उन्माद की आग में भी नहीं डिगा इनका हौसला
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। लाठी-डंडों से लैस और उन्माद में पगलाई भीड़ का दृश्य आज भी उनके दिमाग में कौंधते हैं। हाथ व पांव तुड़वाने के बाद अस्पताल पहुंचे हरियाणा पुलिस के एएसआई और चौकी प्रभारी वो मंजर भुलाए नहीं भूल पा रहे हैं। दोनों ने लाठियां खाई, पर बहादुरी से कर्तव्य निभाया। एएसआई ने घायल होने के बावजूद आग की लपटों से घिरी अपनी पुलिस चौकी (अचीना ताला पुलिस चौकी) को बचाने के लिए खूब जद्दोजहद की।
मार खाई...पर नहीं छोड़ी पुलिस चौकी
रात करीब साढ़े 12 बजे का समय था। वह चौकी में सोया हुआ था और कमरा खुला था। अचानक 70-80 लोग हाथों में लाठी-डंडे, रॉड आदि हथियार लेकर आए। चौकी में तेल डाल आग लगा दी। बहुत खौफनाक नजारा था। वह कुछ समझ पाता उससे पहले ही लोगों ने लाठी-डंडों, रॉड से हमला कर दिया। तेल भी साथ लिये हुए थे। गनीमत रही कि तेल दरवाजे तक ही फैल पाया और अंदर नहीं आ सका। अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। उस दिन का खौफनाक नजारा था। उसे साथी पुलिस कर्मी किसी तरह चौकी से निकालकर अस्पताल लाया। लोगों की भीड़ ऐसी थी कि उसे मार डालती। कल शुक्रवार को हाथ में आए फ्रेक्चर का ऑपरेशन हुआ। वह फिलहाल अस्पताल में उपचाराधीन है। ओमप्रकाश ने कहा कि उपद्रवियों की कोई जाति नहीं होती। चौकी से असलाह पहले ही निकालकर भिवानी सदर थाना पहुंचा दिया था।
(उपद्रवियों के हाथों घायल हुए मुंढाल पुलिस चौकी प्रभारी ओमप्रकाश ने जैसा अमर उजाला को बताया)
टांग में फ्रेक्चर, फिर भी बुझाई चौकी में लगी आग
रात साढ़े आठ बजे अचानक लोगों की भीड़ लाठी-डंडे लेकर आई। वह रोकने का प्रयास करता रहा मगर चौकी में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। कुछ मिनटों में ही उपद्रवी तोड़फोड़ कर आग लगा गए। हमला भी किया। इसी दौरान चोट लगने से उसके घुटने व पांव में फ्रेक्चर हुआ। इसके बाद भी उन्होंने पास के ही पानी के टैंक से पानी भरकर चौकी में लगी आग को बुझाया, चौकी को बचाया। मगर उपद्रवी कुछ सरकारी बाइक व इंपाउंड की गई कुछ बाइकों में आग लगा गए।
(अचीना ताल पुलिस चौकी में तैनात जख्मी एएसआई प्रदीप कुमार ने जैसा अमर उजाला को बताया)