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Bhiwani News: अब जिले के 4980 एकड़ भूमि पर बरसाती जलभराव से मिलेगी निजात, दो परियोजनाओं पर काम हुआ पूरा

Fri, 21 Jun 2024 02:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Fri, 21 Jun 2024 02:22 AM IST
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Now 4980 acres of land in the district will get relief from rain waterlogging, work on two projects completed
बरसाती पानी की निकासी के लिए डाली जा रही पाइप लाइन।
भिवानी। अब जिले की 4980 एकड़ कृषि भूमि से बरसाती जलभराव से हमेशा के लिए स्थायी निजात मिलेगी। इसके लिए करोड़ों की दो सिंचाई परियोजनाओं का काम पूरा हो चुका है, जबकि आठ गांवों की आबादी भरे इलाके में जलभराव से निजात दिलाने की एक सिंचाई परियोजना पर अभी काम शुरू हुआ है। वहीं एक परियोजना का काम 65 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
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इन परियोजनाओं से उन किसानों को बरसाती जलभराव से निजात मिलेगी। जिनकी खड़ी फसल जलभराव की वजह से नष्ट हो जाती थी। वहीं दूसरा सूखाग्रस्त इलाका के किसान इस अतिरिक्त पानी का अपने खेतों की सिंचाई के लिए भी इस्तेमाल कर सकेंगे। इस व्यवस्था के लिए सिंचाई विभाग ने करीब 15 से 20 किलोमीटर दायरे में भूमिगत पाइप लाइन भी डाली हैं, जिन्हें नजदीकी ड्रेनों और बड़ी नहरों से जोड़ा गया है।
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भिवानी जिले का काफी इलाका सेमग्रस्त दायरे में आता है। इसकी एक वजह यह भी है कि बारिश के दिनों में यहां बरसात से जलभराव हो जाता है। जिले के करीब आठ गांव तो ऐसे हैं, जो हर साल बरसाती जलभराव का दंश झेलते हैं, अब इन्हें भी जल्द निजात मिलने वाली है। इन इलाकों का बरसाती पानी की निकासी के लिए सिंचाई विभाग ने एचडीपी पाइप डाले हैं, जो नजदीकी ड्रेनों और नहरों में खेतों व आबादी भरे इलाके में बरसाती पानी को इनमें निकासी कराएंगे।
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इसके लिए अतिरिक्त पंपिंग स्टेशन भी बनाए गए हैं। जलभराव की वजह से किसानों की खड़ी फसल भी डूब जाती थी, जिन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता और अगली फसल की बिजाई की भी कोई आस नहीं रहती थी। किसान सालभर में मुख्यत: दो फसल ही लेता है। संवाद
मुंढाल खुर्द और सिंघवा खास दायरे के साढ़े 900 एकड़ को मिलेगी जलभराव से निजात
सिंचाई विभाग ने मुंढाल खुर्द और सिंघवा खास गांव के आसपास साढ़े 900 एकड़ भूमि में बरसाती जलभराव की निकासी के लिए परियोजना का काम पूरा कर दिया है। हिसार-दिल्ली नेशनल हाईवे-9 के दायरे में जलभराव से निजात दिलाने के लिए सिंचाई विभाग ने चार करोड़ 82 लाख की लागत से ढाई किलोमीटर दायरे में एचडीपी पाइप लाइन डाली है। जो 9.92 क्सूसेक पानी को डिस्चार्ज करेगी। इसके लिए 35 बीएचपी क्षमता के चार पंपिंग स्टेशन भी बनाए गए हैं। हाईवे के दायरे का बरसाती पानी मिताथल फीडर में डाला जाएगा। इसका काम पूरा हो चुका है।

9.31 करोड़ की लागत से डाली साढ़े चार किलोमीटर दायरे में एचडीपीई पाइप लाइन

सिंचाई विभाग ने मुंढाल माइनर के साथ-साथ 680 एकड़ कृषि भूमि दायरे में बरसाती पानी की निकासी के लिए नौ करोड़ 31 लाख रुपये की लागत से साढ़े चार किलोमीटर दायरे में एचडीपीई (उच्च घनत्व पॉलीइथिलीन) पाइप लाइन डाली है। इससे मदन हेड़ी और सिंघवा खास और मुंढाल क्षेत्र के आसपास के खेतों में जमा होने वाला बरसाती पानी सुंदर सब ब्रांच में डाला जाएगा। इसका 65 फीसदी काम भी पूरा हो चुका है। वहीं मानसून से पहले इस परियोजना पर भी काम पूरा कर लिया जाएगा। यहां भी पंपिंग स्टेशन बनाए गए हैं, जो बारिश के पानी को नहर तक पहुंचाएंगे। इस पानी का इस्तेमाल सूखाग्रस्त इलाका खानक, किरावड़ गांव के किसान अपने खेतों की सिंचाई में कर पाएंगे।

अब आठ गांवों की 3400 एकड़ भूमि होगी जलभराव से मुक्त
सिंचाई विभाग की एक बड़ी परियोजना पर अभी काम शुरू हुआ है। इससे आठ गांवों की करीब 3400 एकड़ भूमि जलभराव से मुक्त होगी। वहीं आबादी के समीप बने जोहड़ों और घरों के अंदर पानी घुसने की समस्या से भी निजात मिलेगी। सिंचाई विभाग ने 16 करोड़ 63 लाख रुपये की लागत से एचडीपी पाइप लाइन डालने का काम शुरू किया है। इस परियोजना का पूरा होने में अभी समय लगेगा। इससे गांव कुंगड़, सिवाड़ा, जताई, धनाना, बडेसरा, घुसकानी, ढाणी सुखन, प्रेमनगर और तिगड़ाना शामिल है। इन गांवों के बरसाती पानी को नजदीकी ड्रेनों और नहरों में डाला जाएगा। इन गांवों में हर साल बरसाती जलभराव होता है।

एनएच-9 पर 482 लाख की लागत से ढाई किलोमीटर एचडीपी लाइन डाली
मुंढाल के समीप एनएच-9 दीवान होटल के समीप 10 क्यूसेक पानी निकासी क्षमता की 482 लाख की लागत से करीब ढाई किलोमीटर दायरे में एचडीपी पाइप लाइन डाली गई है। इसे मित्ताथल फीडर से जोड़ा गया है। इस इलाके के अतिरिक्त बरसाती पानी को मित्ताथल फीडर में डाला जाएगा। जिसके बाद कैरू और बीरण की ढाणी क्षेत्र के किसान इस पानी का इस्तेमाल खेतों की सिंचाई के लिए कर सकेंगे। इससे भूमिगत पानी का स्तर भी बढ़ेगा। वहीं मुंढाल खुर्द और सिंघवा खास गांव के समीप आबादी भरे इलाकों से भी बरसाती पानी की निकासी का स्थायी प्रबंध होगा। इस परियोजना पर काम पूरा हो चुका है।

सिंचाई विभाग ने मानसून से पहले बरसाती पानी की निकासी की परियोजनाओं पर काम पूरा कर लिया है। जलभराव संभावित इलाकों की हजारों एकड़ भूमि से चंद घंटों के अंदर ही अब पानी की निकासी संभव होगी वहीं इस पानी का इस्तेमाल सूखाग्रस्त इलाकों के किसान भी कर सकेंगे। वहीं भूमिगत पानी का स्तर भी बढ़ेगा। जिन किसानों को जलभराव से नुकसान झेलना पड़ता था, अब वे अपने खेतों में अच्छी पैदावार भी ले पाएंगे।
- जितेंद्र मान कार्यकारी अभियंता भिवानी वाटर सर्विसेज भिवानी सिंचाई विभाग।
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