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Bhiwani News: रातोंरात नगर परिषद भूमि पर किए कब्जे पर अधिकारियों ने चलवाई जेसीबी, निर्माण सामग्री भी की जब्त
Wed, 01 Feb 2023 07:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 01 Feb 2023 07:50 PM IST
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एमसी कॉलोनी में नगर परिषद की भूमि पर अवैध निर्माण हटाने के बाद ट्रैक्टर ट्रॉली में ईंट डालते कर
भिवानी। शहर की एमसी कॉलोनी स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल के सामने नगर परिषद की भूमि पर रातोंरात किए गए कब्जे पर नगर परिषद अधिकारियों ने मंगलवार सुबह जेसीबी चलवाई। वहीं चंद घंटों में अतिक्रमण को भी पूरी तरह से साफ कराकर जगह समतल करा दी। कब्जाधारियों द्वारा अवैध निर्माण में इस्तेमाल की गई ईंटों को भी जब्त कर नगर परिषद कर्मचारी ले गए।
मामला उजागर होने के बाद कब्जाधारी भी भूमिगत हो गए। अब नगर परिषद अधिकारी सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी में जुटे हैं। मामले के 2022 में उजागर हुए नगर परिषद के भूमि घोटाले से भी तार जुड़े हैं। इसके बाद अधिकारियों में भी खलबली मची है।
नगर परिषद की एमसी कॉलोनी में करीब आठ सौ वर्गगज से अधिक जगह खाली पड़ी है। जिस भूमि पर भूमाफिया की पिछले काफी लंबे अर्से से बुरी नजर है। इससे पहले भी एमसी कॉलोनी में सरकारी भूमि की फर्जी कागजातों के सहारे रजिस्ट्री बनवाकर उसे बिक्री किए जाने का मामला उजागर हुआ था। सुशील वर्मा की शिकायत पर 26 अप्रैल 2022 को एमसी कॉलोनी की 86 व 87 नंबर प्लाट की अवैध रजिस्ट्री करवाए जाने के मामले में नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन और वाइस चेयरमैन सहित आठ के खिलाफ धोखाधड़ी केस दर्ज हुआ था। अब 772 वर्गगज की नई रजिस्ट्री सामने आई है। ये रजिस्ट्री 21 नवंबर 2015 को हुई है। गड़बड़झाला यह भी है कि नगर परिषद की एक ही जगह की दो बार रजिस्ट्री कराई गई है। इसमें नगर परिषद से लेकर तहसील कार्यालय तक के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभीगत से भी इन्कार नहीं किया जा सकता।
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इसके बावजूद भी भूमाफिया के कदम नहीं रुके और फिर से एमसी कॉलोनी में नगर परिषद की भूमि पर ईंटों और गारा (चिकनी मिट्टी) से चहारदीवारी कर गली की जगह को भी कब्जा डाला। दिलचस्प बात यह भी सामने आई है कि नगर परिषद अधिकारियों की मिलीभगत से एमसी कॉलोनी में सरकारी जगह की फर्जी कागजातों के सहारे रजिस्ट्री करा डाली। ये सरकारी भूमि किसी व्यक्तिगत मलकियत में नहीं आती है। इसके बावजूद भी नगर परिषद अधिकारियों ने सरकारी रिकार्ड में हेराफेरी कर निजी व्यक्तियों के नाम इसकी असेसमेंट तक बना डाली।
नगर परिषद की जमीन की मैपिंग करा सार्वजनिक किया जाए विवरण
भिवानी बचाओ आंदोलन के अध्यक्ष सुशील वर्मा, दलबीर उमरा व रामोतार ठेकेदार ने बताया कि भिवानी शहर में भूमाफिया का एक बड़ा गिरोह सक्रिय है, जो नगर परिषद की जमीन पर नजरे जमाए बैठा है। पिछले साल भी इस भूमाफिया ने शहर में नगर परिषद की संपत्तियों को बेच डाला था। इसका पर्दाफाश समिति ने किया था। जिला प्रशासन व हरियाणा सरकार से मांग है कि नगर परिषद की जमीन की मैपिंग कराकर इनका विवरण सार्वजनिक किया जाए ताकि बार-बार अवैध कब्जे न हो। कब्जाधारियों पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई कराई जाए।
एमसी कॉलोनी सरकारी स्कूल के सामने नगर परिषद की भूमि है। जिस पर अवैध कब्जा किया गया था। इस कब्जे को हटवाया गया है। फिलहाल कब्जा करने वाले कौन लोग थे, कोई सामने नहीं आया है। नगर परिषद अधिकारी इसकी जांच कर रहे हैं, जिसके बाद संबंधित लोगों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
-जसवंत सिंह, कार्यकारी अभियंता, नगर परिषद भिवानी।
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मामला उजागर होने के बाद कब्जाधारी भी भूमिगत हो गए। अब नगर परिषद अधिकारी सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी में जुटे हैं। मामले के 2022 में उजागर हुए नगर परिषद के भूमि घोटाले से भी तार जुड़े हैं। इसके बाद अधिकारियों में भी खलबली मची है।
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नगर परिषद की एमसी कॉलोनी में करीब आठ सौ वर्गगज से अधिक जगह खाली पड़ी है। जिस भूमि पर भूमाफिया की पिछले काफी लंबे अर्से से बुरी नजर है। इससे पहले भी एमसी कॉलोनी में सरकारी भूमि की फर्जी कागजातों के सहारे रजिस्ट्री बनवाकर उसे बिक्री किए जाने का मामला उजागर हुआ था। सुशील वर्मा की शिकायत पर 26 अप्रैल 2022 को एमसी कॉलोनी की 86 व 87 नंबर प्लाट की अवैध रजिस्ट्री करवाए जाने के मामले में नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन और वाइस चेयरमैन सहित आठ के खिलाफ धोखाधड़ी केस दर्ज हुआ था। अब 772 वर्गगज की नई रजिस्ट्री सामने आई है। ये रजिस्ट्री 21 नवंबर 2015 को हुई है। गड़बड़झाला यह भी है कि नगर परिषद की एक ही जगह की दो बार रजिस्ट्री कराई गई है। इसमें नगर परिषद से लेकर तहसील कार्यालय तक के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभीगत से भी इन्कार नहीं किया जा सकता।
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इसके बावजूद भी भूमाफिया के कदम नहीं रुके और फिर से एमसी कॉलोनी में नगर परिषद की भूमि पर ईंटों और गारा (चिकनी मिट्टी) से चहारदीवारी कर गली की जगह को भी कब्जा डाला। दिलचस्प बात यह भी सामने आई है कि नगर परिषद अधिकारियों की मिलीभगत से एमसी कॉलोनी में सरकारी जगह की फर्जी कागजातों के सहारे रजिस्ट्री करा डाली। ये सरकारी भूमि किसी व्यक्तिगत मलकियत में नहीं आती है। इसके बावजूद भी नगर परिषद अधिकारियों ने सरकारी रिकार्ड में हेराफेरी कर निजी व्यक्तियों के नाम इसकी असेसमेंट तक बना डाली।
नगर परिषद की जमीन की मैपिंग करा सार्वजनिक किया जाए विवरण
भिवानी बचाओ आंदोलन के अध्यक्ष सुशील वर्मा, दलबीर उमरा व रामोतार ठेकेदार ने बताया कि भिवानी शहर में भूमाफिया का एक बड़ा गिरोह सक्रिय है, जो नगर परिषद की जमीन पर नजरे जमाए बैठा है। पिछले साल भी इस भूमाफिया ने शहर में नगर परिषद की संपत्तियों को बेच डाला था। इसका पर्दाफाश समिति ने किया था। जिला प्रशासन व हरियाणा सरकार से मांग है कि नगर परिषद की जमीन की मैपिंग कराकर इनका विवरण सार्वजनिक किया जाए ताकि बार-बार अवैध कब्जे न हो। कब्जाधारियों पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई कराई जाए।
एमसी कॉलोनी सरकारी स्कूल के सामने नगर परिषद की भूमि है। जिस पर अवैध कब्जा किया गया था। इस कब्जे को हटवाया गया है। फिलहाल कब्जा करने वाले कौन लोग थे, कोई सामने नहीं आया है। नगर परिषद अधिकारी इसकी जांच कर रहे हैं, जिसके बाद संबंधित लोगों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
-जसवंत सिंह, कार्यकारी अभियंता, नगर परिषद भिवानी।