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Bhiwani News: साइकिल से हजारों किमी यात्रा कर राजमिस्त्री नरेंद्र दे रहे पर्यावरण संरक्षण का संदेश
Sat, 28 Jun 2025 09:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 28 Jun 2025 09:57 PM IST
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नंदगांव निवासी नरेंद्र यादव की अमरनाथ साइकिल यात्रा को रवाना करते मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी।
भिवानी। पर्यावरण संरक्षण के लिए जुनून ऐसा कि एक राजमिस्त्री ने साइकिल पर हजारों किलोमीटर की यात्राएं कर डालीं। जिले के नंदगांव निवासी 50 वर्षीय नरेंद्र यादव पेशे से राजमिस्त्री हैं, लेकिन पर्यावरण के लिए उनका समर्पण किसी सामाजिक कार्यकर्ता से कम नहीं। अब तक वे 10 बार साइकिल से लंबी यात्राएं कर चुके हैं। हाल ही में 11वीं अमरनाथ साइकिल यात्रा पर निकले हैं, जिसे पंचकूला में शुक्रवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
राजमिस्त्री नरेंद्र ने बताया कि उनकी हर यात्रा लगभग ढाई से तीन हजार किलोमीटर की होती है। वे दो बार राममंदिर अयोध्या, एक बार गंगासागर और एक बार जगन्नाथपुरी की यात्रा साइकिल से कर चुके हैं। अब उन्होंने अमरनाथ यात्रा का संकल्प लिया है और वहां से शिव कांवड़ लेकर साइकिल से ही गांव लौटेंगे।
सिर्फ यात्रा ही नहीं, नरेंद्र पर्यावरण संरक्षण के लिए गांव में भी सक्रिय हैं। वे ग्राम पंचायत के सहयोग से गांव के श्मशान घाट में 300 से अधिक पौधे लगा चुके हैं। यात्राओं के दौरान भी वे लोगों को पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्त जीवन का संदेश देते हैं। नरेंद्र के परिवार में पत्नी, बीएससी फाइनल कर चुका बेटा और एक शादीशुदा बेटी है। उनका जीवन सादगीपूर्ण है, लेकिन उनकी सोच समाज को दिशा देने वाली है। जागरूकता फैलाना ही उनके जीवन का उद्देश्य बन गया है।
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राजमिस्त्री नरेंद्र ने बताया कि उनकी हर यात्रा लगभग ढाई से तीन हजार किलोमीटर की होती है। वे दो बार राममंदिर अयोध्या, एक बार गंगासागर और एक बार जगन्नाथपुरी की यात्रा साइकिल से कर चुके हैं। अब उन्होंने अमरनाथ यात्रा का संकल्प लिया है और वहां से शिव कांवड़ लेकर साइकिल से ही गांव लौटेंगे।
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सिर्फ यात्रा ही नहीं, नरेंद्र पर्यावरण संरक्षण के लिए गांव में भी सक्रिय हैं। वे ग्राम पंचायत के सहयोग से गांव के श्मशान घाट में 300 से अधिक पौधे लगा चुके हैं। यात्राओं के दौरान भी वे लोगों को पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्त जीवन का संदेश देते हैं। नरेंद्र के परिवार में पत्नी, बीएससी फाइनल कर चुका बेटा और एक शादीशुदा बेटी है। उनका जीवन सादगीपूर्ण है, लेकिन उनकी सोच समाज को दिशा देने वाली है। जागरूकता फैलाना ही उनके जीवन का उद्देश्य बन गया है।
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