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Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Malls and residential buildings will run on-showroom Yellow Claw

मॉल-शोरूम और आवासीय भवनों पर चलेगा पीला पंजा

Thu, 11 Feb 2016 12:47 AM IST
भिवानी ब्यूरो।
भिवानी ब्यूरो। Updated Thu, 11 Feb 2016 12:47 AM IST
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भिवानी। नियमों को ताक पर रखकर शहर में बनाए गए 22 भवनों पर कार्रवाई के एक बार फिर आसार बनते दिख रहे हैं। शहरी निकाय निदेशालय ने पत्र लिखकर जिला उपायुक्त को एक सप्ताह के भीतर इन इमारतों पर कार्रवाई को कहा है। हाईकोर्ट और लोकायुक्त की रिपोर्ट का हवाला देते हुए भेजे पत्र में कार्रवाई की रिपोर्ट भेजने की बात कही गई है। इस पत्र के बाद भवन मालिकों में हड़कंप मचा है। माना जा रहा है कि इन इमारतों पर पीला पंजा या फिर सीलिंग जैसी कार्रवाई होगी। यह मामला इसलिए भी चर्चा में है कि इन 22 भवनों में ज्यादातर प्रभावशाली लोगों के हैं। इनमें में मॉल-शो रूम व आवासीय इमारत बनी हैं। पिछले साल अप्रैल महीने में प्रशासन ने इन भवनों में से कुछ को सील किया और कुछ पीला पंजा चलाया भी था। लेकिन, बाद में यह मामला ठंडा पड़ गया।

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नियमों को ताक पर रख बनाए गए 22 भवनों पर कार्रवाई को लेकर लोकायुक्त की अनुशंसा और शहरी निकाय निदेशालय के कार्रवाई के निर्देश नगर परिषद अधिकारियों, कर्मचारियों के गले की फांस बना है। बीते वर्ष फरवरी माह में लोकायुक्त की अनुशंसा पर शहरी निकाय निदेशालय ने इन 22 भवनों के खिलाफ सील करने या तोड़ने के निर्देश जारी किए थे। मगर नप अधिकारियों, कर्मचारियों की लापरवाही के चलते मामला अब तक लटका हुआ है और ये भवन पहले की तरह स्थित है। भवनों में लोग रह रहे है। 

45 कर्मचारी हो चुके हैं चार्जशीट

मामले में कार्रवाई नहीं करने व लापरवाही बरतने के मामले में 45 नगर परिषद कर्मचारियों को पिछले महीने ही सेक्शन आठ के तहत चार्जशीट किया गया है। इनमें तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी, एमई आदि शामिल है।

यह है मामला 

शहर में नियमों को ताक पर बने भवनों के खिलाफ सेक्टर वासी मुरारीलाल गुप्ता ने लोकायुक्त को शिकायत दी गई थी। जांच में पाया गया कि किसी का नक्शा पास नहीं है तो किसी के नक्शे में पार्किंग दिखाई गई है और वहां दुकानें चल रही है। किसी ने रिहायशी प्लॉट का नक्शा पास कराया और वहां व्यावसायिक गतिविधियां चल रही है। जांच तत्कालीन स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक विकास गुप्ता ने की। लोकायुक्त ने रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की अनुशंसा की। फरवरी 2015 में लोकायुक्त की अनुशंसा पर शहरी निकाय निदेशालय ने इन्हें तोड़ने या सील करने के निर्देश दिए। 

वर्जन::::::::

अभी पत्र के बारे में जानकारी नहीं, मगर अधिकारियों के निर्देशानुसार मामले में कार्रवाई की जाएगी।

संजय यादव, सचिव, नगर परिषद

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