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लापरवाही भरमार, अधिकारी बोले - हम हैं तैयार
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नागरिक अस्पताल में दवाई की खिड़की पर बगैर मास्क व सामुदायिक दूरी के लाइन में लगे मरीज व तीमारदार।
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। कोरोना संक्रमण फिर से फैलने लगा है और लोगों को चौथी लहर का डर सता रहा है। इसको लेकर अलर्ट जारी किया गया है। वहीं कोई प्रशासनिक सख्ती नहीं होने से बाजारों, सरकारी कार्यालयों, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड पर लापरवाही की भरमार है। लोग मास्क नहीं लगा रहे हैं और सामुदायिक दूरी भी नहीं दिख रही है। सैनिटाइजर को तो लोग भूल ही गए है।
स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था देखे तो विशेषज्ञ चिकित्सकों खासकर बाल रोग विशेषज्ञों, फिजिशियन की कमी के कारण सभी तैयारियां अधूरी हैं। हालांकि प्रशासनिक व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि वे चौथी लहर से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
आईसीयू बने, मगर मशीन चलाने के लिए विशेषज्ञ नहीं
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर में स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों के लिए अलग से नीकू आईसीयू, पीकू वार्ड, बड़ी उम्र के संक्रमितों के लिए अलग आईसीयू बनाया था। इनमें मरीजों के उपचार के लिए 28 वेंटिलेटर, बाईपेप मशीन सहित अन्य मशीनें लगाई गई। मगर इन मशीनों को ऑपरेट करने के लिए अब तक कोई भी विशेषज्ञ तैनात नहीं हो पाया है, जिसकी वजह से चौथी लहर में बड़ी समस्या बन सकती है।
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साढ़े चार लाख बच्चों पर महज एक बाल रोग विशेषज्ञ
जिले में 16 साल से कम आयु के करीब साढ़े चार लाख बच्चे है। इन बच्चों के उपचार के लिए सरकारी अस्पतालों में अगर रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की बात करें तो उनकी संख्या महज एक है। जिला मुख्यालय पर स्थित नागरिक अस्पताल में डॉ. रीटा सिसोदिया बतौर बाल रोग विशेषज्ञ तैनात हैं। इनके अलावा जिले में अन्य किसी उपमंडल अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी पर बाल रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। कोरोना की तीसरी लहर में स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पताल के चिकित्सकों से बातचीत कर उन्हें आपातकालीन स्थिति में उपचार में मदद करने के लिए एमओयू साइन किया था।
नहीं बढ़ पा रही वैक्सीनेशन की रफ्तार
जिले में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए 16 जनवरी 2021 को टीकाकरण अभियान शुरू किया था। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी अभियान इन दिनों धीमा हो गया है। अब सिर्फ अस्पतालों में ही टीकाकरण शिविर लग रहे हैं। सामाजिक संस्थाएं व अन्य लोग कोई सहयोग नहीं कर रहे। विभाग की ओर अब तक से 852683 को पहली, 778886 को दूसरी और 8818 को एहतियात डोज लगी है। इनमें से स्वास्थ्यकर्मी श्रेणी में 5658 को पहली, 5604 को दूसरी और 2490 को बूस्टर डोज लगी है। फ्रंट लाइन वर्कर की श्रेणी में 4986 को पहली, 4950 को दूसरी और 497 को एहतियात डोज लगी है। जिले में 12 से 14 साल के बच्चों को महज 8731 पहली और 142 को दूसरी डोज लगी है। 15 से 17 साल के किशोरों में 46076 को पहली और 30397 को दूसरी डोज लगी है। वहीं 18 से 44 साल के युवाओं में 536247 को पहली और 473001 को दूसरी डोज लगी है। वहीं 45 से 60 साल के लाभार्थियों में 172281 को पहली और 164285 को दूसरी डोज लगी है। जिले के 60 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों में 133547 को पहली, 130868 को दूसरी और 5831 को एहतियात डोज लगी है।
सैंपलिंग में नहीं दिख रहे लोग रुचि, पहले से 75 फीसदी हुई कम
जिले में कोरोना संक्रमण की जांच के लिए सैंपलिंग में लगातार ही गिरावट आ रही है। कोरोना संक्रमण की रफ्तार जब अधिक थी तो रोजाना 1800 से 2000 सैंपल लिए जाते थे, मगर इन दिनों महज 400 से 500 सैंपल भी मुश्किल से लिए जा रहे हैं। ऐसे में विभाग के जागरूकता अभियान के बावजूद लोग सैंपलिंग से बचते नजर आ रहे हैं। वहीं ओपीडी में भी अब मरीजों के लिए सैंपलिंग अनिवार्य नहीं है।
पिछले 20 दिनों में सैंपलिंग की जानकारी:
दिनांक सैंपल
01 अप्रैल 625
02 अप्रैल 455
03 अप्रैल 150
04 अप्रैल 320
05 अप्रैल 330
06 अप्रैल 450
07 अप्रैल 320
08 अप्रैल 380
09 अप्रैल 480
10 अप्रैल 160
11 अप्रैल 490
12 अप्रैल 380
13 अप्रैल 420
14 अप्रैल 150
15 अप्रैल 360
16 अप्रैल 320
17 अप्रैल 170
18 अप्रैल 500
19 अप्रैल 510
20 अप्रैल 500
जल्द मिलेगा बाल रोग विशेषज्ञ
कोरोना संक्रमण की आशंकित चौथी लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। नागरिक अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर मास्क, उचित सामुदायिक दूरी और सैनिटाइजर का प्रयोग अनिवार्य किया जाएगा। साथ ही कोविड-19 से बचाव के लिए अलग-अलग कार्यों के लिए नोडल ऑफिसर तैनात किए हैं। बाल रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति के लिए निदेशालय को पत्र लिखा हुआ है। उम्मीद है जल्द ही नया बाल रोग विशेषज्ञ मिलेगा। आमजन से अपील है कि वैक्सीनेशन अभियान में रुचि दिखाएं। साथ ही कोरोना सुरक्षा नियमों का पालन करें।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।
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स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था देखे तो विशेषज्ञ चिकित्सकों खासकर बाल रोग विशेषज्ञों, फिजिशियन की कमी के कारण सभी तैयारियां अधूरी हैं। हालांकि प्रशासनिक व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि वे चौथी लहर से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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आईसीयू बने, मगर मशीन चलाने के लिए विशेषज्ञ नहीं
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर में स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों के लिए अलग से नीकू आईसीयू, पीकू वार्ड, बड़ी उम्र के संक्रमितों के लिए अलग आईसीयू बनाया था। इनमें मरीजों के उपचार के लिए 28 वेंटिलेटर, बाईपेप मशीन सहित अन्य मशीनें लगाई गई। मगर इन मशीनों को ऑपरेट करने के लिए अब तक कोई भी विशेषज्ञ तैनात नहीं हो पाया है, जिसकी वजह से चौथी लहर में बड़ी समस्या बन सकती है।
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साढ़े चार लाख बच्चों पर महज एक बाल रोग विशेषज्ञ
जिले में 16 साल से कम आयु के करीब साढ़े चार लाख बच्चे है। इन बच्चों के उपचार के लिए सरकारी अस्पतालों में अगर रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की बात करें तो उनकी संख्या महज एक है। जिला मुख्यालय पर स्थित नागरिक अस्पताल में डॉ. रीटा सिसोदिया बतौर बाल रोग विशेषज्ञ तैनात हैं। इनके अलावा जिले में अन्य किसी उपमंडल अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी पर बाल रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। कोरोना की तीसरी लहर में स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पताल के चिकित्सकों से बातचीत कर उन्हें आपातकालीन स्थिति में उपचार में मदद करने के लिए एमओयू साइन किया था।
नहीं बढ़ पा रही वैक्सीनेशन की रफ्तार
जिले में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए 16 जनवरी 2021 को टीकाकरण अभियान शुरू किया था। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी अभियान इन दिनों धीमा हो गया है। अब सिर्फ अस्पतालों में ही टीकाकरण शिविर लग रहे हैं। सामाजिक संस्थाएं व अन्य लोग कोई सहयोग नहीं कर रहे। विभाग की ओर अब तक से 852683 को पहली, 778886 को दूसरी और 8818 को एहतियात डोज लगी है। इनमें से स्वास्थ्यकर्मी श्रेणी में 5658 को पहली, 5604 को दूसरी और 2490 को बूस्टर डोज लगी है। फ्रंट लाइन वर्कर की श्रेणी में 4986 को पहली, 4950 को दूसरी और 497 को एहतियात डोज लगी है। जिले में 12 से 14 साल के बच्चों को महज 8731 पहली और 142 को दूसरी डोज लगी है। 15 से 17 साल के किशोरों में 46076 को पहली और 30397 को दूसरी डोज लगी है। वहीं 18 से 44 साल के युवाओं में 536247 को पहली और 473001 को दूसरी डोज लगी है। वहीं 45 से 60 साल के लाभार्थियों में 172281 को पहली और 164285 को दूसरी डोज लगी है। जिले के 60 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों में 133547 को पहली, 130868 को दूसरी और 5831 को एहतियात डोज लगी है।
सैंपलिंग में नहीं दिख रहे लोग रुचि, पहले से 75 फीसदी हुई कम
जिले में कोरोना संक्रमण की जांच के लिए सैंपलिंग में लगातार ही गिरावट आ रही है। कोरोना संक्रमण की रफ्तार जब अधिक थी तो रोजाना 1800 से 2000 सैंपल लिए जाते थे, मगर इन दिनों महज 400 से 500 सैंपल भी मुश्किल से लिए जा रहे हैं। ऐसे में विभाग के जागरूकता अभियान के बावजूद लोग सैंपलिंग से बचते नजर आ रहे हैं। वहीं ओपीडी में भी अब मरीजों के लिए सैंपलिंग अनिवार्य नहीं है।
पिछले 20 दिनों में सैंपलिंग की जानकारी:
दिनांक सैंपल
01 अप्रैल 625
02 अप्रैल 455
03 अप्रैल 150
04 अप्रैल 320
05 अप्रैल 330
06 अप्रैल 450
07 अप्रैल 320
08 अप्रैल 380
09 अप्रैल 480
10 अप्रैल 160
11 अप्रैल 490
12 अप्रैल 380
13 अप्रैल 420
14 अप्रैल 150
15 अप्रैल 360
16 अप्रैल 320
17 अप्रैल 170
18 अप्रैल 500
19 अप्रैल 510
20 अप्रैल 500
जल्द मिलेगा बाल रोग विशेषज्ञ
कोरोना संक्रमण की आशंकित चौथी लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। नागरिक अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर मास्क, उचित सामुदायिक दूरी और सैनिटाइजर का प्रयोग अनिवार्य किया जाएगा। साथ ही कोविड-19 से बचाव के लिए अलग-अलग कार्यों के लिए नोडल ऑफिसर तैनात किए हैं। बाल रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति के लिए निदेशालय को पत्र लिखा हुआ है। उम्मीद है जल्द ही नया बाल रोग विशेषज्ञ मिलेगा। आमजन से अपील है कि वैक्सीनेशन अभियान में रुचि दिखाएं। साथ ही कोरोना सुरक्षा नियमों का पालन करें।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।