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श्राद्ध में गोवंश को खीर-पूरी की जगह दें सूखा चारा और हरा घास : सहरावत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 27 Sep 2026 01:28 AM IST
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Offer dry fodder and green grass to cattle instead of kheer-puri during Shraddh: Sehrawat
भिवानी। श्राद्ध पक्ष में गोवंश को खीर, पूरी और हलवा अधिक मात्रा में खिलाने से बचें और इसके बजाय गोशालाओं में सूखा चारा, हरा घास या दान दें। पशुपालन विभाग ने गोवंश के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए पशु चिकित्सालयों को तुरंत उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उपनिदेशक डॉ. रविन्द्र सहरावत व उपमंडल अधिकारी डॉ. राजेश जाखड़ ने बताया कि सभी पशु अस्पतालों में पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध हैं। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त दवाइयां भी तुरंत उपलब्ध कराई जाएंगी और विभाग की टीमें मुस्तैद हैं।
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हर वर्ष कई गायों की हो जाती है मौत
पशु चिकित्सक डॉ. विजय सनसनवाल ने बताया कि श्राद्ध में लोग पुण्य के लिए गायों को खीर, पूरी, रोटी व हलवा खिलाते हैं। अधिक मात्रा में तला भोजन खाने से अफारा और एसिडोसिस जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है, जिससे पशु को बचाना मुश्किल होता है और हर वर्ष कई गायों की मौत हो जाती है।
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महम रोड स्थित गोशाला ट्रस्ट के प्रधान पुरुषोत्तमदास अग्रवाल ने गौ-ग्रास या दान सीधे गोशालाओं में देने की अपील की। गोशाला विस्तारक अधिकारी मोहनलाल बालेश्रा ने बताया कि गौ-ग्रास के लिए विशेष ड्रम रखवाए जाएंगे और चारा सभी गायों को बांटकर खिलाया जाएगा। दान देने वालों को रसीद मिलेगी तथा बीमार गाय के गोशाला पहुंचने पर तुरंत इलाज किया जाएगा।
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