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Bhiwani News: नए कलेक्टर रेट लागू, पहले ही दिन हुईं 25 रजिस्ट्रियां, लोगों पर बढ़ा आर्थिक बोझ

Mon, 04 Aug 2025 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Mon, 04 Aug 2025 11:25 PM IST
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New collector rate implemented, 25 registrations done on the first day, financial burden increased on people
​भिवानी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री करवाते लोग। 
भिवानी। अब आम आदमी के लिए घर का सपना और महंगा हो गया है। जिले में शहरी और ग्रामीण इलाकों के लिए नए कलेक्टर रेट लागू कर दिए गए हैं। एक अगस्त से लागू इन दरों पर सोमवार को तहसील कार्यालय में लगभग 25 रजिस्ट्रियां दर्ज हुईं। शहरी क्षेत्रों के पॉश इलाकों और सेक्टरों में कलेक्टर रेट 20 प्रतिशत तक बढ़ा दिए गए हैं जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। इससे रजिस्ट्री की लागत में भी भारी इजाफा हुआ है जिससे आम आदमी पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
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दरअसल, अब तक शहर के बाईपास क्षेत्र में कलेक्टर रेट अपेक्षाकृत कम लगने से भूमि सस्ती पड़ती थी। लेकिन अब सरकार के आदेशों के तहत जिला प्रशासन ने नए कलेक्टर रेट जारी कर दिए हैं और इन्हीं रेटों के अनुसार जमीन की रजिस्ट्री की जा रही है। जिले में वर्ष 2025-26 के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन के रेट नए सिरे से निर्धारित किए गए हैं।
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हर तहसील में बढ़े रेट, सभी क्षेत्रों में महंगी होंगी रजिस्ट्रियां
तहसील भिवानी में ग्रामीण क्षेत्र के रेट 10 से 15 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ाए गए हैं। लोहारू, तोशाम, बहल और सिवानी की तहसीलों में शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों के लिए 10 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। वहीं बवानीखेड़ा में ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से 20 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 10 से 15 प्रतिशत तक कलेक्टर रेट बढ़े हैं। ये सभी रेट जिला भिवानी की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं।
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लाखों रुपये तक प्रति गज तक पहुंचे जमीन के भाव
नए कलेक्टर रेट लागू होने के बाद शहरी क्षेत्रों में जमीन के भाव आसमान छूने लगे हैं। हांसी गेट, नया बाजार, रोहतक गेट, घंटाघर से दिनोद गेट जैसे क्षेत्रों में प्रति वर्ग गज दर लाखों रुपये तक पहुंच चुकी है। ऐसे में नए रेटों पर रजिस्ट्री कराने पर स्टांप ड्यूटी की लागत भी काफी अधिक देनी पड़ रही है। आम आदमी के लिए शहरी क्षेत्र में जमीन खरीदना और मकान बनाना अब पहले से ज्यादा कठिन हो गया है।


नए कलेक्टर रेट आने से रजिस्ट्री करवाना महंगा हो गया है। मुझे अपने गांव के प्लॉट की रजिस्ट्री करवानी थी लेकिन नए रेटों के कारण रजिस्ट्री 10 से 15 फीसदी महंगी हुई। इससे आम आदमी पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। - मोहित, ग्रामीण।


कलेक्टर रेट बढ़ने से आम आदमी पर सीधी मार पड़ी है। मैं अपने शहरी प्लॉट की रजिस्ट्री कराने गया था, वहां पता चला कि शहरी क्षेत्र में रेट 20 फीसदी तक बढ़ गए हैं। अब रजिस्ट्री पर ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। - रोहित, ग्रामीण।



सरकार द्वारा एक अगस्त से नए कलेक्टर रेट जारी किए गए हैं, जिनके तहत अब रजिस्ट्री की जा रही है। सोमवार को तहसील कार्यालय में कुल 25 रजिस्ट्रियां दर्ज हुईं। सभी नए रेट राजस्व विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। - सुशील शर्मा, जिला राजस्व अधिकारी, भिवानी।
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