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जुई नहर में डूबने से जेल वार्डन के इकलौते बेटे की मौत
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03 फोटो हांसी रोड स्थित जूई नहर में छात्र के शव को तलाशते हुए खोताखोर।
- फोटो : Bhiwani
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भिवानी-हांसी मुख्य मार्ग पर जुई नहर के अंदर रविवार सुबह आठ बजे रस्सी के सहारे नहाने के लिए पानी में उतरे तीन दोस्तों में एक युवक की डूबने से मौत हो गई। जबकि दो युवकों को डूबते हुए वहां से गुजर रहे एक टैंकर चालक ने बचा लिया। वहीं हादसे की जानकारी मिलने के बाद पुलिस व परिजन मौके पर पहुंच गए। करीबन तीन घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस के गोताखोरों ने नहर में डूबे हुए युवक के शव को ढूंढकर पानी से बाहर निकाला। मृतक युवक जेल वार्डन का इकलौता बेटा था और रस्सी टूटने के कारण यह हादसा हुआ बताया जा रहा है।
जिला कारागार के कर्मचारी रिहायशी कॉलोनी निवासी जेल वार्डन सुंदर का 18 वर्षीय बेटा सुधीर टीआईटी स्कूल की बारहवीं कक्षा का छात्र था। रविवार सुबह करीब पांच बजे सुधीर ने अपने सहपाठी मंजीत व सुमित और नीरज के साथ मिलकर नई पुलिस लाइन के मैदान में कबड्डी खेलने का प्लान बनाया था। इसी के चलते वह उनके साथ चला गया था। नीरज ने बताया कि वे दो बाइकों पर सवार होकर नई पुलिस लाइन से वापस घर लौट रहे तो करीब आठ बजे जुई नहर के पास पहुंचने पर दोस्तों ने नहाने का मन बनाया। इस पर नीरज ने नहर में नहाने से इंकार कर दिया। जबकि सुधीर, मंजीत व सुमित एक रस्सी के सहारे नहर में नहाने के लिए पानी के अंदर उतर गए। जब नीरज घर लौटने के लिए सड़क पार कर ही रहा था कि अचानक उनके चिल्लाने की आवाजें सुनाई दी। उसने मुड़कर देखा तो जिस रस्सी को पकड़कर तीनों नहर में नहा रहे थे, वो टूट गई थी और तीनों पानी में डूब रहे थे। इसी के चलते उसने मदद के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया। वहां से गांव केलंगा निवासी धर्मेंद्र जो दूध का कैंटर लेकर जा रहा था। उसने डूबते हुए युवकों को बचाने के लिए नहर में छलांग लगा दी। धर्मेंद्र ने नहर में डूबते हुए बिजेंद्र एएसआई के लड़के मंजीत व देवसर निवासी सुमित को बचाते हुए सुरक्षित पानी से बाहर निकाल लिया। लेकिन वह सुधीर को नहीं बचा पाया। नहर में पानी के अंदर गुम हो चुके सुधीर को काफी देर तक तलाशा, मगर नहीं मिला। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने लोहारू से पुलिस के गोताखोरों को बुलाया और करीबन तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस के गोताखोरों ने नहर में डूबे हुए सुधीर के शव को पानी से बाहर निकाला। हादसे की जानकारी मिलने के बाद जेल अधीक्षक सत्यवान व अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। पानी से बाहर निकालने के बाद सुधीर के शव को जिला सामान्य अस्पताल लाया गया। जहां पर डीएसपी विरेंद्र सिंह और सिविल लाइन पुलिस थाना प्रभारी विद्यानंद भी पहुंचे।
काश मान लेते नीरज की बात तो बच जाती शायद सुधीर की जान : जिस समय नई पुलिस लाइन से खेलकर बाइक से चारों घर लौट रहे थे तो सभी ने नहर में नहाने का निर्णय लिया मगर नीरज ने इंकार कर दिया। उसने बाकी को भी मना किया था। उसकी बात मान लेते तो शायद सुधीर की जान बच जाती। नीरज भी उनका सहपाठी है और सुधीर का पड़ोसी है।
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एक माह पहले ही हुई थी सुधीर के पिता की भिवानी से फरीदाबाद बदली : मृतक सुधीर के ताऊ हिसार के मय्यड़ निवासी सुरजमल ने बताया कि उसके छोटे भाई सुंदर जो भिवानी जेल में बतौर वार्डन लगे थे, का करीब एक माह पहले यहां से फरीदाबाद जेल में बदली हुई थी। इस दौरान अस्थायी तौर पर उसकी ड्यूटी इन दिनों रोहतक की सुनारिया जेल में लगी हुई थी। सुंदर का परिवार भिवानी से ट्रांसफर होने के बाद यहां जेल परिसर के क्वार्टर से सामान लेने के लिए आया हुआ था कि इसी दौरान यह अनहोनी हो गई। मृतक सुधीर बारहवीं कक्षा का छात्र था और दो बहनों में इकलौता था। सुधीर की दो छोटी बहनें संगीता व स्नेहा का इस हादसे के बाद रो-रोकर बुरा हाल है वहीं माता-पिता भी हादसे में इकलौते बेटे को खोने के बाद बदहवासी की हालत में हैं।
ताऊ के बयान पर पुलिस ने की कार्रवाई, शव का हुआ पोस्टमार्टम : सुरजमल के बयान दर्ज कर सिविल लाइन पुलिस ने मृतक सुधीर के शव का भिवानी जिला सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया।
पुलिस के जांच अधिकारी एचसी आनंद ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने इस संबंध में इत्तेफाकिया कार्रवाई की है।
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जिला कारागार के कर्मचारी रिहायशी कॉलोनी निवासी जेल वार्डन सुंदर का 18 वर्षीय बेटा सुधीर टीआईटी स्कूल की बारहवीं कक्षा का छात्र था। रविवार सुबह करीब पांच बजे सुधीर ने अपने सहपाठी मंजीत व सुमित और नीरज के साथ मिलकर नई पुलिस लाइन के मैदान में कबड्डी खेलने का प्लान बनाया था। इसी के चलते वह उनके साथ चला गया था। नीरज ने बताया कि वे दो बाइकों पर सवार होकर नई पुलिस लाइन से वापस घर लौट रहे तो करीब आठ बजे जुई नहर के पास पहुंचने पर दोस्तों ने नहाने का मन बनाया। इस पर नीरज ने नहर में नहाने से इंकार कर दिया। जबकि सुधीर, मंजीत व सुमित एक रस्सी के सहारे नहर में नहाने के लिए पानी के अंदर उतर गए। जब नीरज घर लौटने के लिए सड़क पार कर ही रहा था कि अचानक उनके चिल्लाने की आवाजें सुनाई दी। उसने मुड़कर देखा तो जिस रस्सी को पकड़कर तीनों नहर में नहा रहे थे, वो टूट गई थी और तीनों पानी में डूब रहे थे। इसी के चलते उसने मदद के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया। वहां से गांव केलंगा निवासी धर्मेंद्र जो दूध का कैंटर लेकर जा रहा था। उसने डूबते हुए युवकों को बचाने के लिए नहर में छलांग लगा दी। धर्मेंद्र ने नहर में डूबते हुए बिजेंद्र एएसआई के लड़के मंजीत व देवसर निवासी सुमित को बचाते हुए सुरक्षित पानी से बाहर निकाल लिया। लेकिन वह सुधीर को नहीं बचा पाया। नहर में पानी के अंदर गुम हो चुके सुधीर को काफी देर तक तलाशा, मगर नहीं मिला। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने लोहारू से पुलिस के गोताखोरों को बुलाया और करीबन तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस के गोताखोरों ने नहर में डूबे हुए सुधीर के शव को पानी से बाहर निकाला। हादसे की जानकारी मिलने के बाद जेल अधीक्षक सत्यवान व अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। पानी से बाहर निकालने के बाद सुधीर के शव को जिला सामान्य अस्पताल लाया गया। जहां पर डीएसपी विरेंद्र सिंह और सिविल लाइन पुलिस थाना प्रभारी विद्यानंद भी पहुंचे।
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काश मान लेते नीरज की बात तो बच जाती शायद सुधीर की जान : जिस समय नई पुलिस लाइन से खेलकर बाइक से चारों घर लौट रहे थे तो सभी ने नहर में नहाने का निर्णय लिया मगर नीरज ने इंकार कर दिया। उसने बाकी को भी मना किया था। उसकी बात मान लेते तो शायद सुधीर की जान बच जाती। नीरज भी उनका सहपाठी है और सुधीर का पड़ोसी है।
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एक माह पहले ही हुई थी सुधीर के पिता की भिवानी से फरीदाबाद बदली : मृतक सुधीर के ताऊ हिसार के मय्यड़ निवासी सुरजमल ने बताया कि उसके छोटे भाई सुंदर जो भिवानी जेल में बतौर वार्डन लगे थे, का करीब एक माह पहले यहां से फरीदाबाद जेल में बदली हुई थी। इस दौरान अस्थायी तौर पर उसकी ड्यूटी इन दिनों रोहतक की सुनारिया जेल में लगी हुई थी। सुंदर का परिवार भिवानी से ट्रांसफर होने के बाद यहां जेल परिसर के क्वार्टर से सामान लेने के लिए आया हुआ था कि इसी दौरान यह अनहोनी हो गई। मृतक सुधीर बारहवीं कक्षा का छात्र था और दो बहनों में इकलौता था। सुधीर की दो छोटी बहनें संगीता व स्नेहा का इस हादसे के बाद रो-रोकर बुरा हाल है वहीं माता-पिता भी हादसे में इकलौते बेटे को खोने के बाद बदहवासी की हालत में हैं।
ताऊ के बयान पर पुलिस ने की कार्रवाई, शव का हुआ पोस्टमार्टम : सुरजमल के बयान दर्ज कर सिविल लाइन पुलिस ने मृतक सुधीर के शव का भिवानी जिला सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया।
पुलिस के जांच अधिकारी एचसी आनंद ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने इस संबंध में इत्तेफाकिया कार्रवाई की है।

07 फोटो दो युवकों को डूबने से बचाने वाला कैंटर चालक धर्मेंद्र।- फोटो : Bhiwani