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Bhiwani News: 150 ग्राम पंचायतों के खातों में पहुंचा विकास कार्यों के लिए पैसा, रुके हुए काम होंगे शुरू
Wed, 06 Nov 2024 11:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 06 Nov 2024 11:09 PM IST
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गांव बीरण का स्वागत द्वार।
भिवानी। जिले की 150 ग्राम पंचायतों के खातों में विकास कार्याें का पैसा आ गया है। इससे रुके हुए विकास कार्य फिर से शुरू होंगे।
विधानसभा चुनावों की वजह से ग्राम पंचायतों की विकास कार्यों की ग्रांट पर ब्रेेक लग गया था। लेकिन अब ये ग्रांट ग्राम पंचायतों को जारी की जा रही है। ऐसे में रुके हुए विकास कार्य अब रफ्तार पकड़ेंगे। वहीं विकास परियोजनाओं के कामों पर ग्राम पंचायत भी अब बेहतर ढंग से अपनी निगरानी रख पाएगी। कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी जनप्रतिनिधि सही ढंग से काम करा पाएंगे।
दरअसल, ग्राम पंचायतों को 21 लाख रुपये तक के बजट के काम खुद अपने स्तर पर कराए जाने का अधिकार मिल चुका है। ऐसे में इस बजट तक के विकास कार्य ग्राम पंचायत सीधे तौर पर अपने स्तर पर ही करा रही हैं।
गांवों में सड़क, नाली निर्माण, चौपाल का जीर्णोद्धार या फिर किसी अन्य विकास परियोजना पर भी ग्राम पंचायत अपना बजट खर्च कर काम करा सकती है। जिन गांवों में विकास कार्यों के लिए सरकार की तरफ से ग्रांट मिली है, अब उनके खाता में पैसा आ रहा है। इसी के साथ ई-टेंडरिंग से ये कार्य कराए जा जाएंगे। कई गांवों में तो पहले से ही विकास कार्य चल रहे थे, लेकिन बीच में ही बाकी ग्रांट नहीं दी गई। अब उन्हें भी बचा हुआ ग्रांट का पैसा मिल रहा है।
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फिरनी पर स्ट्रीट लाइट और पक्की कराने का काम करा रहा पंचायती राज विभाग
ग्राम पंचायतों के अधिकार क्षेत्र से बाहर के काम सीधे तौर पर पंचायती राज तकनीकी विंग की ओर से कराए जा रहे हैं। इसमें गांवों के अंदर फिरनी पक्की कराना और फिरनी पर स्ट्रीट लाइट लगवाना शामिल है। इसी के साथ गांवों में सामुदायिक केंद्रों का निर्माण काम भी चल रहा है वहीं शिवधामों का भी जीर्णोद्धार का काम चल रहा है। ये कार्य ई-टेंडरिंग से सीधे पंचायती राज विभाग के अधीन ही कराए जा रहे हैं।
गांवों में विकास कार्यों के लिए सीधे ग्राम पंचायतों के खाता में सरकार से पैसा भेजा जा रहा है। 21 लाख तक के बजट के कार्य ग्राम पंचायतें अपने स्तर पर करा सकती हैं। सरकार की ओर से निर्धारित मानकों के हिसाब से ही ग्राम पंचायतों को सभी विकास कार्य कराए जाने हैं। बजट को लेकर कोई भी विकास कार्य प्रभावित नहीं रहने दिया जाएगा।
- संभव जैन, कार्यकारी अभियंता, पंचायती राज तकनीकी विंग भिवानी।
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विधानसभा चुनावों की वजह से ग्राम पंचायतों की विकास कार्यों की ग्रांट पर ब्रेेक लग गया था। लेकिन अब ये ग्रांट ग्राम पंचायतों को जारी की जा रही है। ऐसे में रुके हुए विकास कार्य अब रफ्तार पकड़ेंगे। वहीं विकास परियोजनाओं के कामों पर ग्राम पंचायत भी अब बेहतर ढंग से अपनी निगरानी रख पाएगी। कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी जनप्रतिनिधि सही ढंग से काम करा पाएंगे।
दरअसल, ग्राम पंचायतों को 21 लाख रुपये तक के बजट के काम खुद अपने स्तर पर कराए जाने का अधिकार मिल चुका है। ऐसे में इस बजट तक के विकास कार्य ग्राम पंचायत सीधे तौर पर अपने स्तर पर ही करा रही हैं।
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गांवों में सड़क, नाली निर्माण, चौपाल का जीर्णोद्धार या फिर किसी अन्य विकास परियोजना पर भी ग्राम पंचायत अपना बजट खर्च कर काम करा सकती है। जिन गांवों में विकास कार्यों के लिए सरकार की तरफ से ग्रांट मिली है, अब उनके खाता में पैसा आ रहा है। इसी के साथ ई-टेंडरिंग से ये कार्य कराए जा जाएंगे। कई गांवों में तो पहले से ही विकास कार्य चल रहे थे, लेकिन बीच में ही बाकी ग्रांट नहीं दी गई। अब उन्हें भी बचा हुआ ग्रांट का पैसा मिल रहा है।
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फिरनी पर स्ट्रीट लाइट और पक्की कराने का काम करा रहा पंचायती राज विभाग
ग्राम पंचायतों के अधिकार क्षेत्र से बाहर के काम सीधे तौर पर पंचायती राज तकनीकी विंग की ओर से कराए जा रहे हैं। इसमें गांवों के अंदर फिरनी पक्की कराना और फिरनी पर स्ट्रीट लाइट लगवाना शामिल है। इसी के साथ गांवों में सामुदायिक केंद्रों का निर्माण काम भी चल रहा है वहीं शिवधामों का भी जीर्णोद्धार का काम चल रहा है। ये कार्य ई-टेंडरिंग से सीधे पंचायती राज विभाग के अधीन ही कराए जा रहे हैं।
गांवों में विकास कार्यों के लिए सीधे ग्राम पंचायतों के खाता में सरकार से पैसा भेजा जा रहा है। 21 लाख तक के बजट के कार्य ग्राम पंचायतें अपने स्तर पर करा सकती हैं। सरकार की ओर से निर्धारित मानकों के हिसाब से ही ग्राम पंचायतों को सभी विकास कार्य कराए जाने हैं। बजट को लेकर कोई भी विकास कार्य प्रभावित नहीं रहने दिया जाएगा।
- संभव जैन, कार्यकारी अभियंता, पंचायती राज तकनीकी विंग भिवानी।