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Bhiwani News: गांव बापोड़ा में पंडित लख्मीचंद की ओर से रचित नौटंकी सांग का मंचन
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भिवानी। गांव बापोड़ा में हरियाणा कला परिषद के सहयोग से सूर्य कवि पंडित लख्मी चंद जयंती पर कार्यक्रम शुरू हो गया। कार्यक्रम के पहले दिन राजस्थान से आए सांगी रहीश यादव ने लख्मी चंद की ओर से रचित सांग नौटंकी का मंचन किया।
सांग में बताया गया स्यालकोट में राजा गजे सिंह के दो पुत्र थे। बड़े का नाम भूप सिंह छोटे का नाम फूल सिंह। भूप सिंह और उसकी रानी फूल सिंह को बेटे की तरह लाड़ प्यार से पालते हैं। दिन बीतते हैं फूल सिंह जवान हो जाता है। एक दिन रानी के पास नगर सेठ की सेठानी आती हैं और कहती हैं कि रानी अब आपको फूल सिंह की शादी कर देनी चाहिए फूल सिंह जवान हो चूका है। रानी कहती सेठानी कई बार कोशिश कर ली पर फूल सिंह तैयार नहीं होता।
सेठानी कहती हैं जब तक तुम इसको धमका कर नहीं कहोगी ये नहीं मानेगा। आज जब बाहर से आये तो तुम उसे खाना पानी देने से मना कर देना और कह देना। अगर इतनी सेवा पानी करवानी है तो शादी करवा लो और उस नौटंकी को ब्याह ल्या जब फूल सिंह शिकार खेल कर आता है तो रानी जैसा सेठानी कह कर गई थी वैसे ही करती है।
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फूल सिंह अपने भाई भूप सिंह के पास अपनी भाभी कई शिकायत करता है कहता भाई आज मेरी भाभी ने मेरे साथ बहुत बुरा बर्ताव किया और कहा है नौटंकी ने ब्याह ल्या भूप सिंह गुस्से में घर आता है और अपनी रानी को कहता तूने मेरे भाई को क्यू धमकाया तब रानी राजा को समझाती है।
अगर हम इसको प्यार ते कहेंगे तो ये शादी को तैयार नहीं होगा और भगवान ने हमें भी कोई संतान नहीं दी। अगर फूल सिंह शादी कर लेगा तो इन महलों में रौनक हो जायेगी। बाल बच्चे हो जाएंगे। ये बात भूप सिंह को भी जंच जाती है और फूल सिंह को घर से निकाल देते हैं। फूल सिंह अपने दोस्त सेठ के पास जाता और भाई भाभी के द्वारा कही सारी बात बताता है। पता नहीं वा नौटंकी कौन है। कहा कि कई मुझे तो ये भी नहीं पता। तब सेठानी बताती नौटंकी मुल्तान शहर कई रहने वाली है। आप वहा जाओ और उसको ब्यहा के लाव। हम आपकी हर प्रकार से मदद करेंगे। यहां से फूल सिंह नौटंकी को ब्याहने चलता है।
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सांग में बताया गया स्यालकोट में राजा गजे सिंह के दो पुत्र थे। बड़े का नाम भूप सिंह छोटे का नाम फूल सिंह। भूप सिंह और उसकी रानी फूल सिंह को बेटे की तरह लाड़ प्यार से पालते हैं। दिन बीतते हैं फूल सिंह जवान हो जाता है। एक दिन रानी के पास नगर सेठ की सेठानी आती हैं और कहती हैं कि रानी अब आपको फूल सिंह की शादी कर देनी चाहिए फूल सिंह जवान हो चूका है। रानी कहती सेठानी कई बार कोशिश कर ली पर फूल सिंह तैयार नहीं होता।
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सेठानी कहती हैं जब तक तुम इसको धमका कर नहीं कहोगी ये नहीं मानेगा। आज जब बाहर से आये तो तुम उसे खाना पानी देने से मना कर देना और कह देना। अगर इतनी सेवा पानी करवानी है तो शादी करवा लो और उस नौटंकी को ब्याह ल्या जब फूल सिंह शिकार खेल कर आता है तो रानी जैसा सेठानी कह कर गई थी वैसे ही करती है।
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फूल सिंह अपने भाई भूप सिंह के पास अपनी भाभी कई शिकायत करता है कहता भाई आज मेरी भाभी ने मेरे साथ बहुत बुरा बर्ताव किया और कहा है नौटंकी ने ब्याह ल्या भूप सिंह गुस्से में घर आता है और अपनी रानी को कहता तूने मेरे भाई को क्यू धमकाया तब रानी राजा को समझाती है।
अगर हम इसको प्यार ते कहेंगे तो ये शादी को तैयार नहीं होगा और भगवान ने हमें भी कोई संतान नहीं दी। अगर फूल सिंह शादी कर लेगा तो इन महलों में रौनक हो जायेगी। बाल बच्चे हो जाएंगे। ये बात भूप सिंह को भी जंच जाती है और फूल सिंह को घर से निकाल देते हैं। फूल सिंह अपने दोस्त सेठ के पास जाता और भाई भाभी के द्वारा कही सारी बात बताता है। पता नहीं वा नौटंकी कौन है। कहा कि कई मुझे तो ये भी नहीं पता। तब सेठानी बताती नौटंकी मुल्तान शहर कई रहने वाली है। आप वहा जाओ और उसको ब्यहा के लाव। हम आपकी हर प्रकार से मदद करेंगे। यहां से फूल सिंह नौटंकी को ब्याहने चलता है।