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Bhiwani News: अब शहरी दायरे में 98 किमी पेयजल तो 22 किमी सीवर लाइन का तकनीकी मंजूरी के लिए दिसंबर में मुख्यालय जाएगा मसौदा
Mon, 02 Dec 2024 11:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 02 Dec 2024 11:13 PM IST
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भिवानी। शहर में अब 98 किलोमीटर दायरे में नई पेयजल तो करीब 22 किलोमीटर दायरे में नई सीवर लाइन डालने का मसौदा तकनीकी मंजूरी के लिए 20 दिसंबर को मुख्यालय भेजा जाएगा। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी पेयजल और सीवर के अलग-अलग एस्टीमेट को तैयार कराने में जुटे हैं, जिसको लेकर 6 दिसंबर को मुख्यालय में ही मंथन बैठक होगी।
पेयजल और सीवर के मसौदों पर मुख्यालय से अगर कोई आपत्ति दर्ज होती है तो उसे 20 दिसंबर से पहले ही दूर किया जाएगा। इसके बाद इस मसौदे को अंतिम रूप देकर तकनीकी मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। भिवानी शहर में 82 करोड़ से सीवर और 233 करोड़ के बजट से नई पेयजल लाइन डालने का खाका तैयार हुआ है।
भिवानी शहर की अधिकांश कॉलोनियों में गंदे पानी और सीवर लाइनों में पानी की लाइनों की क्राॅसिंग की दिक्कत है। इस वजह से जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के समक्ष भी हर माह करीब 70 से 80 शिकायतें आती हैं। इनका समाधान कराने के लिए करीब 45 साल पुरानी पानी की लाइनों को बदला जाना है।
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लोहे की लाइनें ये कई जगह से जंग खाकर अब बहुत कमजोर भी हो चुकी हैं, जिनकी वजह से पानी का प्रेशर में ये लीक भी हो रही हैं। शहर में पानी और सीवर के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने दो अलग-अलग प्रोजेक्ट तैयार किए हैं, जिनमें व्यापक स्तर पर इन पर काम होना है।
15 किलोमीटर दायरे में बदली जाएंगी 50 साल पुरानी पेयजल लाइन
शहर के अंदर करीब 15 किलोमीटर दायरे में लीक हो चुकी करीब 50 साल पुरानी पेयजल लाइनें भी अब बदली जाएंगी। इसके अलावा कई जगह प्लास्टिक पाइप की पानी की लाइनें हैं, इन्हें भी बदला जाना है। शहरी दायरे में 98 किलोमीटर दायरे में नई पेयजल लाइन डालने का सर्वे हो चुका है। इस पर 233 करोड़ का संभावित बजट खर्च आएगा। इस सर्वे में पुराने शहर की लीकेज हो रही लाइनों के अलावा बाहरी दायरे की नई कॉलोनियों को भी शामिल किया है। इनमें कई अनधिकृत कॉलोनियां भी शामिल हैं, जिनमें अब लोगों को पेयजल सुविधाएं भी मिलेंगी।
बढ़ेगी जलघरों की क्षमता, नए डिस्पोजल भी बनेंगे
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के नए मसौदे में शहर के अंदर जलघरों की क्षमता व नए बूस्टर निर्माण का खाका भी तैयार किया है। वहीं गंदे पानी की निकासी के लिए नए डिस्पोजल भी बनेंगे। शहर का दायरा बढ़ा है। नई कॉलोनियों में पेयजल जरूरतों के अलावा गंदे पानी की निकासी बड़ी चुनौती बना है। विभाग की नई योजना से इन कॉलोनियों में रहने वाले करीब डेढ़ लाख से अधिक लोगों को इसका फायदा मिलेगा।
शहरी दायरे में सीवर के एस्टीमेट तैयार हो चुके हैं। मुख्यालय में 6 दिसंबर को इनको लेकर उच्चाधिकारियों से बैठक है। इसके बाद शहरी दायरे में सीवर के मसौदों को 20 दिसंबर को अंतिम रूप देते हुए तकनीकी मंजूरी के लिए चीफ इंजीनियर के समक्ष भेजा जाएगा। इससे पहले मुख्यालय से लगाई गई आपत्तियों को दूर किया जाएगा। इस पर तेजी से काम चल रहा है।
-आशीष कुमार, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भिवानी।
शहर की कॉलोनियों के अंदर नई पेयजल लाइनें डाली जाएंगी। विभाग की तरफ से करीब 98 किलोमीटर दायरे में पानी की पाइप लाइन डालने का सर्वे हो चुका है। पुराने शहर में 15 साल से अधिक पुरानी पानी की लाइनों को भी बदला जाना है। इस मसौदे पर काम पूरा हो चुका है। इसे तकनीकी मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा जाएगा। इसके बाद ही इस पर प्रशासनिक मंजूरी सरकार से मिल पाएगी।
-सूर्यकांत, कार्यकारी अभियंता, शहरी पेयजल शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भिवानी।
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पेयजल और सीवर के मसौदों पर मुख्यालय से अगर कोई आपत्ति दर्ज होती है तो उसे 20 दिसंबर से पहले ही दूर किया जाएगा। इसके बाद इस मसौदे को अंतिम रूप देकर तकनीकी मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। भिवानी शहर में 82 करोड़ से सीवर और 233 करोड़ के बजट से नई पेयजल लाइन डालने का खाका तैयार हुआ है।
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भिवानी शहर की अधिकांश कॉलोनियों में गंदे पानी और सीवर लाइनों में पानी की लाइनों की क्राॅसिंग की दिक्कत है। इस वजह से जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के समक्ष भी हर माह करीब 70 से 80 शिकायतें आती हैं। इनका समाधान कराने के लिए करीब 45 साल पुरानी पानी की लाइनों को बदला जाना है।
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लोहे की लाइनें ये कई जगह से जंग खाकर अब बहुत कमजोर भी हो चुकी हैं, जिनकी वजह से पानी का प्रेशर में ये लीक भी हो रही हैं। शहर में पानी और सीवर के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने दो अलग-अलग प्रोजेक्ट तैयार किए हैं, जिनमें व्यापक स्तर पर इन पर काम होना है।
15 किलोमीटर दायरे में बदली जाएंगी 50 साल पुरानी पेयजल लाइन
शहर के अंदर करीब 15 किलोमीटर दायरे में लीक हो चुकी करीब 50 साल पुरानी पेयजल लाइनें भी अब बदली जाएंगी। इसके अलावा कई जगह प्लास्टिक पाइप की पानी की लाइनें हैं, इन्हें भी बदला जाना है। शहरी दायरे में 98 किलोमीटर दायरे में नई पेयजल लाइन डालने का सर्वे हो चुका है। इस पर 233 करोड़ का संभावित बजट खर्च आएगा। इस सर्वे में पुराने शहर की लीकेज हो रही लाइनों के अलावा बाहरी दायरे की नई कॉलोनियों को भी शामिल किया है। इनमें कई अनधिकृत कॉलोनियां भी शामिल हैं, जिनमें अब लोगों को पेयजल सुविधाएं भी मिलेंगी।
बढ़ेगी जलघरों की क्षमता, नए डिस्पोजल भी बनेंगे
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के नए मसौदे में शहर के अंदर जलघरों की क्षमता व नए बूस्टर निर्माण का खाका भी तैयार किया है। वहीं गंदे पानी की निकासी के लिए नए डिस्पोजल भी बनेंगे। शहर का दायरा बढ़ा है। नई कॉलोनियों में पेयजल जरूरतों के अलावा गंदे पानी की निकासी बड़ी चुनौती बना है। विभाग की नई योजना से इन कॉलोनियों में रहने वाले करीब डेढ़ लाख से अधिक लोगों को इसका फायदा मिलेगा।
शहरी दायरे में सीवर के एस्टीमेट तैयार हो चुके हैं। मुख्यालय में 6 दिसंबर को इनको लेकर उच्चाधिकारियों से बैठक है। इसके बाद शहरी दायरे में सीवर के मसौदों को 20 दिसंबर को अंतिम रूप देते हुए तकनीकी मंजूरी के लिए चीफ इंजीनियर के समक्ष भेजा जाएगा। इससे पहले मुख्यालय से लगाई गई आपत्तियों को दूर किया जाएगा। इस पर तेजी से काम चल रहा है।
-आशीष कुमार, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भिवानी।
शहर की कॉलोनियों के अंदर नई पेयजल लाइनें डाली जाएंगी। विभाग की तरफ से करीब 98 किलोमीटर दायरे में पानी की पाइप लाइन डालने का सर्वे हो चुका है। पुराने शहर में 15 साल से अधिक पुरानी पानी की लाइनों को भी बदला जाना है। इस मसौदे पर काम पूरा हो चुका है। इसे तकनीकी मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा जाएगा। इसके बाद ही इस पर प्रशासनिक मंजूरी सरकार से मिल पाएगी।
-सूर्यकांत, कार्यकारी अभियंता, शहरी पेयजल शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भिवानी।