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Bhiwani News: बाजार में गिरा सरसों का 850 रुपये रेट, एमएसपी पर सरकारी खरीद में आवक बढ़ी

Thu, 27 Apr 2023 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Thu, 27 Apr 2023 11:46 PM IST
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Mustard rate fell by Rs 850 in the market, government procurement on MSP increased
भिवानी। मार्केट में अचानक ही सरसों का दाम सरकारी खरीद के मुकाबले 850 रुपये तक नीचे पहुंच गया है। जिसकी वजह से अचानक ही एमएसपी पर सरकारी खरीद में सरसों की आवक भी दोगुनी हो गई है। वहीं मंडियों से उठान कराकर गोदामों तक पहुंचाने में भी अनलोडिंग लेबर की कमी है। जिसकी वजह से व्यवस्था बिगड़ रही है।
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भिवानी जिले की 11 मंडियों में अब तक हैफेड करीब 96 हजार टन सरसों खरीद कर चुकी है। जबकि अभी तक मंडियों में 48 हजार टन सरसों का उठान नहीं हुआ है। मौसम ने टेंशन बढ़ाई हुई है। अब प्राइवेट खरीददार भी सरकारी खरीद में सरसों खपाने की जुगत भिड़ा रहे हैं, हालांकि अधिकारी सरसों खरीद मेंं इस तरह की गड़बड़ी से इंकार कर रहे हैं।
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भिवानी जिले की 11 मंडियों में गेहूं और सरसों की सरकारी खरीद का काम चल रहा है। पिछले सीजन में सरसों के प्राइवेट मार्केट में दाम करीब सात हजार क्विंटल तक पहुंच गए थे। लेकिन इस बार खरीद सीजन शुरू होने से पहले सरसों के प्राइवेट दाम छह हजार से अधिक बने थे। जैसे ही सरसों की सरकारी खरीद हुई तो दाम भी कुछ नीचे गिरे। लेकिन अब सरसों का मार्केट भाव 4500 से 4600 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। जबकि सरकारी खरीद प्रति क्विंटल 5450 रुपये प्रति क्विंटल के एमएसपी पर हो रही है।
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यही वजह है कि किसान भी अपनी सरसों को प्राइवेट बेचने की बजाए एमएसपी पर बेचने के लिए मंडी पहुंच रहे हैं। हैफेड ने अब तक 96 हजार टन सरसों की खरीद की है। रोजाना ही सरसों की आवक भी बढ़ रही है। सरसों की आवक बढ़ने से चारा मंडी सहित अन्य मंडियों में जगह भी कम पड़ रही है। खुले में हजारों क्विंटल सरसों के ढेर लगे हैं। क्योंकि कुछ मंडियों में ही शेड की व्यवस्था है, जबकि अधिकतर मंडियां कच्ची हैं या फिर सिर्फ प्लेटफार्म ही बने हैं। ऐसे में खरीद एजेंसियों के सामने बार बार बिगड़ रहा मौसम भी बड़ी चुनौती बना है। इसी के साथ गोदामों में लेबर की कमी भी खल रही है।
अनलोडिंग ने बिगाड़ा मंडियों से सरसों उठान का शेड्यूल
गोदामों में अनलोडिंग लेबर की काफी कमी है। इस वजह से मंडियों से सरसों उठान का शेड्यूल भी बिगड़ गया है। गोदामों में गाड़ियों को खाली कराने में दो दिन का वक्त लग रहा है। जबकि ढुलाई ठेकेदारों ने भी अपनी शिकायत दर्ज कराई है। जिसके बाद अधिकारियों ने गोदामों में अनलोडिंग लेबर बढ़ाने के संबंध में उच्चाधिकारियों से भी पत्राचार किया है।
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40 फीसदी गेहूं का हुआ मंडियों से उठान, 60 फीसदी बाकी
भिवानी जिले की 11 मंडियों में गेहूं का सिर्फ 40 फीसदी उठान हुआ है। जबकि 60 फीसदी उठान अभी बाकी है। जिले भर में 11369 किसानों का 89795 टन गेहूं खरीद हो चुका है। जिसमें 35991 टन गेहूं का उठान हुआ है। जबकि 53804 टन गेहूं अभी भी मंडियों में पड़ा है। गेहूं की खरीद भी चल रही है और मंडियों में रोजाना अच्छी खासी आवक भी हो रही है। कई मंडियों में जगह और लेबर की कमी की वजह से व्यवस्था भी बिगड़ रही है।
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सरसों की आवक अचानक तेज हो गई है। इसकी वजह सरसों के मार्केट भावों में कमी आना है। अब तक मंडियों से 50 फीसदी सरसों का उठान हो चुका है। खरीद के साथ ही किसानों को फसल का भुगतान भी हो रहा है। गोदामों में अनलोडिंग लेबर की दिक्कत चल रही है, इसको लेकर उच्चाधिकारियों से भी बात हुई है। जल्द समाधान हो जाएगा।

-राजेंद्र सिंह, जिला प्रबंधक हैफेड भिवानी।
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मंडी में गेहूं की खरीद के साथ साथ उठान भी कराया जा रहा है। अकेले भिवानी मंडी में लाखों गेहूं के कट्टों की खरीद हुई है। जिसमें करीब 60 फीसदी का उठान भी करा दिया है। ढुलाई ठेकेदारों को भी उठान तेजी से कराए जाने के संबंध में निर्देश दिए गए हैं।
-मुकेश कुमार सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी भिवानी।
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