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Bhiwani News: किसान-मजदूर न्याय चौपाल में आए कई सुझाव
Thu, 20 Jun 2024 03:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 20 Jun 2024 03:10 AM IST
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भिवानी में किसान- मजदूर न्याय चौपाल को संबोधित करते घोषणा पत्र समिति के वरिष्ठ सदस्य राजेंद्र
भिवानी। महम रोड स्थित विद्यानगर धर्मशाला में बुधवार को हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की किसान-मजदूर न्याय चौपाल का आयोजन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में किसान-मजदूर संगठन और सरपंच एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारी व अन्य सदस्य जुटे और उन्होंने घोषणा पत्र समिति के सामने अपनी मांगें रखीं। न्याय चौपाल में उपस्थित घोषणा पत्र समिति के सदस्यों ने उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुनते हुए उनके सुझावों पर गंभीरता से विचार कर उन्हें प्रदेश कांग्रेस कमेटी और पार्टी प्रभारी के सामने रखने का आश्वासन दिया।
किसान संगठनों ने एमएसपी की मांग को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि बढ़ती लागत के बाद किसान के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा की राशि भरना मुश्किल हो रखा है। फसल बेचने पर कई तरह की शर्तें थोपी जाती हैं जिन्हें हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिक्री के बाद उठान लेट होने के कारण भुगतान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। कर्ज मुक्त करने और मंडी विस्तार की बात भी कई किसान नेताओं ने उठाई। मजदूर नेताओं ने कहा कि नई लेबर कोड लागू होने के बाद श्रमिक को 8 की बजाए 12 घंटे काम करना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि 8 घंटे काम सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने खाली पड़े सरकारी पद भरने और 26000 रुपए प्रति माह न्यूनतम वेतन लागू करने की मांग प्रमुखता से रखी। गरीबों को सौ- सौ गज के प्लॉट के साथ दो कमरों का मकान देने का ऐलान करने की बात भी मजदूर नेताओं ने रखी। सरपंच एसोसिएशन ने संविधान के 73वें संशोधन की 11वीं सूची के तहत पंचायतों को दिये गये अधिकारों को लागू करने के साथ टेंडर प्रक्रिया में प्रशासनिक अनुमित सरपंचों को सौंपने की मांग घोषणा पत्र समिति के सामने रखी। इस अवसर पर घोषणा पत्र समिति के सदस्य राजेंद्र सूरा, वीरेंद्र हुड्डा, पूर्व सीपीएस रणसिंह मान, पूर्व विधायक डॉ. वासुदेव शर्मा, शिवशंकर भारद्वाज, दिलबाग हुड्डा, ओमप्रकाश इस्माइला, राज सिंह जाखड़, ओमप्रकाश, सुरेंद्र पंघाल, कमल प्रधान, दलबीर गांधी मौजूद रहे।
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किसान संगठनों ने एमएसपी की मांग को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि बढ़ती लागत के बाद किसान के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा की राशि भरना मुश्किल हो रखा है। फसल बेचने पर कई तरह की शर्तें थोपी जाती हैं जिन्हें हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिक्री के बाद उठान लेट होने के कारण भुगतान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। कर्ज मुक्त करने और मंडी विस्तार की बात भी कई किसान नेताओं ने उठाई। मजदूर नेताओं ने कहा कि नई लेबर कोड लागू होने के बाद श्रमिक को 8 की बजाए 12 घंटे काम करना पड़ेगा।
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उन्होंने कहा कि 8 घंटे काम सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने खाली पड़े सरकारी पद भरने और 26000 रुपए प्रति माह न्यूनतम वेतन लागू करने की मांग प्रमुखता से रखी। गरीबों को सौ- सौ गज के प्लॉट के साथ दो कमरों का मकान देने का ऐलान करने की बात भी मजदूर नेताओं ने रखी। सरपंच एसोसिएशन ने संविधान के 73वें संशोधन की 11वीं सूची के तहत पंचायतों को दिये गये अधिकारों को लागू करने के साथ टेंडर प्रक्रिया में प्रशासनिक अनुमित सरपंचों को सौंपने की मांग घोषणा पत्र समिति के सामने रखी। इस अवसर पर घोषणा पत्र समिति के सदस्य राजेंद्र सूरा, वीरेंद्र हुड्डा, पूर्व सीपीएस रणसिंह मान, पूर्व विधायक डॉ. वासुदेव शर्मा, शिवशंकर भारद्वाज, दिलबाग हुड्डा, ओमप्रकाश इस्माइला, राज सिंह जाखड़, ओमप्रकाश, सुरेंद्र पंघाल, कमल प्रधान, दलबीर गांधी मौजूद रहे।
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