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दुकानदारों के विरोध के बीच नप ने नालों पर बने अवैध निर्माण तोड़े
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अतिक्रमण हटाते समय नप अधिकारियों से बहस करते दुकानदार। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : Bhiwani
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दुकानदारों के विरोध के बीच नगर परिषद ने दिनोद गेट क्षेत्र में नालों पर किए अवैध निर्माण को तोड़ा। दुकानदारों और नप कर्मियों के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। पुलिस बल की मौजूदगी के चलते कोई भी खुलकर विरोध नहीं कर सका। नप ने करीब 20 दुकानों के बाहर नाले पर बनाए चबूतरे व अवैध निर्माण तोड़े।
मंगलवार सुबह करीब सात बजे बाजार खुलने से पहले ही नगर परिषद का अमला पुलिस बल के साथ दिनोद गेट क्षेत्र में पहुंचा। जहां पर नगर परिषद के पीले पंजे ने दुकानों के आगे बरसाती नाले के ऊपर बनाए गए चबूतरों को तोड़ना शुरू किया। चबूतरे तोड़े जाने की भनक लगते ही दुकानदार भी मौके पर पहुंच गए और इस दौरान अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम में शामिल कर्मचारियों के साथ ही दुकानदार उलझ बैठे। दुकानदारों और नप कर्मचारियों के बीच नालों के ऊपर बने चबूतरे तोड़ने को लेकर तीखी नोक-झोंक हुई। इस दौरान दिनोद गेट पुलिस चौकी इंचार्ज देवेंद्र ने भी बीच बचाव किया और दुकानदारों को समझाया। नगर परिषद ने दिनोद गेट क्षेत्र में 15 से 20 दुकानों के आगे बने चबूतरे तोड़ डाले। नप दस्ते की इस कार्रवाई से बाजारों में नालों पर अतिक्रमण करने वालों में भी हड़कंप मच गया।
दरअसल जिला प्रशासन ने मानसून के दौरान सभी बरसाती नालों की साफ सफाई के नगर परिषद को सख्त हिदायतें दी थी। लेकिन नप अधिकारियों ने नालों की सफाई में कई जगह बाजारों में दुकानों के आगे चबूतरे बनाकर स्थायी तौर पर अतिक्रमण किए जाने की बात कही थी। नालों की सफाई कराने के लिए इन चबूतरों को तुड़वाने के लिए ही नगर परिषद ने टीम का गठन किया और सुरक्षा के लिए पुलिस फोर्स भी मांगी गई। मंगलवार को नप दस्ते ने पुलिस बल के साथ बाजार खुलने से पहले ही सुबह सात बजे अचानक धावा बोल दिया। नप दस्ते के साथ दिनोद गेट क्षेत्र में पहुंचे पीले पंजे ने बरसाती नाले पर दुकानों के आगे बनाए गए पक्के चबूतरों को तोड़ना शुरू कर दिया। इस दौरान नप कर्मचारियों को दुकानदारों का विरोध भी झेलना पड़ा।
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यहां न जलभराव हुआ न निर्माण बने बाधक
दिनोद गेट क्षेत्र के दुकानदारों का आरोप था कि यहां पर बारिश के दौरान कभी भी जलभराव के हालात नहीं बने। यहां के नालों की सफाई के दौरान दुकानों के आगे बनाई गई फुटपाथ और चबूतरे कभी भी बाधक नहीं बने, लेकिन बावजूद इसके की नगर परिषद उनके चबूतरों को जबरन तोड़ने पर तुली है। दुकानदारों का कहना है कि दुकान सड़क से काफी ऊंची और नाला भी काफी चौड़ा हैं, इसलिए दुकान तक पहुंचने के लिए ही चबूतरे बनाए गए थे। लेकिन नगर परिषद बेवजह दुकानदारों को परेशान और आर्थिक नुकसान तले ला रही है।
उच्च अधिकारियों के निर्देश पर हो रही कार्रवाई
नगर परिषद के सफाई निरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर दिनोद गेट क्षेत्र से गोगामेड़ी क्षेत्र तक दुकानों के आगे बने चबूतरे हटाए गए हैं। किसी भी दुकानदार को अतिक्रमण नहीं करने दिया जाएगा। नप सीमा में दायरे में आने वाली जगह पर ही अतिक्रमण हटाया गया है। किसी भी दुकानदार को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया है।
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मंगलवार सुबह करीब सात बजे बाजार खुलने से पहले ही नगर परिषद का अमला पुलिस बल के साथ दिनोद गेट क्षेत्र में पहुंचा। जहां पर नगर परिषद के पीले पंजे ने दुकानों के आगे बरसाती नाले के ऊपर बनाए गए चबूतरों को तोड़ना शुरू किया। चबूतरे तोड़े जाने की भनक लगते ही दुकानदार भी मौके पर पहुंच गए और इस दौरान अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम में शामिल कर्मचारियों के साथ ही दुकानदार उलझ बैठे। दुकानदारों और नप कर्मचारियों के बीच नालों के ऊपर बने चबूतरे तोड़ने को लेकर तीखी नोक-झोंक हुई। इस दौरान दिनोद गेट पुलिस चौकी इंचार्ज देवेंद्र ने भी बीच बचाव किया और दुकानदारों को समझाया। नगर परिषद ने दिनोद गेट क्षेत्र में 15 से 20 दुकानों के आगे बने चबूतरे तोड़ डाले। नप दस्ते की इस कार्रवाई से बाजारों में नालों पर अतिक्रमण करने वालों में भी हड़कंप मच गया।
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दरअसल जिला प्रशासन ने मानसून के दौरान सभी बरसाती नालों की साफ सफाई के नगर परिषद को सख्त हिदायतें दी थी। लेकिन नप अधिकारियों ने नालों की सफाई में कई जगह बाजारों में दुकानों के आगे चबूतरे बनाकर स्थायी तौर पर अतिक्रमण किए जाने की बात कही थी। नालों की सफाई कराने के लिए इन चबूतरों को तुड़वाने के लिए ही नगर परिषद ने टीम का गठन किया और सुरक्षा के लिए पुलिस फोर्स भी मांगी गई। मंगलवार को नप दस्ते ने पुलिस बल के साथ बाजार खुलने से पहले ही सुबह सात बजे अचानक धावा बोल दिया। नप दस्ते के साथ दिनोद गेट क्षेत्र में पहुंचे पीले पंजे ने बरसाती नाले पर दुकानों के आगे बनाए गए पक्के चबूतरों को तोड़ना शुरू कर दिया। इस दौरान नप कर्मचारियों को दुकानदारों का विरोध भी झेलना पड़ा।
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यहां न जलभराव हुआ न निर्माण बने बाधक
दिनोद गेट क्षेत्र के दुकानदारों का आरोप था कि यहां पर बारिश के दौरान कभी भी जलभराव के हालात नहीं बने। यहां के नालों की सफाई के दौरान दुकानों के आगे बनाई गई फुटपाथ और चबूतरे कभी भी बाधक नहीं बने, लेकिन बावजूद इसके की नगर परिषद उनके चबूतरों को जबरन तोड़ने पर तुली है। दुकानदारों का कहना है कि दुकान सड़क से काफी ऊंची और नाला भी काफी चौड़ा हैं, इसलिए दुकान तक पहुंचने के लिए ही चबूतरे बनाए गए थे। लेकिन नगर परिषद बेवजह दुकानदारों को परेशान और आर्थिक नुकसान तले ला रही है।
उच्च अधिकारियों के निर्देश पर हो रही कार्रवाई
नगर परिषद के सफाई निरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर दिनोद गेट क्षेत्र से गोगामेड़ी क्षेत्र तक दुकानों के आगे बने चबूतरे हटाए गए हैं। किसी भी दुकानदार को अतिक्रमण नहीं करने दिया जाएगा। नप सीमा में दायरे में आने वाली जगह पर ही अतिक्रमण हटाया गया है। किसी भी दुकानदार को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया है।