाता था। रामविलास पासवान बीपी मौर्य सहित केंद्र के विभिन्न नेता और प्रदेश के बड़े नेताओं के साथ ओमप्रकाश मित्तल के उस जमाने में तालुकात आसपास के क्षेत्र में चर्चित थे।
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चौ. चरण सिंह ने कहा कि पहाड़ से न टकराओ
ओमप्रकाश मित्तल के पुत्र खजांची मित्तल बताते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने तोशाम आकर उनके पिता को कहा था कि आपको लोकदल की हांसी से टिकट दे देता हूं, एमएलए बन जाओगे, तोशाम में आप पहाड़ से (चौधरी बंसीलाल) न टकराओ, तब ओमप्रकाश मित्तल का जवाब था कि मुझे तो तोशाम से ही लड़ना है। खजांचीलाल मित्तल बताते हैं कि उड़ीसा के मुख्यमंत्री रहे बीजू पटनायक ने उनके पिता को कहा कि मित्तल साहब यहां तोशाम में क्या कर रहे हो, चलो उड़ीसा आपको ले चलता हूं। तब पिता ने कहा कि तोशाम की धरती को तो सांस निकलने के बाद ही छोड़ूंगा।
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दुकानों को लेकर टकरा गए थे पुलिस से
ओमप्रकाश मित्तल एक क्रांतिकारी विचारधारा के व्यक्ति थे। एक बार अग्रसेन स्कूल के भवन में बनी दुकानों में कुछ व्यक्तियों द्वारा सामान रखने को लेकर पुलिस से टकराव हो गया था। ओमप्रकाश मित्तल के नेतृत्व में अग्रवाल समाज के लोग पुलिस थाने पहुंचे और थानेदार को चैलेंज कर यह कहकर वापस आ गए कि हम पैदल जा रहे हैं हमारे पहुंचने से पहले या तो वह दुकानें खाली करवा देना अन्यथा हम खाली करवा देंगे। इसी तरह एक बार तोशाम में एक साथ काफी गाड़ियों की चोरी हो गई थी। उसको लेकर गठित की गई संघर्ष समिति का नेतृत्व कर रहे ओमप्रकाश मित्तल ने सीधा पुलिस प्रशासन से टकराव कर लिया था।
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