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Bhiwani News: 12 हजार रुपये में नाबालिग लड़के से कराया जा रहा था रोजाना 14 घंटे काम
Fri, 29 Sep 2023 11:01 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 29 Sep 2023 11:01 PM IST
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भिवानी।
होटल पर मात्र 12 हजार रुपये माह में 17 साल के लड़के से रोजाना 14 घंटे तक काम कराया जा रहा था। वहीं एक फैक्टरी के अंदर भी दो नाबालिग लड़कों से मात्र सात-सात हजार रुपये महीना देकर उनसे रोजाना 10 घंटे काम लिया जा रहा था। शुक्रवार को तीनों ही नाबालिग लड़कों को छापा मारकर जिला बाल संरक्षण अधिकारी, बाल कल्याण समिति सदस्य ने मानव तस्करी निरोधक इकाई राज्य अपराध शाखा की टीम के साथ मिलकर रेस्क्यू किया।
तीनों नाबालिगों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद एक को बाल सेवा आश्रम भेजा गया जबकि दो को उनके परिजनों को सौंप दिया। शुक्रवार को चाइल्ड लाइन पर मिली शिकायत के बाद बाल कल्याण समिति सदस्य सतेंद्र तंवर, जिला बाल संरक्षण अधिकारी संदीप कुमार व राज्य अपराध शाखा के उप निरीक्षक संजय, एएसआई कपिल देव के साथ मिलकर बवानीखेड़ा के पंजाबी ढाबा पर छापा मारा। वहां पर 17 साल का एक लड़का ढाबे पर काम करते हुए मिला। लड़के से प्रारंभिक पूछताछ के बाद उसे वहां से रेस्क्यू किया गया। लड़के ने बताया कि उसे 12 हजार रुपये में उससे सुबह नौ बजे से रात 11 बजे तक काम कराया जाता था। ढाबे पर ये लड़का खाना बनाने व बर्तन साफ करने तक का काम करता था।
इसी तरह टीम ने हांसी रोड बीडी गुप्ता पार्क के समीप देवनगर की एक फैक्टरी से भी दो नाबालिग को रेस्क्यू किया। पूछताछ में दोनों लड़कों ने बताया कि वे दोनों ही उत्तर प्रदेश के एक जिले के रहने वाले हैं। वे फैक्टरी के अंदर मात्र साढ़े छह हजार से सात हजार रुपये में सुबह साढ़े आठ बजे से लेकर शाम साढ़े छह बजे तक काम करते हैं। टीम ने यहां से भी दोनों बच्चों को रेस्क्यू किया और तीनों का नागरिक अस्पताल में लाकर इनका मेडिकल परीक्षण कराया।
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इसके बाद ढाबा से बरामद किए गए लड़के को बाल सेवा आश्रम भेजा गया। वहीं फैक्टरी से बरामद किए दो बच्चों को उनके परिजनों को सौंप दिया। बाल कल्याण समिति सदस्य सतेंद्र तंवर ने बताया कि तीनों बच्चों की काउंसिलिंग कराई जाएगी। इस दौरान अगर इन बच्चों से यहां जबरन मजदूरी कराने की बातें सामने आती हैं तो फिर ढाबा संचालक और फैक्टरी संचालक पर भी जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी।
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होटल पर मात्र 12 हजार रुपये माह में 17 साल के लड़के से रोजाना 14 घंटे तक काम कराया जा रहा था। वहीं एक फैक्टरी के अंदर भी दो नाबालिग लड़कों से मात्र सात-सात हजार रुपये महीना देकर उनसे रोजाना 10 घंटे काम लिया जा रहा था। शुक्रवार को तीनों ही नाबालिग लड़कों को छापा मारकर जिला बाल संरक्षण अधिकारी, बाल कल्याण समिति सदस्य ने मानव तस्करी निरोधक इकाई राज्य अपराध शाखा की टीम के साथ मिलकर रेस्क्यू किया।
तीनों नाबालिगों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद एक को बाल सेवा आश्रम भेजा गया जबकि दो को उनके परिजनों को सौंप दिया। शुक्रवार को चाइल्ड लाइन पर मिली शिकायत के बाद बाल कल्याण समिति सदस्य सतेंद्र तंवर, जिला बाल संरक्षण अधिकारी संदीप कुमार व राज्य अपराध शाखा के उप निरीक्षक संजय, एएसआई कपिल देव के साथ मिलकर बवानीखेड़ा के पंजाबी ढाबा पर छापा मारा। वहां पर 17 साल का एक लड़का ढाबे पर काम करते हुए मिला। लड़के से प्रारंभिक पूछताछ के बाद उसे वहां से रेस्क्यू किया गया। लड़के ने बताया कि उसे 12 हजार रुपये में उससे सुबह नौ बजे से रात 11 बजे तक काम कराया जाता था। ढाबे पर ये लड़का खाना बनाने व बर्तन साफ करने तक का काम करता था।
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इसी तरह टीम ने हांसी रोड बीडी गुप्ता पार्क के समीप देवनगर की एक फैक्टरी से भी दो नाबालिग को रेस्क्यू किया। पूछताछ में दोनों लड़कों ने बताया कि वे दोनों ही उत्तर प्रदेश के एक जिले के रहने वाले हैं। वे फैक्टरी के अंदर मात्र साढ़े छह हजार से सात हजार रुपये में सुबह साढ़े आठ बजे से लेकर शाम साढ़े छह बजे तक काम करते हैं। टीम ने यहां से भी दोनों बच्चों को रेस्क्यू किया और तीनों का नागरिक अस्पताल में लाकर इनका मेडिकल परीक्षण कराया।
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इसके बाद ढाबा से बरामद किए गए लड़के को बाल सेवा आश्रम भेजा गया। वहीं फैक्टरी से बरामद किए दो बच्चों को उनके परिजनों को सौंप दिया। बाल कल्याण समिति सदस्य सतेंद्र तंवर ने बताया कि तीनों बच्चों की काउंसिलिंग कराई जाएगी। इस दौरान अगर इन बच्चों से यहां जबरन मजदूरी कराने की बातें सामने आती हैं तो फिर ढाबा संचालक और फैक्टरी संचालक पर भी जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी।