महम रोड गौशाला में बनेगा गौसंवर्धन केंद्र
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भिवानी। महम रोड स्थित गोशाला की करीब 41 एकड़ जमीन को गोसंवर्धन केंद्र के लिए बेहतर माना है वहीं मत्स्य पालन केंद्र की 35 एकड़ जगह में गो अभ्यारण्य केंद्र बन सकता है। जिला प्रशासन ने इन दोनों जगह के प्रपोजल तैयार कर सरकार के पास भेजे है। मंजूरी के बाद इन काम शुरू होगा।
लावारिस पशु शहर वासियों के लिए परेशानी बने है। हर रोज कही न कही हादसे हो रहे है। अब तक शहर में ही लावारिस पशुओं की टक्कर से दो की मौत हो चुकी है और दर्जनभर से अधिक घायल हो चुके है। जिलेभर में यह आंकड़ा और भी ज्यादा है। अकेले शहर में ही साढ़े तीन हजार के करीब लावारिस पशु है। शहर में प्रशासन के पास इन लावारिस पशुओं को रखने के लिए कोई जगह भी नहीं। गौशाला संचालक पहले ही इंकार कर चुके है। अब प्रशासन शहर वासियों को लावारिस पशुओं की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्लानिंग बना रहा है।
इसी कड़ी में गौ अभ्यारण्य केंद्र की प्लानिंग चल रही है। इसके लिए सर्वे के बाद पशुपालन, नगर परिषद व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने मत्स्य पालन केंद्र की 35 एकड़ जगह को उपयुक्त बताया है। पिछले दिनों गो सेवा आयोग ने भी गौ अभ्यारण्य केंद्र की जगह बाबत जवाब मांगा था। जिसके बाद मत्स्य पालन विभाग की जमीन का प्रपोजल भेजा गया।
गौशाला में गौसंवर्धन केंद्र
देशी गायों की नस्ल सुधार, बेहतर नस्ल तैयार करने व हर तरह की सुविधा के लिए गौसंवर्धन केंद्र बनाया जाना है। इसके लिए महम रोड स्थित गौशाला की जगह उपयुक्त बताई जा रही है। गौशाला प्रबंधन कमेटी भी 41 एकड़ जमीन गौसंवर्धन केंद्र के लिए देने को तैयार है। अब इसका प्रपोजल बनाकर सरकार के पास भेजा गया है।
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मत्स्य पालन केंद्र की करीब 35 एकड़ जमीन और गौशाला की 41 एकड़ जमीन के प्रपोजल गौ अभ्यारण्य केंद्र के लिए भेजे गए है। सरकार की मंजूरी के बाद ही इन पर काम शुरू होगा।
डॉ. जय सिंह, डिप्टी डायरेक्टर, पशु पालन विभाग