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Bhiwani News: सिरसा घोघड़ा में सैन्य सम्मान के साथ किया शहीद संदीप यादव का अंतिम संस्कार
Fri, 24 May 2024 09:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 24 May 2024 09:00 PM IST
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भिवानी के गांव सिरसा घोघड़ा में शहीद संदीप यादव का अंतिम संस्कार करते ग्रामीण।
भिवानी। जिले के गांव सिरसा घोघड़ा निवासी जम्मू-कश्मीर में 72 फील्ड रेजिमेंट यूनिट में तैनात हवलदार शहीद संदीप यादव का पार्थिव शरीर शुक्रवार को उनके पैतृक गांव में पहुंचा। शव पहुंचते ही परिवार के सदस्य बिलख पड़े। गांव में सैन्य सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के बेटे ने पिता को मुखाग्नि दी।
अमर शहीद की पैरेंट यूनिट 72 फील्ड रेजिमेंट के 13 आर्म्ड रेजिमेंट की सैनिकों ने हवा में गोली दाग कर व मातमी धुन बजाकर शहीद को अंतिम सलामी दी। इस दौरान ग्रामीणों ने शहीद संदीप यादव अमर रहे के नारे लगाए। शहीद के भाई ने सरकार से मांग की थी कि संदीप के परिवार को हरसंभव मदद सरकार की तरफ से मिलनी चाहिए। शहीद के भाई ने बताया कि जिला प्रशासन की तरफ से कोई भी अधिकारी शहीद को अंतिम सलामी देने नहीं पहुंचा। इसके चलते ग्रामीणों में खासा रोष देखा गया। पूर्व सैनिक महेश चौहान ने बताया कि शहीद संदीप यादव के पिता एक किसान और मां गृहिणी हैं। संदीप 29 मार्च 2001 को बतौर सिपाही सेना में भर्ती हुए थे। शहीद संदीप के दो बेटी व एक बेटा है।
चौहान ने बताया कि चार भाइयों में सिर्फ संदीप यादव सेना में तैनात थे। जिला सैनिक बोर्ड भिवानी से भी कोई नहीं पहुंचने पर पूर्व सैनिकों ने विरोध दर्ज किया और कहा कि जीओसी हिसार कैंट रक्षा मंत्री को लेटर लिखकर विरोध दर्ज करेंगे और इसका कारण जाना जाएगा। शहीद की अंतिम यात्रा में हमारा अपना फाउंडेशन से सचिन जैन, आरपी ओला, एसके सिंह, विनोद पहलवान, कैप्टन रणधीर सिंह, हवलदार अजीत सिंह, सूबेदार मेजर ओमप्रकाश सिंह डिफेंस कॉलोनी, ठाकुर विक्रम सिंह, मंत्री विशंबर वाल्मीकि के भाई, पूर्व विधायक रामकिशन फौजी, कप्तान अजीत सिंह, नेत्रपाल तंवर, सिरसा घोघड़ा सरपंच शामिल रहे।
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अमर शहीद की पैरेंट यूनिट 72 फील्ड रेजिमेंट के 13 आर्म्ड रेजिमेंट की सैनिकों ने हवा में गोली दाग कर व मातमी धुन बजाकर शहीद को अंतिम सलामी दी। इस दौरान ग्रामीणों ने शहीद संदीप यादव अमर रहे के नारे लगाए। शहीद के भाई ने सरकार से मांग की थी कि संदीप के परिवार को हरसंभव मदद सरकार की तरफ से मिलनी चाहिए। शहीद के भाई ने बताया कि जिला प्रशासन की तरफ से कोई भी अधिकारी शहीद को अंतिम सलामी देने नहीं पहुंचा। इसके चलते ग्रामीणों में खासा रोष देखा गया। पूर्व सैनिक महेश चौहान ने बताया कि शहीद संदीप यादव के पिता एक किसान और मां गृहिणी हैं। संदीप 29 मार्च 2001 को बतौर सिपाही सेना में भर्ती हुए थे। शहीद संदीप के दो बेटी व एक बेटा है।
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चौहान ने बताया कि चार भाइयों में सिर्फ संदीप यादव सेना में तैनात थे। जिला सैनिक बोर्ड भिवानी से भी कोई नहीं पहुंचने पर पूर्व सैनिकों ने विरोध दर्ज किया और कहा कि जीओसी हिसार कैंट रक्षा मंत्री को लेटर लिखकर विरोध दर्ज करेंगे और इसका कारण जाना जाएगा। शहीद की अंतिम यात्रा में हमारा अपना फाउंडेशन से सचिन जैन, आरपी ओला, एसके सिंह, विनोद पहलवान, कैप्टन रणधीर सिंह, हवलदार अजीत सिंह, सूबेदार मेजर ओमप्रकाश सिंह डिफेंस कॉलोनी, ठाकुर विक्रम सिंह, मंत्री विशंबर वाल्मीकि के भाई, पूर्व विधायक रामकिशन फौजी, कप्तान अजीत सिंह, नेत्रपाल तंवर, सिरसा घोघड़ा सरपंच शामिल रहे।
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