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75 दिन बाद खुले मंदिरों के कपाट, नहीं बजीं घंटियां, जलाए आस्था के दीप
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मंदिर में पूजा-अर्चना करते श्रद्धालु
- फोटो : Bhiwani
कोरोना संक्रमण की वजह से लॉकडाउन के दौरान करीब 75 दिनों तक बंद रहने के बाद धार्मिक स्थलों के कपाट सोमवार को खुल गए। सोमवार सुबह जैसे ही शहर के मंदिर खुले भक्तों ने भी पहुंचकर भगवान के दर्शन किए। शहर के जोगीवाला मंदिर, हनुमान जोहड़ी मंदिर, जहरगिरी आश्रम सहित प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की लाइनें लगी। इसके बाद मंदिर में एक-एक कर श्रद्धालुओं ने भगवान की प्रतिमा के दर्शन किए और उन्हें नमन किया।
जोगीवाला मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हुआ। मंदिर में सामुदायिक दूरी के लिए बनाए गए गोलों के अंदर श्रद्धालुओं ने अपनी बारी का इंतजार किया और फिर मंदिर के मुख्य कक्ष की ओर बढ़े। भगवान शिव की प्रतिमा के समक्ष शिवपरिवार और शिवलिंग पर महिलाओं ने जल चढ़ाया। बिना किसी मूर्ति को छुएं ही श्रद्धालु वहां से निकले।
मंदिर में पहुंचे श्रद्धालु सुमन व करिश्मा का कहना था कि लॉकडाउन के दौरान रोजाना घर पर ही पूजा करती थी। कोरोना संक्रमण काल से पहले वे नियमित रूप से मंदिर आती थी। लेकिन लॉकडाउन में मंदिर बंद हो गए। अब मंदिर खुलने के बाद काफी अर्से बाद भगवान के दर्शन करने का मौका मिला है। वहीं मंदिर आए एक अन्य श्रद्धालु ने बताया कि उसकी दिनचर्या रोजाना काम पर जाने से पहले मंदिर में भगवान के दर्शन करने की थी। लेकिन लॉकडाउन के दौरान वह मंदिर नहीं आया। अब मंदिर खुले हैं तो भगवान के दर्शनों के बाद ही काम पर जाता हूं। हनुमान जोहड़ी मंदिर में भी लोग पहुंचे, मगर मंदिर में कोई घंटी नहीं बजी और न ही किसी मूर्ति को श्रद्धालु ने कोई हाथ लगाया, बल्कि दूर से ही भगवान को नमन किया। बाबा जहर गिरी आश्रम को आम जनता के दर्शनों के लिए खोला गया। आश्रम पीठाधीश्वर अशोक गिरी ने सुबह पूजा अर्चना की व आरती की। महाराज ने लोगों को हिदायत दी की सभी को पूजा करते समय किसी को कोई भी मूर्ति को हाथ नहीं लगाना है। मंदिर में बुजुर्ग और छोटे बच्चों को भी प्रवेश नहीं दिया गया।
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होटल-रेस्टोरेंट भी खुले, तैयारियों में जुटे संचालक, ग्राहकों का रहा इंतजार
रेस्टोरेंट संचालक अपने-अपने स्तर पर कोविड-19 सुरक्षा की सरकार की हिदायतानुसार व्यवस्था बनाते नजर आए। अधिकतर ने सीटिंग व्यवस्था को कम किया है। जहां पहले 50 के बैठने की व्यवस्था थी वहां 25 से 30 ही लोग बैठ सकेंगे। तीन से चार फीट का गैप सभी टेबलों में किया गया है। वहीं, व्यवस्था बनाई जा रही है कि होटल-रेस्टोरेंट में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सैनिटाइज करनेके बाद ही प्रवेश मिले। हाथों को साबुन से धुलवाया जाए।
शहर के रेस्टोरेंट दाल-चीनी के संचालक नरेंद्र कुमार ने बताया कि पहले 150 के बैठने की व्यवस्था थी, जिसे बहुत कम किया है। टेबलों के बीच दोमीटर से ज्यादा की दूरी रखी गई है। सरकार की हिदायतानुसार व्यवस्था बनाई गई है। मगर अभी ग्राहकों में हिचक है। व्यवस्था पटरी पर आने में थोड़ा समय लगेगा।
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जोगीवाला मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हुआ। मंदिर में सामुदायिक दूरी के लिए बनाए गए गोलों के अंदर श्रद्धालुओं ने अपनी बारी का इंतजार किया और फिर मंदिर के मुख्य कक्ष की ओर बढ़े। भगवान शिव की प्रतिमा के समक्ष शिवपरिवार और शिवलिंग पर महिलाओं ने जल चढ़ाया। बिना किसी मूर्ति को छुएं ही श्रद्धालु वहां से निकले।
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मंदिर में पहुंचे श्रद्धालु सुमन व करिश्मा का कहना था कि लॉकडाउन के दौरान रोजाना घर पर ही पूजा करती थी। कोरोना संक्रमण काल से पहले वे नियमित रूप से मंदिर आती थी। लेकिन लॉकडाउन में मंदिर बंद हो गए। अब मंदिर खुलने के बाद काफी अर्से बाद भगवान के दर्शन करने का मौका मिला है। वहीं मंदिर आए एक अन्य श्रद्धालु ने बताया कि उसकी दिनचर्या रोजाना काम पर जाने से पहले मंदिर में भगवान के दर्शन करने की थी। लेकिन लॉकडाउन के दौरान वह मंदिर नहीं आया। अब मंदिर खुले हैं तो भगवान के दर्शनों के बाद ही काम पर जाता हूं। हनुमान जोहड़ी मंदिर में भी लोग पहुंचे, मगर मंदिर में कोई घंटी नहीं बजी और न ही किसी मूर्ति को श्रद्धालु ने कोई हाथ लगाया, बल्कि दूर से ही भगवान को नमन किया। बाबा जहर गिरी आश्रम को आम जनता के दर्शनों के लिए खोला गया। आश्रम पीठाधीश्वर अशोक गिरी ने सुबह पूजा अर्चना की व आरती की। महाराज ने लोगों को हिदायत दी की सभी को पूजा करते समय किसी को कोई भी मूर्ति को हाथ नहीं लगाना है। मंदिर में बुजुर्ग और छोटे बच्चों को भी प्रवेश नहीं दिया गया।
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होटल-रेस्टोरेंट भी खुले, तैयारियों में जुटे संचालक, ग्राहकों का रहा इंतजार
रेस्टोरेंट संचालक अपने-अपने स्तर पर कोविड-19 सुरक्षा की सरकार की हिदायतानुसार व्यवस्था बनाते नजर आए। अधिकतर ने सीटिंग व्यवस्था को कम किया है। जहां पहले 50 के बैठने की व्यवस्था थी वहां 25 से 30 ही लोग बैठ सकेंगे। तीन से चार फीट का गैप सभी टेबलों में किया गया है। वहीं, व्यवस्था बनाई जा रही है कि होटल-रेस्टोरेंट में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सैनिटाइज करनेके बाद ही प्रवेश मिले। हाथों को साबुन से धुलवाया जाए।
शहर के रेस्टोरेंट दाल-चीनी के संचालक नरेंद्र कुमार ने बताया कि पहले 150 के बैठने की व्यवस्था थी, जिसे बहुत कम किया है। टेबलों के बीच दोमीटर से ज्यादा की दूरी रखी गई है। सरकार की हिदायतानुसार व्यवस्था बनाई गई है। मगर अभी ग्राहकों में हिचक है। व्यवस्था पटरी पर आने में थोड़ा समय लगेगा।