फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Medical Certificate build name swindle

मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के नाम पर ठगी

Sat, 12 Jul 2014 12:46 AM IST
भिवानी
भिवानी Updated Sat, 12 Jul 2014 12:46 AM IST
विज्ञापन

सामान्य अस्पताल में मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के नाम पर आवेदकाें को ठगने वालों का एक गिरोह सक्रिय है। गिरोह के सदस्य फर्जी हस्ताक्षर कर मेडिकल बनवाने आने वालों से रुपये ऐंठते है। ऐसा ही मामला बृहस्पतिवार को सामने आया। गलत तरीके से मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने आए युवक को काबू किया।

विज्ञापन


युवक ने बताया कि एक कर्मचारी ने उससे एक सौ रुपये लिये और चिकित्सक के हस्ताक्षर करवाए। मगर जो हस्ताक्षर मेडिकल सर्टिफिकेट पर है वह अस्पताल के किसी भी चिकित्सक के नहीं है। ऐसे में साफ है कि मेडिकल बनवाने आने वालों को फर्जी हस्ताक्षरों से ठगा जा रहा है।
विज्ञापन


यूं पकड़ा गया युवक
रेलवे में नौकरी के लिए एक युवक मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने अस्पताल पहुंचा। मेडिकल सर्टिफिकेट पर स्टांप लगवाने के लिए युवक प्रधान चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पहुंचा। सर्टिफिकेट पर मेडिकल ऑफिसर के हस्ताक्षर भी थे। इसी दौरान वहां ओपीडी इंचार्ज डॉ. एनके गर्ग पहुंच गए। उन्होंने सर्टिफिकेट पर हुए मेडिकल ऑफिसर के हस्ताक्षर के बारे में पूछा तो युवक ने बताया कि अस्पताल के एक मोटे से कर्मचारी ने एक सौ रुपये लिए और उसे हस्ताक्षर कराकर दे दिए। जिसके बाद युवक को ओपीडी में लाया गया और कर्मचारी बताने के बारे में कहा गया। तो युवक ने बताया कि वह कर्मचारी को नहीं जानता, ओपीडी में ही मिला था।
विज्ञापन
विज्ञापन


साहब, मेरी नौकरी का सवाल है, जाने दो
साहब मेरी नौकरी का सवाल है। एक सौ रुपये गए तो जाने दो। मुझे मेडिकल बनवाने की प्रक्रिया बता दो और मुझे जाने दो। यह कहना है पकडे़ गए युवक का। युवक ने चिकित्सकों को बताया कि एक मोटा सा कर्मचारी था। जिसने उससे एक सौ रुपये लिए और चिकित्सक के हस्ताक्षर कराने की बात कही। बाद में हस्ताक्षर किए हुआ सर्टिफिकेट उसे लौटा दिया और स्टांप के लिए ऊपर पीएमओ कार्यालय में जाने के लिए कहा।


किसी के चक्कर में ना फंसे
चिकित्सा अधिकारियों ने मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए आने वाले युवकों को जल्दी के चक्कर में किसी भी अज्ञात व्यक्ति के चक्कर में फंसकर रुपये नहीं देने का आह्वान किया है। चिकित्सकों ने बताया कि स्कूल-कॉलेज या किसी प्रोफेशनल कोर्स में एडमिशन के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट जालान अस्पताल में बनाए जाते है और नौकरी के लिए सर्टिफिकेट सिविल सर्जन कार्यालय में बनाए जाते है। सर्टिफिकेट बनवाने की एक निर्धारित प्रक्रिया है, जिसमें जिसका मेडिकल बनाया जाना है, उसकी जांच भी की जाती है।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed