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Bhiwani News: जिले के 35 से अधिक बड़े गांवों में बरसाती पानी निकासी का मास्टर प्लान तैयार

Tue, 13 Jun 2023 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Tue, 13 Jun 2023 11:29 PM IST
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Master plan prepared for storm water drainage in more than 35 big villages of the district
भिवानी। मानसून से पहले ही जिले के 35 बड़े गांवों की आबादी के आसपास के इलाकों से बरसाती पानी की निकासी का मास्टर प्लान तैयार हो गया है। बाढ़ नियंत्रण प्रबंधों के तहत सिंचाई विभाग जलभराव संभावित 85 बिंदुओं पर पानी निकासी के प्रबंध करेगा।
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इसके लिए तीन माह तक सिंचाई विभाग बिजली निगम से अस्थायी बिजली कनेक्शन भी चालू कराएगा। मानसून के दौरान जोहड़ों के आसपास रहने वाली आबादी को जलभराव की वजह से पलायन करने पर मजबूर होना पड़ता है। अब सिंचाई विभाग हर प्वाइंट पर दो मोटरों की व्यवस्था कराएगा। एक तकनीकी खराबी के कारण बंद भी होती है तो भी पानी की निकासी का काम नहीं रुकेगा। जुलाई से पहले ही चिह्नित बिंदुओं पर पंप मोटरें और बिजली कनेक्शन भी चालू हो जाएंगे। इसके लिए बिजली विभाग के अधिकारियों ने भी साइट का सर्वेक्षण कर एस्टीमेट तैयार कराए हैं।
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सिंचाई विभाग की मैकेनिकल शाखा ने जिलेभर में 85 से अधिक बिंदुओं को चिह्नित किया है। जहां पर तीन माह के लिए अब अस्थायी बिजली कनेक्शन लेकर पानी निकासी के लिए मोटरें स्थापित कराई जाएंगी। ये मोटरें इतनी क्षमता की होंगी की जैसे ही जलभराव की संभावना होगी तुरंत पानी की निकासी कर उसे नजदीकी ड्रेन तक पहुंचा देगी। कई गांवों और खेतों में तो सिंचाई विभाग पहले ही भूमिगत पाइप लाइन डालने के कार्यों में जुटा है।
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जिले के 35 गांवों में मानसून के दौरान ज्यादा बारिश होने से जलभराव होता है। इनमें बापोड़ा, तिगड़ाना, धनाना, कलिंगा, चांग, मुंढाल, घुसकानी, तालू के अलावा बवानीखेड़ा क्षेत्र के गांव शामिल हैं। इन गांवों के आबादी के आसपास कुछ ऐसे बिंदु हैं, जहां पर बारिश के पानी का ठहराव बना रहता है और ज्यादा स्तर बढ़ने पर बारिश का पानी आबादी के घरों और गलियों का रुख कर लेता है। इसी से बचाव के लिए सिंचाई विभाग को बाढ़ प्रबंधों के तहत पानी निकासी की पुख्ता व्यवस्था करानी जरूरी है। सिंचाई विभाग अब तक बिजली निगम से करीब 50 बिजली कनेक्शन ले चुका है, जबकि मानसून से पहले करीब 85 बिंदुओं पर तीन माह के लिए अस्थायी बिजली कनेक्शन चालू कराए जाएंगे।



बारिश से पहले होगी ड्रेनों की सफाई, बढ़ाई जाएगी क्षमता
बारिश से पहले जिले में गंदे पानी की निकासी कराने वाली ड्रेनों की सफाई भी कराई जाएगी, ताकि इनके अंदर बारिश का अतिरिक्त पानी डाला जा सके। सफाई न होने की सूरत में ड्रेनों के बारिश के अतिरिक्त पानी की वजह से ओवरफ्लो होने और किनारे टूटने की घटनाएं भी हो सकती हैं। हर साल बारिश में कई ड्रेनों के किनारे टूटने से पानी वापस खेतों का रुख कर देता है। इससे न केवल किसानों को नुकसान झेलना पड़ता है, बल्कि विभाग का भी काफी पैसा खर्च होता है।





भूमि में भी बढ़ गई सेम की समस्या

जलभराव संभावित गांवों के आबादी के आसपास की खेती योग्य भूमि भी सेमग्रस्त हो गई है। यहां पर भूमिगत पानी काफी ऊपर आ चुका है और जमीन पर भी नमकीन परत जमने लगी है। इसमें भूमि की उपजाऊ क्षमता भी खत्म हो चुकी है। ऐसी करीब 3500 एकड़ भूमि है जो जलभराव की वजह से अपनी फसल उत्पादन क्षमता खो चुकी है। वहीं कहीं अधिक भूमि जलभराव से फसल डूबने की समस्या से ग्रस्त है।

जलभराव संभावित गांवों में 25 जून तक सभी चिह्नित बिंदुओं पर पानी निकासी के प्रबंध पूरे कर लिए जाएंगे। प्रत्येक प्वाइंट पर दो मोटरें लगाई जाएंगी, ताकि एक बंद होने पर दूसरी से लगातार पानी निकासी का काम जारी रखा जा सके। जहां पर मोटर पंप लगाना संभव नहीं है वहां पर ट्रैक्टर या फिर पानी निकासी की दूसरी व्यवस्थाएं कराई जाएंगी। बिजली निगम से भी अस्थायी कनेक्शन लिए जा रहे हैं।

-नवीन कुमार देशवाल, कार्यकारी अभियंता, मैकेनिकल विंग सिंचाई विभाग, भिवानी।
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