लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani ›   No coordination between two departments, increasing problems of people

ग्राउंड रिपोर्ट: एक के लिए सुविधा तो दूसरे के लिए बनी दुविधा, तालमेल नहीं होना बनी अड़चन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 05 Jul 2022 11:45 PM IST
जीतू वाला फाटक पर लाइन शिफ्टिंग के कारण बंद पड़ा कार्य। संवाद
जीतू वाला फाटक पर लाइन शिफ्टिंग के कारण बंद पड़ा कार्य। संवाद - फोटो : Bhiwani
विज्ञापन
ख़बर सुनें
भिवानी। एक विभाग की सुविधा दूसरे सरकारी विभाग के लिए दुविधा बन रही है। दोनों विभागों के कर्मचारियों व अधिकारियों में तालमेल का अभाव विकास योजनाओं में बड़ी अड़चन बन गया है। दिनोद रोड पर बीएंडआर विभाग 18 करोड़ रुपये की लागत से शहर का सबसे छोटा 600 मीटर लंबे रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण करवा रहा है, मगर तालमेल की कमी से काम की बनाने की बजाय बिगाड़ रही है। ऐसे इसलिए क्योंकि इस रोड से पेयजल बूस्टर की लाइन जाती है। जिसे जनस्वास्थ्य तीन बार शिफ्ट कर चुका है लेकिन दूसरे विभाग द्वारा कार्यप्रणाली स्पष्ट नहीं करने के कारण यह लाइन काम में बाधा बन रही है।

दिनोद रोड जीतूवाला रेलवे फाटक संख्या सी-52 पर आरओबी का निर्माण 2021 में शुरू हुआ था। कृष्णा कॉलोनी और जीतूवाला रेलवे फाटक पार दोनों ही जगह घनी आबादी है। जिसकी वजह से यह जगह काफी संकरी है। जिस कारण पुल निर्माण में एक के बाद एक काफी अड़चनें आ रही हैं। यहां पर पुल बनाने के लिए पिलर बनाए जाने हैं। और पिलर बनाए जाने से पहले उनकी मजबूती के लिए फाउंडेशन बनाने हैं। उन फाउंडेशन को बनाने से पहले सीवर, बिजली और पानी को लाइन को शिफ्ट किया जाना है। कृष्णा कॉलोनी छोर पर बिजली, पानी और सीवर लाइन शिफ्ट हो गई। मगर जीतूवाला रेलवे फाटक पार इलाके में सीवर लाइन शिफ्ट होने के बाद पानी की लाइन शिफ्ट करना संबंधित विभाग के अधिकारियों के लिए ही परेशानी बन गई। पिछले छह माह में तीन बार पानी की लाइन शिफ्ट की जा चुकी है। मगर पिलर निर्माण के दौरान यह लाइन बार-बार क्षतिग्रस्त हो गई। जिसकी वजह से इलाके के लोगों को पेयजल संकट झेलना पड़ा रहा है, वहीं जनस्वास्थ्य विभाग को भी नुकसान का सामना करना पड़ा। बीएंडआर और जनस्वास्थ्य विभाग के बीच तालमेल नहीं होने का खामियाजा लोगों को भी भुगतना पड़ा। अब जनस्वास्थ्य विभाग ने लाइन शिफ्ट करने से पहले पुल निर्माण करने वाली एजेंसी को अल्टीमेटम दे डाला कि वे पहले पिलर निर्माण का काम पूरा करे, उसके बाद ही बूस्टर लाइन शिफ्ट होगी। इसके अलावा पुल के निर्माणकार्य में कुछ अतिक्रमण भी आड़े आ रहे हैं, जिन्हें अभी तक हटाया नहीं गया है।

रास्ता बंद, तीन किलोमीटर का लगा रहे चक्कर
दिनोद रोड लाइनपार की करीब डेढ़ दर्जन कॉलोनियों में करीब 50 हजार लोगों की आबादी है। जिनके आने जाने का रास्ता करीब तीन माह से बंद पड़ा है। कृष्णा कॉलोनी फाटक पर रास्ता बंद कर दिया है। जिसकी वजह से लाइनपार कॉलोनी वासियों को तोशाम बाईपास से होकर शहर में आना जाना पड़ता है। जिसकी वजह से उन्हें करीब तीन किलोमीटर अधिक दूरी तय करनी पड़ती है है।
रास्ता गहरी खाई में बदला, अब रोजाना हो रहे हैं हादसे
दिनोद रोड पर पुल निर्माण का काम करीब डेढ़ साल से चल रहा है। छह माह से रास्ते में जगह जगह खाई खोदी गई है। जिसकी वजह से रास्ता बंद है। जल्दी के चक्कर में लोग कई बार इधर से गुजरते हैं तो खाई में गिरकर घायल हो जाते हैं। प्रशासन से कई बार मांग उठा चुके हैं कि जल्दी से जल्दी पुल निर्माण का काम पूरा हो।
-रवि कुमार, क्षेत्रवासी।
पुल निर्माण में अभी तक पिलर खड़े किए जाने का काम भी पूरा नहीं हुआ है। यहां डेढ़ साल से लोग परेशानी झेल रहे हैं। घरों के आगे खाई खुदी है तो आने जाने का रास्ता भी बंद है। बच्चे भी घरों के बाहर नहीं खेल सकते। हमारी मांग है कि पुल निर्माण के काम में तेजी लाई जाए, ताकि लोगों को इस परेशानी से निजात मिले।
-पंकज, क्षेत्रवासी।
पुल निर्माण का काम काफी धीमा चल रहा है। हमें उम्मीद थी कि जल्द यहां पुल बन जाएगा तो इसका इलाके के लोगों को फायदा मिलेगा, मगर जिस गति से एजेंसी काम कर रही हैं, उससे तो लगता है कि एक से डेढ़ साल और परेशानी झेलनी पड़ेगी। हमें शहर जाने के लिए भी तोशाम बाईपास से घूमकर जाना पड़ता है।
-विष्णु, क्षेत्रवासी।
पुल निर्माण की वजह से तीन से चार बार लाइन शिफ्ट की, लेकिन हर बार पिलर निर्माण के दौरान कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारियों ने लाइन तोड़ दी। जिस वजह से विभाग को भी काफी नुकसान हुआ है। अब पहले पुल निर्माण करने वाली एजेंसी अपने पिलर निर्माण का काम पूरा करेगी, उसके बाद पेयजल लाइन को शिफ्ट किया जाएगा, ताकि कोई नुकसान न हो और लोगों को भी असुविधा न झेलनी पड़े।
-प्रमोद कुमार, कार्यकारी अभियंता, शहरी पेयजल शाखा, जनस्वास्थ्य विभाग भिवानी।
दिनोद रोड पर रेलवे ओवरब्रिज निर्माण का काम करीब 40 फीसदी पूरा हो चुका है। पुल के पिलर बनाए जा रहे हैं। पिलर बनाने का काम पूरा होने के बाद पुल का ऊपरी ढांचा तैयार कराया जाएगा। संबंधित विभागों से भी लगातार तालमेल बैठाकर काम करा रहे हैं।
- राहुल चहल, कार्यकारी अभियंता, बीएंडआर विभाग भिवानी।

जीतू वाला फाटक स्थित पुल निर्माण का कार्य में लगे मजदूर। संवाद

जीतू वाला फाटक स्थित पुल निर्माण का कार्य में लगे मजदूर। संवाद- फोटो : Bhiwani

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00