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जच्चा-बच्चा वार्ड के लेंटर का मलबा गिरा, प्रसूता चोटिल
ब्यूरो/ अमर उजाला, भिवानी
Updated Mon, 27 Oct 2014 12:13 AM IST
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सामान्य अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड की लेंटर का मलबा उपचाराधीन प्रसूता पर गिरने से हड़कंप मच गया। मलबा टांगों पर गिरने की वजह से प्रसूता चोटिल हो गई। उसकी करीब साढे़ तीन घंटे की बच्ची बाल-बाल बच गईं। आनन-फानन में सभी महिला मरीजों को बच्चों समेत दूसरे कमरे में शिफ्ट किया गया।
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यह वाकया रविवार सुबह साढ़े आठ बजे हुआ। नया बाजार वासी महिला बबली ने सुबह करीब साढे़ चार बजे सामान्य अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद महिला व बच्ची को जच्चा-बच्चा वार्ड के दो नंबर कमरे में शिफ्ट किया गया। सुबह करीब आठ बजे अचानक कमरे में लेंटर का मलबा टूटकर गिर गया।
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महिला बबली के पांव पर भी मलबा गिरा। गनीमत रही कि साढे़ घंटे की मासूम पर मलबा नहीं गिरा। मलबा गिरने से हड़कंप मच गया। कमरे के मरीज व उनके परिजन बाहर भागे। आनन फानन में इस कमरे में भर्ती महिलाओं को बच्चों समेत एक नंबर कमरे में शिफ्ट कर दिया गया।
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महिला की घबराहट के कारण तबीयत बिगड़ गई। जिसके बाद महिला को इंजेक्शन व दवाइयां दी गई। छत के लेंटर का और मलबा भी गिरने के आसार बने हुए है। बताया जाता है कि सीलन के कारण छत का लेंटर कमजोर पड़ा और मलबा टूटकर गिरा।
पार्किंग में मिले इंजेक्शन
सामान्य अस्पताल की इमरजेंसी के इंजेक्शन रविवार सुबह पार्किंग में मिले। इस तरह इंजेक्शन पडे़ होने पर हंगामा मच गया। बात सिविल सर्जन तक भी पहुंची। बाद में नर्सों ने इंजेक्शन उठवाए। वाक्या सुबह करीब साढे़ 10 बजे का है। इमरजेंसी के पास बनी पार्किंग में करीब 10 डाइक्लोफिनेक इंजेक्शन का पैकेट गिरा हुआ था। दो इंजेक्शन टूटे हुए थे। सिविल सर्जन को भी सूचना दी गई। बाद में स्टाफ नर्सों ने इंजेक्शन उठवा लिए।
जांच की तो पाया कि इंजेक्शन अस्पताल की इमरजेंसी से ही बाहर फेंके गए। अब बाहर किसने फेंके, किसी ने शरारत की या स्टाफ की लापरवाही है। इसकी अब जांच की जाएगी। सूचना पर कार्यकारी प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार भी पहुंचे। इंजेक्शनों के बैच नंबर मिलाए गए, जो अस्पताल के रिकार्ड से ही मिलते पाए गए। बाहर पार्किंग में मिले इंजेक्शनों की एक्सपायरी तिथि भी वर्ष 2016 की है।
मरीज तड़पती रही, नर्स सोती रही
इमरजेंसी में मिर्गी का दौरा आने से एक महिला तड़प रही थी और इसी दौरान अस्पताल की नर्स अंदर सोई हुई थी। यह नजारा रविवार सुबह करीब पौने 12 बजे था। दरअसल इजेक्शन पार्किंग में पडे़ होने की सूचना पाकर कार्यकारी प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार इमरजेंसी पहुंचे। यहां तड़पती महिला का हालचाल जाना। अंदर कमरे में जाकर देखा तो नर्स सोई हुई थी। जिसके बाद उन्हें जगाया गया। ड्यूटी के दौरान सोई मिली नर्स के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।