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Bhiwani News: अंतरराष्ट्रीय ध्यान दिवस 21 दिसंबर को मनाया जाएगा
Wed, 18 Dec 2024 09:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 18 Dec 2024 09:14 PM IST
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भिवानी। हरियाणा योग आयोग के आदेशानुसार आयुष विभाग भिवानी की ओर से 21 दिसंबर को विश्व ध्यान दिवस का आयोजन किया जाएगा। इसमें आयुष विभाग के सभी योग सहायक अपने निकटतम दो से पांच स्कूलों में जाकर तथा निजी व्यायामशालाओं में ध्यान सेशन करवाएंगे।
इसी कड़ी में ब्रह्मकुमारी परिवार, आर्ट ऑफ लिविंग, पतंजलि योग संस्थान, भारतीय योग संस्थान से भी सहयोग लिया जाएगा। इस अवसर पर ध्यान सेशन में मंत्र पाठ आरंभ होकर औंकार की जय करवाकर अनुलोम-विलोम, भ्रामरी करवाकर 15 मिनट का मौन करवाया जाएगा। आयुष विभाग के जिला योग नोडल अधिकारी डॉ. संजय वैद ने बताया कि आयुष विभाग की सभी योग व्यायामशालाओं के अलावा स्कूलों व सार्वजनिक स्थानों पर ध्यान सेशन करवाया जाएगा। इसी सिलसिले में सभी योग सहायकों व योग स्पेशलिस्ट को आदेश जारी कर दिए गए हैं।
ध्यान बच्चों के मानसिक व शारीरिक विकास के लिए अत्यंत जरूरी है। योग की तरह बच्चों को निरंतर ध्यान को भी अपने जीवनशैली में अपनाना चाहिए, ताकि पढ़ाई के दौरान बच्चों को मानसिक अवसाद से बचाया जा सकें। ध्यान मन को शांत करता है और तनाव के स्तर को भी कम करता है। यह चिंता, चिड़चिड़ापन को कम करके एकाग्रता को बढ़ाता है। भावनात्मक स्थिरता के लिए निरंतर ध्यान करना जरूरी है।
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इसी कड़ी में ब्रह्मकुमारी परिवार, आर्ट ऑफ लिविंग, पतंजलि योग संस्थान, भारतीय योग संस्थान से भी सहयोग लिया जाएगा। इस अवसर पर ध्यान सेशन में मंत्र पाठ आरंभ होकर औंकार की जय करवाकर अनुलोम-विलोम, भ्रामरी करवाकर 15 मिनट का मौन करवाया जाएगा। आयुष विभाग के जिला योग नोडल अधिकारी डॉ. संजय वैद ने बताया कि आयुष विभाग की सभी योग व्यायामशालाओं के अलावा स्कूलों व सार्वजनिक स्थानों पर ध्यान सेशन करवाया जाएगा। इसी सिलसिले में सभी योग सहायकों व योग स्पेशलिस्ट को आदेश जारी कर दिए गए हैं।
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ध्यान बच्चों के मानसिक व शारीरिक विकास के लिए अत्यंत जरूरी है। योग की तरह बच्चों को निरंतर ध्यान को भी अपने जीवनशैली में अपनाना चाहिए, ताकि पढ़ाई के दौरान बच्चों को मानसिक अवसाद से बचाया जा सकें। ध्यान मन को शांत करता है और तनाव के स्तर को भी कम करता है। यह चिंता, चिड़चिड़ापन को कम करके एकाग्रता को बढ़ाता है। भावनात्मक स्थिरता के लिए निरंतर ध्यान करना जरूरी है।
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