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Bhiwani News: कानूनगो व सरपंच को किया निलंबित
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भिवानी। जिले में विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए डीसी साहिल गुप्ता सख्ती बरत रहे हैं। उन्होंने कार्य में लापरवाही बरतने पर बुधवार को कानूनगो सुमेर सिंह को निलंबित किया। इसके साथ ही विकास कार्यों में गबन पाए जाने पर गांव देवावास के सरपंच सुलतान सिंह को भी निलंबित किया गया है। निलंबित कानूनगो का मुख्यालय सिवानी निर्धारित किया गया है।
गांव देवावास के सरपंच के खिलाफ विकास कार्यों में गबन की शिकायत मिली थी। डीसी ने एसडीएम भिवानी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति बनाई। इसमें पंचायती राज और जिला परिषद के कार्यकारी अभियंता शामिल थे। जांच में वित्तीय अनियमितताएं और अभिलेखों में खामियां सामने आईं। वृद्धाश्रम की चारदीवारी निर्माण में ग्राम पंचायत को वित्तीय हानि हुई।
पीडब्ल्यूडी रोड से भागीरथ के मकान तक गली निर्माण में अनियमितता मिली। मनोहर लांबा के घर से मनोज लांबा के घर तक गली निर्माण बिल में भी गड़बड़ी पाई गई। स्टेडियम के गेट से टेकचंद सांगवान के मकान तक रास्ता निर्माण में भी अनियमितता मिली। जगदीप गोयत से सोनू पुत्र भूप सिंह के मकान तक फिरनी मरम्मत में सामग्री बिल का सत्यापन नहीं हुआ था। शिवधाम की चहारदीवारी निर्माण में सीमेंट खरीद में अनियमितता बरती गई। नेकीराम लांबा घर के पास आंगनबाड़ी केंद्र की मरम्मत में फर्जी बिल लगाए गए।
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कानूनगो को मुख्यालय न छोड़ने के निर्देश : कानूनगो सुमेर के खिलाफ लोकायुक्त से एक शिकायत मिली थी। शिकायत में कहा गया था कि उन्होंने लोहड़ में पटवारी रहते एक इंतकाल मंजूर किया। परंतु उसे जमाबंदी में दर्ज नहीं किया गया। इस मामले की जांच एडीसी दीपक बाबूलाल करवा ने की। जांच में सुमेर दोषी पाए गए।
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गांव देवावास के सरपंच के खिलाफ विकास कार्यों में गबन की शिकायत मिली थी। डीसी ने एसडीएम भिवानी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति बनाई। इसमें पंचायती राज और जिला परिषद के कार्यकारी अभियंता शामिल थे। जांच में वित्तीय अनियमितताएं और अभिलेखों में खामियां सामने आईं। वृद्धाश्रम की चारदीवारी निर्माण में ग्राम पंचायत को वित्तीय हानि हुई।
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पीडब्ल्यूडी रोड से भागीरथ के मकान तक गली निर्माण में अनियमितता मिली। मनोहर लांबा के घर से मनोज लांबा के घर तक गली निर्माण बिल में भी गड़बड़ी पाई गई। स्टेडियम के गेट से टेकचंद सांगवान के मकान तक रास्ता निर्माण में भी अनियमितता मिली। जगदीप गोयत से सोनू पुत्र भूप सिंह के मकान तक फिरनी मरम्मत में सामग्री बिल का सत्यापन नहीं हुआ था। शिवधाम की चहारदीवारी निर्माण में सीमेंट खरीद में अनियमितता बरती गई। नेकीराम लांबा घर के पास आंगनबाड़ी केंद्र की मरम्मत में फर्जी बिल लगाए गए।
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कानूनगो को मुख्यालय न छोड़ने के निर्देश : कानूनगो सुमेर के खिलाफ लोकायुक्त से एक शिकायत मिली थी। शिकायत में कहा गया था कि उन्होंने लोहड़ में पटवारी रहते एक इंतकाल मंजूर किया। परंतु उसे जमाबंदी में दर्ज नहीं किया गया। इस मामले की जांच एडीसी दीपक बाबूलाल करवा ने की। जांच में सुमेर दोषी पाए गए।