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Bhiwani News: अब सरकारी स्कूल में तैयार की जाएगी पोषण वाटिका
Tue, 06 May 2025 10:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 06 May 2025 10:53 PM IST
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भिवानी का सरकारी कन्या विद्यालय।
भिवानी। अब सरकारी स्कूलों में पोषण वाटिकाएं तैयार की जाएंगी। इनमें बच्चों को हरी सब्जियों के साथ-साथ फलों का स्वाद भी चखने की मिलेगा। जिन स्कूलों के पास आधा एकड़ या इससे अधिक खाली जमीन है, वहां चीकू अमरूद आम, पपीता, अनार, अंगूर और हरी सब्जियों के पौधे लगाए जाएंगे।
पोषण वाटिका के लिए जिले से एक स्कूल का चयन किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने अब प्रदेश के हर जिले में एक पोषण वाटिका बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए निदेशालय की तरफ से जिले के एक सरकारी स्कूल का नाम मांगा गया है। जिन स्कूलों में आधा एकड़ या उससे अधिक जमीन उपलब्ध होगी, केवल उसी स्कूल में पोषण वाटिका तैयार की जाएगी।
इस पोषण वाटिका में हरी सब्जियों के पेड़-पौधों के अलावा चीकू, अमरूद, आम, पपीता, अनार, अंगूर, ड्रेगन फ्रूट, नीम, तुलसी के पौधे लगाए जाएंगे। जिलास्तर पर स्कूल का चयन कर उसका नाम मुख्यालय को भेजना होगा।
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वहीं, सरकारी स्कूलों में हर्बल गार्डन भी विकसित किए जाएंगे। इसके लिए सरकार स्कूलों को परिसरों में गार्डन बनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसका मकसद औषधीय खेती को बढ़ाने, उपयोग की जानकारी छात्रों को देना और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि जिन स्कूलों में उपयुक्त जगह है, वहां 500 वर्ग मीटर में ये हर्बल गार्डन तैयार किए जाएंगे। इसके रखरखाव के लिए केंद्र सरकार इन स्कूलों को 5 साल तक अनुदान राशि देगी।
इन स्कूलों को पहले साल 25 हजार रुपये और अगले 4 चार सालों तक हर वर्ष सात हजार रुपये रखरखाव के लिए दिए जाएंगे। इन हर्बल गार्डन में मेथी, धनिया, पालक, पुदीना, आंवला, हल्दी, कढ़ी पत्ता, तुलसी पत्ता और आजवाइन जैसे पौधे लगाए जाएंगे। इनका प्रयोग मिड-डे-मिल में हो सकेगा।
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जिले के एक सरकारी स्कूल में पोषण वाटिका व अन्य सभी में हर्बल गार्डन खोले जाने की विभाग की योजना है। पोषण वाटिका के लिए एक स्कूल का चयन कर मुख्यालय को रिपोर्ट जल्द भेज दी जाएगी। मंजूरी मिलते ही पोषण वाटिका का शुभारंभ कर दिया जाएगा।
- सुभाष भारद्वाज, जिला शिक्षा अधिकारी, भिवानी।
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पोषण वाटिका के लिए जिले से एक स्कूल का चयन किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने अब प्रदेश के हर जिले में एक पोषण वाटिका बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए निदेशालय की तरफ से जिले के एक सरकारी स्कूल का नाम मांगा गया है। जिन स्कूलों में आधा एकड़ या उससे अधिक जमीन उपलब्ध होगी, केवल उसी स्कूल में पोषण वाटिका तैयार की जाएगी।
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इस पोषण वाटिका में हरी सब्जियों के पेड़-पौधों के अलावा चीकू, अमरूद, आम, पपीता, अनार, अंगूर, ड्रेगन फ्रूट, नीम, तुलसी के पौधे लगाए जाएंगे। जिलास्तर पर स्कूल का चयन कर उसका नाम मुख्यालय को भेजना होगा।
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वहीं, सरकारी स्कूलों में हर्बल गार्डन भी विकसित किए जाएंगे। इसके लिए सरकार स्कूलों को परिसरों में गार्डन बनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसका मकसद औषधीय खेती को बढ़ाने, उपयोग की जानकारी छात्रों को देना और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि जिन स्कूलों में उपयुक्त जगह है, वहां 500 वर्ग मीटर में ये हर्बल गार्डन तैयार किए जाएंगे। इसके रखरखाव के लिए केंद्र सरकार इन स्कूलों को 5 साल तक अनुदान राशि देगी।
इन स्कूलों को पहले साल 25 हजार रुपये और अगले 4 चार सालों तक हर वर्ष सात हजार रुपये रखरखाव के लिए दिए जाएंगे। इन हर्बल गार्डन में मेथी, धनिया, पालक, पुदीना, आंवला, हल्दी, कढ़ी पत्ता, तुलसी पत्ता और आजवाइन जैसे पौधे लगाए जाएंगे। इनका प्रयोग मिड-डे-मिल में हो सकेगा।
जिले के एक सरकारी स्कूल में पोषण वाटिका व अन्य सभी में हर्बल गार्डन खोले जाने की विभाग की योजना है। पोषण वाटिका के लिए एक स्कूल का चयन कर मुख्यालय को रिपोर्ट जल्द भेज दी जाएगी। मंजूरी मिलते ही पोषण वाटिका का शुभारंभ कर दिया जाएगा।
- सुभाष भारद्वाज, जिला शिक्षा अधिकारी, भिवानी।