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Bhiwani News: अब डीसी कार्यालय के रिकॉर्ड रूम से भी गायब हुआ बरसाती कुंड का पुराना रिकॉर्ड

Wed, 02 Jul 2025 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Wed, 02 Jul 2025 01:06 AM IST
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Now the old record of Barsati Kund has disappeared from the record room of DC office
उपायुक्त कार्यालय के रिकाॅर्ड  रूम द्वारा ​कर्मचारी द्वारा शिकायत कर्ता को दिया गया जवाब।
भिवानी। करीब डेढ़ सौ साल पुराने ऐतिहासिक बरसाती कुंड मामले में अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। अब उपायुक्त कार्यालय के रिकॉर्ड रूम की नकल शाखा से भी बरसाती कुंड से जुड़ा पुराना रिकॉर्ड गायब पाया गया है। इस बात की पुष्टि स्वयं नकल शाखा के कर्मचारी ने शिकायतकर्ता को प्रमाणित रिपोर्ट सौंपकर की है, जिसमें कहा गया है कि गांव देवसर के इंतकाल नंबर 240 से संबंधित कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इससे मामला और अधिक संदेहास्पद होता जा रहा है।
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स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने बरसाती कुंड की बिक्री में हुई गड़बड़ियों को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं भिवानी तहसील के तहसीलदार का कहना है कि यह मामला उपायुक्त कार्यालय से जुड़ा है। दूसरी ओर, राजस्व विभाग के वित्तायुक्त ने भी बरसाती कुंड की संदिग्ध रजिस्ट्री के संबंध में उपायुक्त से रिपोर्ट तलब की है।
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हालांकि, भिवानी तहसील कार्यालय से अब तक यह रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को नहीं भेजी गई है। बताया जा रहा है कि संबंधित पटवारी और कानूनगो रिकॉर्ड को छिपाकर स्वयं को इस मामले से बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
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गांव देवसर निवासी मंगल सिंह चौहान ने 11 जून 1910 को हिब्बानामा के माध्यम से कुसुंभी मोड़, दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे के पास स्थित करीब सवा एकड़ भूमि, जिसकी वर्तमान अनुमानित कीमत लगभग 20 करोड़ रुपये है, लुधियाना निवासी टोहरमल को धर्मार्थ कार्यों के लिए दान में दी थी। उस समय भूमि पर कुछ मकान भी बने हुए थे। इसके पश्चात वहां बरसाती कुंड का निर्माण किया गया।

राजस्व विभाग की 1908-09 की जमाबंदी में यह भूमि हिब्बानामा के माध्यम से धर्मार्थ कार्य के लिए दान की गई दिखायी गई है। बावजूद इसके, इस भूमि को हड़पने की नीयत से तत्कालीन तहसीलदार ने अपने रिश्तेदार के नाम मुख्तयारनामा के जरिए हिस्सेदारी दर्शाकर फर्जी रजिस्ट्री करवा दी और मूल हिब्बानामा रिकॉर्ड को गायब करवा दिया गया।

अब जब स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने 24 जून को उपायुक्त कार्यालय के रिकॉर्ड रूम से इंतकाल संख्या 240 की प्रमाणित प्रति मांगी, तो 30 जून को उन्हें जो रिपोर्ट सौंपी गई, उसमें यह स्पष्ट किया गया कि संबंधित रिकॉर्ड कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। संवाद



वित्तायुक्त ने बरसाती कुंड की गलत रजिस्ट्री मामले में रिपोर्ट तलब की, तहसील कार्यालय में मचा हड़कंप

बरसाती कुंड की जमीन की बिक्री मामले में स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने 23 अप्रैल को राजस्व विभाग के वित्तायुक्त को शिकायत सौंपी थी। इसके बाद 26 मई को वित्तायुक्त ने उपायुक्त भिवानी से इस भूमि की गलत रजिस्ट्री की रिपोर्ट तलब की। 27 मई को उपायुक्त ने तहसीलदार भिवानी को पत्र भेजकर तत्कालीन तहसीलदार द्वारा की गई रजिस्ट्री की पूरी जानकारी और रिकॉर्ड प्रस्तुत करने को कहा। इसके बाद तहसीलदार ने संबंधित पटवारी और कानूनगो से रिकॉर्ड तलब किया। लेकिन अब तक न तो रिकॉर्ड प्रस्तुत किया गया और न ही रिपोर्ट भेजी गई है। कहा जा रहा है कि पटवारी और कानूनगो स्वयं को इस मामले से बचाने के प्रयास में रिकॉर्ड को छिपा रहे हैं। इस कारण तहसील कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों में खलबली मच गई है।





उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की भी गुजारिश की

गांव देवसर की हद में आने वाली कुसुंभी मोड़ पर ऐतिहासिक बरसाती कुंड भूमि की गलत रजिस्ट्री मामले को लेकर संगठन की तरफ से एंटी करप्शन ब्यूरो को शिकायत सौंपते हुए इस गड़बड़झाले से जुड़ा पुराना रिकॉर्ड और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से कराई गई रजिस्ट्री के तथ्य मुहैया कराए गए हैं। उपायुक्त कार्यालय के रिकॉर्ड रूम नकल शाखा से बरसाती कुंड के एक इंतकाल दर्ज किए जाने संबंधी रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन जवाब में प्रमाणित कॉपी में कहा गया है कि इससे जुड़ा रिकॉर्ड ही मौजूद नहीं है, इससे साफ होता है कि गलत रजिस्ट्री करने से पहले ही संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से उपायुक्त कार्यालय से रिकॉर्ड गायब किया गया है। इसकी उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की भी गुजारिश की गई है। – बृजपाल सिंह परमार, अध्यक्ष, स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन, भिवानी






पटवारी और कानूनगो से रिपोर्ट मांगी

बरसाती कुंड से जुड़े रिकॉर्ड की संबंधित पटवारी और कानूनगो से रिपोर्ट मांगी गई है। लेकिन उपायुक्त कार्यालय के रिकॉर्ड रूम नकल शाखा का तहसील कार्यालय से सीधा संबंध नहीं है। इसलिए इस मामले में अधिक सटीक जानकारी उपायुक्त कार्यालय से ही प्राप्त की जा सकती है।

– सुरेश कुमार, तहसीलदार, तहसील भिवानी
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