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Bhiwani News: मनीषा मौत मामले में पिता ने प्रशासन को सौंपा दो सूत्री मांगपत्र
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ढिगावामंडी (भिवानी)। मनीषा मौत मामले में सोमवार को पुलिस अधीक्षक के आश्वासन के बाद आमरण अनशन समाप्त करने वाले पिता संजय ने मंगलवार को प्रशासन को दो सूत्री मांगपत्र सौंपा। मांगपत्र में उन्होंने सीबीआई के शुरुआती जांच अधिकारी विवेक कुमार से परिवार की बैठक कराने तथा परिवार और संघर्ष समिति के सदस्यों की सीबीआई के साथ बैठक का समय तय करने की मांग की है।
संजय ने प्रशासन को दिए मांगपत्र में कहा कि पहली मांग के तहत मनीषा मौत मामले के शुरुआती सीबीआई जांच अधिकारी विवेक कुमार से परिवार के सदस्यों की मुलाकात कराई जाए। उनका कहना है कि विवेक कुमार ने ही मामले की जांच की थी और उनसे करीब साढ़े तीन घंटे तक बातचीत भी की थी। दूसरी मांग में परिवार के दो सदस्यों और संघर्ष समिति के पांच सदस्यों की सीबीआई के साथ बैठक का समय निर्धारित करने की बात कही गई है।
भाकियू के जिला प्रधान मेवा सिंह आर्य ने कहा कि मनीषा के पिता संजय ने पिछले साढ़े दस महीनों से न्याय के लिए लगातार संघर्ष किया है। इस दौरान उन्हें खापों, सामाजिक संगठनों, किसान संगठनों और समाज के लोगों का भरपूर सहयोग मिला। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच रिपोर्ट निर्धारित समयावधि में सार्वजनिक नहीं किए जाने के विरोध में उपमंडल अधिकारी (नागरिक) से लेकर उपायुक्त तक तीन दिन की पैदल यात्रा निकाली गई। मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के नाम धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन भी सौंपे गए मगर सरकार ने पीड़ित परिवार की कोई सुनवाई नहीं की।
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उन्होंने बताया कि आखिरकार मजबूर होकर 29 जून को संजय आमरण अनशन पर बैठने के लिए उपायुक्त कार्यालय भिवानी जा रहे थे जहां उन्हें कुडलबास में भारी पुलिस बल ने रोक लिया। देर शाम पुलिस कप्तान कुडलबास पहुंचे और सात दिन का समय मांगते हुए सीबीआई जांच समिति के साथ बैठक कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान संजय कुमार ने प्रस्ताव रखा कि परिवार के दो सदस्य, संघर्ष समिति के पांच सदस्य तथा शुरुआत में जांच करने वाले और बाद में स्थानांतरित हो चुके सीबीआई अधिकारी को भी बैठक में शामिल किया जाए। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद ही आमरण अनशन स्थगित किया गया था। उन्होंने कहा कि यदि सरकार अपने वादे पर खरी नहीं उतरती है तो सात दिन बाद पंचायत बुलाकर आगे की रणनीति की घोषणा की जाएगी।
इन दो मांगों पर अड़ा है परिवार
मनीषा मौत मामले के शुरुआती सीबीआई जांच अधिकारी विवेक कुमार से परिवार के सदस्यों की बैठक कराई जाए।
परिवार के दो सदस्यों और संघर्ष समिति के पांच सदस्यों की सीबीआई के साथ बैठक का समय निर्धारित किया जाए।
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संजय ने प्रशासन को दिए मांगपत्र में कहा कि पहली मांग के तहत मनीषा मौत मामले के शुरुआती सीबीआई जांच अधिकारी विवेक कुमार से परिवार के सदस्यों की मुलाकात कराई जाए। उनका कहना है कि विवेक कुमार ने ही मामले की जांच की थी और उनसे करीब साढ़े तीन घंटे तक बातचीत भी की थी। दूसरी मांग में परिवार के दो सदस्यों और संघर्ष समिति के पांच सदस्यों की सीबीआई के साथ बैठक का समय निर्धारित करने की बात कही गई है।
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भाकियू के जिला प्रधान मेवा सिंह आर्य ने कहा कि मनीषा के पिता संजय ने पिछले साढ़े दस महीनों से न्याय के लिए लगातार संघर्ष किया है। इस दौरान उन्हें खापों, सामाजिक संगठनों, किसान संगठनों और समाज के लोगों का भरपूर सहयोग मिला। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच रिपोर्ट निर्धारित समयावधि में सार्वजनिक नहीं किए जाने के विरोध में उपमंडल अधिकारी (नागरिक) से लेकर उपायुक्त तक तीन दिन की पैदल यात्रा निकाली गई। मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के नाम धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन भी सौंपे गए मगर सरकार ने पीड़ित परिवार की कोई सुनवाई नहीं की।
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उन्होंने बताया कि आखिरकार मजबूर होकर 29 जून को संजय आमरण अनशन पर बैठने के लिए उपायुक्त कार्यालय भिवानी जा रहे थे जहां उन्हें कुडलबास में भारी पुलिस बल ने रोक लिया। देर शाम पुलिस कप्तान कुडलबास पहुंचे और सात दिन का समय मांगते हुए सीबीआई जांच समिति के साथ बैठक कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान संजय कुमार ने प्रस्ताव रखा कि परिवार के दो सदस्य, संघर्ष समिति के पांच सदस्य तथा शुरुआत में जांच करने वाले और बाद में स्थानांतरित हो चुके सीबीआई अधिकारी को भी बैठक में शामिल किया जाए। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद ही आमरण अनशन स्थगित किया गया था। उन्होंने कहा कि यदि सरकार अपने वादे पर खरी नहीं उतरती है तो सात दिन बाद पंचायत बुलाकर आगे की रणनीति की घोषणा की जाएगी।
इन दो मांगों पर अड़ा है परिवार
मनीषा मौत मामले के शुरुआती सीबीआई जांच अधिकारी विवेक कुमार से परिवार के सदस्यों की बैठक कराई जाए।
परिवार के दो सदस्यों और संघर्ष समिति के पांच सदस्यों की सीबीआई के साथ बैठक का समय निर्धारित किया जाए।