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Bhiwani News: अनुचित गिरफ्तारी पर पुलिस अधिकारी को नोटिस जारी, एसपी से मांगा स्पष्टीकरण
Thu, 08 Jan 2026 10:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 08 Jan 2026 10:47 PM IST
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भिवानी। हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने भिवानी के थाना सदर में सिविल विवाद के दौरान बीएनएस की धारा 126/170 का अनुचित प्रयोग कर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किए जाने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने इसे मानव अधिकारों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए संबंधित पुलिस अधिकारी सहायक उप निरीक्षक वीरेंद्र को कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। वहीं, आयोग ने एसपी से भी स्पष्टीकरण मांगा है।
आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा ने कहा कि बीएनएस की धारा 126 और 170 का उद्देश्य निवारक न्याय है न कि दंडात्मक। इनके प्रयोग के लिए निर्धारित शर्तें पूरी नहीं होने पर इन्हें लागू नहीं किया जा सकता। वहीं, पुलिस अधीक्षक भिवानी की रिपोर्ट के अनुसार मामले की जांच सिविल प्रकृति की थी। बावजूद इसके सहायक उप निरीक्षक ने इसे शांति भंग या अपराध की आशंका में बदलकर धारा 126/170 का प्रयोग किया। आयोग ने इसे एकतरफा और चयनात्मक कार्रवाई कर अधिकारी के पक्षपात और शक्ति दुरुपयोग का संकेत माना।
अगली सुनवाई की तिथि 25 फरवरी निर्धारित :
आयोग के असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा ने बताया कि सहायक उप निरीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पुलिस अधीक्षक भिवानी से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। संबंधित अधिकारी को अपना जवाब आयोग के जांच निदेशक के माध्यम से अगली सुनवाई से एक सप्ताह पूर्व पेश करना होगा। अगली सुनवाई की तिथि 25 फरवरी निर्धारित की गई है।
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आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा ने कहा कि बीएनएस की धारा 126 और 170 का उद्देश्य निवारक न्याय है न कि दंडात्मक। इनके प्रयोग के लिए निर्धारित शर्तें पूरी नहीं होने पर इन्हें लागू नहीं किया जा सकता। वहीं, पुलिस अधीक्षक भिवानी की रिपोर्ट के अनुसार मामले की जांच सिविल प्रकृति की थी। बावजूद इसके सहायक उप निरीक्षक ने इसे शांति भंग या अपराध की आशंका में बदलकर धारा 126/170 का प्रयोग किया। आयोग ने इसे एकतरफा और चयनात्मक कार्रवाई कर अधिकारी के पक्षपात और शक्ति दुरुपयोग का संकेत माना।
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अगली सुनवाई की तिथि 25 फरवरी निर्धारित :
आयोग के असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा ने बताया कि सहायक उप निरीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पुलिस अधीक्षक भिवानी से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। संबंधित अधिकारी को अपना जवाब आयोग के जांच निदेशक के माध्यम से अगली सुनवाई से एक सप्ताह पूर्व पेश करना होगा। अगली सुनवाई की तिथि 25 फरवरी निर्धारित की गई है।
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