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भिवानी में 240 फैक्टरियां चल रहीं, एनओसी 10 के पास भी नहीं
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25 फोटो औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर 21
- फोटो : Bhiwani
भिवानी शहर में करीब 240 फैक्टरी चल रही है मगर हैरान करने की बात यह है कि इनमें से दमकल विभाग से एनओसी बमुश्किल 10 ने ही ली है। इन 10 में से भी तीन-चार फैक्टरी मालिक ही अपने लाइसेंस नियमित रूप से रिन्यू करा रहे हैं। अब दिल्ली में हुए अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन को जांच के निर्देश दिए गए हैं। जिसके आधार पर विभिन्न विभागों की छह सदस्य कमेटी का गठन किया गया है, जो तीन दिन में सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करेगी। सर्वे में जांच की जाएगी कि कितनी फैक्ट्रियों के पास एनओसी है और कितने के पास नहीं। फैक्टरियों में सुरक्षा की दृष्टि से क्या व्यवस्थाएं है।
दिल्ली की फैक्टरी में हुए हादसे के बाद अब प्रदेश सरकार भी गंभीर हो गई है और सभी जिलों से फैक्टरियों से संबंधित जानकारी मांगी है। भिवानी जिला प्रशासन के लिए यह जानकारी जुटाने और सर्वे करने के लिए छह सदस्यीय कमेटी बनाई है। जिसमें दमकल विभाग के फायर ऑफिसर, नगर परिषद के सचिव, उद्योग विभाग, एसएचएसआईडीसी अधिकारी आदि शामिल है। यह छह सदस्यीय कमेटी तीन दिन में सर्वे कर अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपेगी।
भिवानी में यह है फैक्टरियों की स्थिति : भिवानी इंडस्ट्रीज एरिया सेक्टर 21 में करीब 100 फैक्टरियां है, जिनमें करीब 70 वर्किंग में है। इसी तरह सेक्टर 26 में भी करीब 100 फैक्टरियां है, जिनमें से करीब 70 वर्किंग में है। इनके अलावा करीब एक सौ फैक्टरियां अन्य भिवानी शहर में चल रही है। इनमें ऑपरेशन टेबल, नॉन फेब्रिक प्लांट, जूट फैक्ट्री, धागा फैक्ट्री, प्लास्टिक उद्योग जिसमें निवार, बैग आदि बनाना शामिल है। भिवानी में चल रही करीब 240 फैक्टरियों में 95 फीसदी के पास दमकल विभाग से कोई एनओसी नहीं है।
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दिल्ली हादसे के बाद जिला प्रशासन की ओर से कमेटी बनाई है। अगले तीन दिन में शहर में चल रही फैक्टरियों का सर्वे कर एनओसी और सुरक्षा व्यवस्थाओं की रिपोर्ट बनाई जाएगी। भिवानी में ज्यादा फैक्टरी मालिकों ने एनओसी नहीं ली है। बमुश्किल 08-10 फैक्टरी मालिकों के पास ही एनओसी है। इनमें से कम ही नियमित रूप से रिन्यू करा रहे हैं।
- जयनारायण, फायर ऑफिसर
भिवानी इंडस्ट्रीज एरिया की दिल्ली हादसे वाली फैक्टरी से तुलना नहीं की जा सकती। यहां एक प्लांट में एक ही फैक्टरी चल रही है। सभी के बाहर चौड़ी सड़कें और पर्याप्त खुली जगह है। जिससे मजदूर अपने बचाव के लिए दौड़ भी सकते हैं। इसके अलावा अधिकतर फैक्टरियों में आग की संभावनाएं ही नहीं है और जिनमें हैं, उनमें एनओसी के साथ-साथ आग के नियंत्रण संबंधित सभी व्यवस्थाएं पानी, फायर सिलिंडर आदि व्यवस्थाएं हैं।
- शैलेंद्र जैन, प्रधान, जिला भिवानी उद्योग संघ
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दिल्ली की फैक्टरी में हुए हादसे के बाद अब प्रदेश सरकार भी गंभीर हो गई है और सभी जिलों से फैक्टरियों से संबंधित जानकारी मांगी है। भिवानी जिला प्रशासन के लिए यह जानकारी जुटाने और सर्वे करने के लिए छह सदस्यीय कमेटी बनाई है। जिसमें दमकल विभाग के फायर ऑफिसर, नगर परिषद के सचिव, उद्योग विभाग, एसएचएसआईडीसी अधिकारी आदि शामिल है। यह छह सदस्यीय कमेटी तीन दिन में सर्वे कर अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपेगी।
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भिवानी में यह है फैक्टरियों की स्थिति : भिवानी इंडस्ट्रीज एरिया सेक्टर 21 में करीब 100 फैक्टरियां है, जिनमें करीब 70 वर्किंग में है। इसी तरह सेक्टर 26 में भी करीब 100 फैक्टरियां है, जिनमें से करीब 70 वर्किंग में है। इनके अलावा करीब एक सौ फैक्टरियां अन्य भिवानी शहर में चल रही है। इनमें ऑपरेशन टेबल, नॉन फेब्रिक प्लांट, जूट फैक्ट्री, धागा फैक्ट्री, प्लास्टिक उद्योग जिसमें निवार, बैग आदि बनाना शामिल है। भिवानी में चल रही करीब 240 फैक्टरियों में 95 फीसदी के पास दमकल विभाग से कोई एनओसी नहीं है।
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दिल्ली हादसे के बाद जिला प्रशासन की ओर से कमेटी बनाई है। अगले तीन दिन में शहर में चल रही फैक्टरियों का सर्वे कर एनओसी और सुरक्षा व्यवस्थाओं की रिपोर्ट बनाई जाएगी। भिवानी में ज्यादा फैक्टरी मालिकों ने एनओसी नहीं ली है। बमुश्किल 08-10 फैक्टरी मालिकों के पास ही एनओसी है। इनमें से कम ही नियमित रूप से रिन्यू करा रहे हैं।
- जयनारायण, फायर ऑफिसर
भिवानी इंडस्ट्रीज एरिया की दिल्ली हादसे वाली फैक्टरी से तुलना नहीं की जा सकती। यहां एक प्लांट में एक ही फैक्टरी चल रही है। सभी के बाहर चौड़ी सड़कें और पर्याप्त खुली जगह है। जिससे मजदूर अपने बचाव के लिए दौड़ भी सकते हैं। इसके अलावा अधिकतर फैक्टरियों में आग की संभावनाएं ही नहीं है और जिनमें हैं, उनमें एनओसी के साथ-साथ आग के नियंत्रण संबंधित सभी व्यवस्थाएं पानी, फायर सिलिंडर आदि व्यवस्थाएं हैं।
- शैलेंद्र जैन, प्रधान, जिला भिवानी उद्योग संघ