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Bhiwani News: अब मेडिकल कॉलेज के लिए अलग से बनेगा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, ढाई किलोमीटर लंबी डाली जाएगी अलग से लाइन
Thu, 10 Oct 2024 10:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 10 Oct 2024 10:39 PM IST
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भिवानी। अब मेडिकल कॉलेज के लिए अलग से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। इसके लिए पुराना जलघर से मेडिकल कॉलेज मुख्य परिसर तक करीब ढाई किलोमीटर लंबी स्पेशल लाइन भी डाली जाएगी। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने करीब चार करोड़ का मसौदा मुख्यालय को मंजूरी के लिए भेजा है। इसी माह मंजूरी मिलने की भी उम्मीद है।
पुराना जलघर के अंदर ही वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा। हांसी रोड मिल्क प्लांट के समीप बने मेडिकल कॉलेज परिसर के लिए ये वाटर ट्रीटमेंट प्लांट अलग से तैयार किया जाएगा। भिवानी में मेडिकल कॉलेज तीन खंडों में तैयार किया गया है। इसके अलावा दो खंड जिला नागरिक अस्पताल और तोशाम रोड पुनर्वास केंद्र के समीप भी बनाया गया है।
हांसी रोड स्थित मिल्क चिलिंग प्लांट के समीप मेडिकल कॉलेज का नया खंड बनकर तैयार हो चुका है। इस खंड में मेडिकल छात्रों को चिकित्सा, सर्जरी व अध्ययन के लिए कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। यहां पर ही चिकित्सा अधिकारियों के लिए भी अलग से प्रशासनिक खंड भी रहेगा। इस परिसर के लिए महम रोड स्थित पुराना जलघर के वाटर टैंकों के समीप ही खाली जगह पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाने का मसौदा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने तैयार किया है। इसे मुख्यालय को भी भेजा जा चुका है।
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करीब चार करोड़ की लागत से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के अलावा पंप चैंबर, क्लीयर वाटर के लिए भी अलग से काम होगा। ट्रीटमेंट प्लांट से मेडिकल परिसर तक करीब ढाई किलोमीटर लंबी अलग से लाइन भी डाली जाएगी। ये ट्रीटमेंट प्लांट सिर्फ मेडिकल कॉलेज के लिए ही होगा।
अब नागरिक अस्पताल के समीप बना मेडिकल कॉलेज डाबर कॉलोनी वाटर वर्क्स से जुड़ेगा
जिला नागरिक अस्पताल के समीप बना मेडिकल कॉलेज का नया खंड अब डाबर कॉलोनी वाटर वर्क्स से जोड़ा जाएगा। फिलहाल मेडिकल कॉलेज के नए खंड और नागरिक अस्पताल की पेयजल आपूर्ति पुराना जलघर से जुड़े नेहरू पार्क बूस्टर के जरिये हो रही है। लेकिन अब इसे तोशाम बाईपास बने डाबर कॉलोनी के वाटर वर्क्स से सीधा जोड़ा जाएगा। इसके लिए करीब ढाई किलोमीटर लंबी पानी की स्पेशल लाइन भी डाली जाएगी। पुराना जलघर से शहर के अंदर की अधिकांश कॉलोनियां जुड़ी हैं, जिनके अंदर पहले से ही पानी का संकट बना रहता है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज के लिए लाखों लीटर पानी की आपूर्ति डाबर कॉलोनी के जलघर से होगी।
33 केवी पावर सब स्टेशन से बिजली की हॉट लाइन का चल रहा काम
मेडिकल कॉलेज में बिजली की नियमित आपूर्ति के लिए हांसी रोड स्थित 33 केवी पावर सब स्टेशन से मेडिकल कॉलेज के तीनों खंडों के लिए अलग से बिजली की हॉट लाइन डाली जा रही है। इससे चौबीसों घंटे मेडिकल कॉलेज को बिजली आपूर्ति मिलेगी। इस कार्य के लिए बिजली निगम शहर के अंदर अलग से बिजली टावर और खंभे लगाकर स्पेशल केबल डालने का काम करा रहा है। इसके बाद यहां बिजली आपूर्ति को लेकर किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं रहेगी।
मेडिकल कॉलेज में मरीजों की ओपीडी पर भी बना है संशय
नए मेडिकल कॉलेज में मरीजों की ओपीडी संचालन पर अभी संशय बना है। क्योंकि मेडिकल कॉलेज के नए परिसरों के अंदर बिजली और पानी की व्यवस्था के लिए संबंधित विभाग अभी काम कर रहे हैं। ऐसे में यहां मरीजों की ओपीडी संचालन को लेकर अधिकारी भी असमंजस में हैं। हालांकि चुनाव से पहले यहां ओपीडी शुरू करने की तैयारी हो चुकी थी, लेकिन मामला चुनावी आचार संहिता में फंस चुका था। अब फिर से मेडिकल कॉलेज में मरीजों की ओपीडी संचालन को लेकर नई अड़चनें आ सकती हैं, क्योंकि अभी तक स्टाफ की नियुक्ति नहीं हुई है न ही परिसर के अंदर बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था।
मेडिकल कॉलेज के लिए महम रोड पुराना जलघर परिसर में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। इसका मसौदा मुख्यालय को भेजा हुआ है। इसी माह मंजूरी मिलने की भी उम्मीद है। इसके बाद इसके टेंडर कराकर काम शुरू होने की संभावना है। पुराना जलघर परिसर में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के अलावा पंप चैंबर और क्लीयर वाटर के लिए अलग से भी व्यवस्था होगी। वहीं नागरिक अस्पताल परिसर के समीप बने मेडिकल कॉलेज खंड के लिए डाबर कॉलोनी से सीधी पानी की लाइन डाली जाएगी।
- तेजदीन, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भिवानी।
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पुराना जलघर के अंदर ही वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा। हांसी रोड मिल्क प्लांट के समीप बने मेडिकल कॉलेज परिसर के लिए ये वाटर ट्रीटमेंट प्लांट अलग से तैयार किया जाएगा। भिवानी में मेडिकल कॉलेज तीन खंडों में तैयार किया गया है। इसके अलावा दो खंड जिला नागरिक अस्पताल और तोशाम रोड पुनर्वास केंद्र के समीप भी बनाया गया है।
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हांसी रोड स्थित मिल्क चिलिंग प्लांट के समीप मेडिकल कॉलेज का नया खंड बनकर तैयार हो चुका है। इस खंड में मेडिकल छात्रों को चिकित्सा, सर्जरी व अध्ययन के लिए कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। यहां पर ही चिकित्सा अधिकारियों के लिए भी अलग से प्रशासनिक खंड भी रहेगा। इस परिसर के लिए महम रोड स्थित पुराना जलघर के वाटर टैंकों के समीप ही खाली जगह पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाने का मसौदा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने तैयार किया है। इसे मुख्यालय को भी भेजा जा चुका है।
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करीब चार करोड़ की लागत से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के अलावा पंप चैंबर, क्लीयर वाटर के लिए भी अलग से काम होगा। ट्रीटमेंट प्लांट से मेडिकल परिसर तक करीब ढाई किलोमीटर लंबी अलग से लाइन भी डाली जाएगी। ये ट्रीटमेंट प्लांट सिर्फ मेडिकल कॉलेज के लिए ही होगा।
अब नागरिक अस्पताल के समीप बना मेडिकल कॉलेज डाबर कॉलोनी वाटर वर्क्स से जुड़ेगा
जिला नागरिक अस्पताल के समीप बना मेडिकल कॉलेज का नया खंड अब डाबर कॉलोनी वाटर वर्क्स से जोड़ा जाएगा। फिलहाल मेडिकल कॉलेज के नए खंड और नागरिक अस्पताल की पेयजल आपूर्ति पुराना जलघर से जुड़े नेहरू पार्क बूस्टर के जरिये हो रही है। लेकिन अब इसे तोशाम बाईपास बने डाबर कॉलोनी के वाटर वर्क्स से सीधा जोड़ा जाएगा। इसके लिए करीब ढाई किलोमीटर लंबी पानी की स्पेशल लाइन भी डाली जाएगी। पुराना जलघर से शहर के अंदर की अधिकांश कॉलोनियां जुड़ी हैं, जिनके अंदर पहले से ही पानी का संकट बना रहता है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज के लिए लाखों लीटर पानी की आपूर्ति डाबर कॉलोनी के जलघर से होगी।
33 केवी पावर सब स्टेशन से बिजली की हॉट लाइन का चल रहा काम
मेडिकल कॉलेज में बिजली की नियमित आपूर्ति के लिए हांसी रोड स्थित 33 केवी पावर सब स्टेशन से मेडिकल कॉलेज के तीनों खंडों के लिए अलग से बिजली की हॉट लाइन डाली जा रही है। इससे चौबीसों घंटे मेडिकल कॉलेज को बिजली आपूर्ति मिलेगी। इस कार्य के लिए बिजली निगम शहर के अंदर अलग से बिजली टावर और खंभे लगाकर स्पेशल केबल डालने का काम करा रहा है। इसके बाद यहां बिजली आपूर्ति को लेकर किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं रहेगी।
मेडिकल कॉलेज में मरीजों की ओपीडी पर भी बना है संशय
नए मेडिकल कॉलेज में मरीजों की ओपीडी संचालन पर अभी संशय बना है। क्योंकि मेडिकल कॉलेज के नए परिसरों के अंदर बिजली और पानी की व्यवस्था के लिए संबंधित विभाग अभी काम कर रहे हैं। ऐसे में यहां मरीजों की ओपीडी संचालन को लेकर अधिकारी भी असमंजस में हैं। हालांकि चुनाव से पहले यहां ओपीडी शुरू करने की तैयारी हो चुकी थी, लेकिन मामला चुनावी आचार संहिता में फंस चुका था। अब फिर से मेडिकल कॉलेज में मरीजों की ओपीडी संचालन को लेकर नई अड़चनें आ सकती हैं, क्योंकि अभी तक स्टाफ की नियुक्ति नहीं हुई है न ही परिसर के अंदर बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था।
मेडिकल कॉलेज के लिए महम रोड पुराना जलघर परिसर में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। इसका मसौदा मुख्यालय को भेजा हुआ है। इसी माह मंजूरी मिलने की भी उम्मीद है। इसके बाद इसके टेंडर कराकर काम शुरू होने की संभावना है। पुराना जलघर परिसर में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के अलावा पंप चैंबर और क्लीयर वाटर के लिए अलग से भी व्यवस्था होगी। वहीं नागरिक अस्पताल परिसर के समीप बने मेडिकल कॉलेज खंड के लिए डाबर कॉलोनी से सीधी पानी की लाइन डाली जाएगी।
- तेजदीन, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भिवानी।