निष्ठुर हुआ आंदोलन, तार-तार हुई व्यवस्था
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भिवानी/चरखी दादरी। जाट आरक्षण की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। बृहस्पतिवार को जिले से होकर जाने वाले नेशनल हाई-वे, स्टेट हाई-वे, एमडीआर (मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड) और एप्रोच रोड जाम रहे। जिले में कुल 41 जगहों पर रास्ते जाम किए गए। परिवहन व्यवस्था पंगु बनी रही और प्रशासन मौन रहा। इस अराजक माहौल के चलते हजारों कर्मचारी, छात्र, व्यापारी, मरीज, मजदूर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। बड़ी संख्या में शिक्षकों के न पहुंच पाने की वजह से ग्रामीण अंचल के ज्यादातर स्कूलों पढ़ाई ठप रही। जबकि, सालाना परीक्षा में चंद दिन बचे हैं। घरेलू गैस, डीजल-पेट्रोल का स्टॉक खत्म होने को है। दूध व सब्जी के लिए लोगों को जद्दोजहद उठानी पड़ रही है।
सड़क पर परेशानी बढ़ी तो लोग टेंशन में भी दिखे। रास्ता बंद होने से खफा लोग कई जगह प्रदर्शनकारियों से भिड़े। सांजरवास में गरमागर्मी हुई तो तिगड़ाना गांव के कुछ लोगों ने आंदोलनकारियों की पुलिस को शिकायत दी। महम (रोहतक) क्षेत्र के गांव सीसर में रास्ते को लेकर हुई झड़प में ऑटो चालक का सिर फोड़ दिया। इस सारे घटनाक्रम के बीच गैर जाट संगठनों के पलटवार की भी गूंज सुनाई दी। कुछ संगठनों ने शहर में जुलूस निकाल कर रास्ते जाम करने की कार्रवाई का विरोध किया और चेतावनी दी कि शुक्रवार तक रास्ते नहीं खुले तो भिवानी सिटी को बंद कर देंगे।
आरक्षण की मांग को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन के दूसरे दिन भिवानी 'कैदÓ होकर रह गई। भिवानी का सभी जिलों से लिंक टूट गया। ट्रेन और बसों के पहिये जाम नजर आए। रोहतक रोड पर बामला, हांसी-हिसार रोड पर प्रेमनगर, सांगा, जींद मार्ग, मानहेरू में जाम के कारण लोग खासे परेशान रहे। बामला गांव में ग्रामीणों ने रेलवे ट्रैक को भी जाम रखा। जाम लगाने वालों के सामने पुलिस बेबस नजर आई तो यात्री व राहगीर परेशान। खाने-पीने की चीजों से लेकर घरेलू गैस, डीजल-पेट्रोल का स्टॉक खत्म होने के कगार पर पहुंच गया है।
वर्कशॉप में खड़ी रही 144 बसें, 155 टाइम रद
रोडवेज: लोहारू, बहल को छोड़ किसी रूट पर बस नहीं चली। रोडवेज बसों के विभिन्न रूटों के 155 टाइम रद किए गए तो 156 में से 144 बसें दिनभर वर्कशॉप में खड़ी रही। दिल्ली, गुडग़ांव, जींद, दादरी, महेंद्रगढ़, नारनौल, हिसार, रोहतक रूट पर नहीं चली बसें। हिसार में हांसी तक ही कुछ बसें गई मगर बाद में उन्हें भी रोक दिया गया। बृहस्पतिवार को एक ही दिन में करीब नौ लाख का रोडवेज को नुकसान हुआ। पिछले चार दिन में रोडवेज को करीब 22 से 25 लाख का नुकसान हो चुका है।
सभी ट्रेेन हुई रद
बृहस्पतिवार को चारों ओर के मार्ग बंद होने से रेल सेवा बिल्कुल बंद कर दी गई है। भिवानी-हिसार, भिवानी-दिल्ली,रोहतक सेवा तीन दिन से बंद है तो बृहस्पतिवार को भिवानी-रेवाड़ी रूट की ट्रेनें भी बंद हो गई है। कालिंदी एक्सप्रेस सुबह वाया रेवाड़ी भिवानी तो आई मगर वापस नहीं जा सकी। हर रोज रेलवे को करीब 10 लाख का नुकसान हो रहा है। पिछले चार दिन में रेलवे को भारी नुकसान हो चुका है।
दूसरे दिन ठप रही दूध की आपूर्ति
आरक्षण को लेकर लगे जाम से खाद्य पदार्थों व दैनिक प्रयोग के सामान की गाड़ियां भी जाम में फंसी है। दूध की सप्लाई भी लगातार दूसरे दिन नहीं आई। लोगों को थैली का दूध नहीं मिल रहा वहीं मिल्क प्लांट में भी दूध एकत्रित करने का काम बंद है। करीब 70 से अधिक सब्जियों और फलों से भरी गाड़ियां जाम में फंसी है।
खत्म होने को गैस का स्टॉक
भिवानी गैस एजेंसी और शुभम गैस एजेंसी पर बृहस्पतिवार को तो गैस मिली मगर शुक्रवार के लिए स्टॉक नहीं है। अगर सुबह गाड़ी नहीं आती है तो गैस नहीं मिलेगी। अधिकतर गैस एजेंसियों पर दो दिन से सप्लाई नहीं आई है। शहर में छह गैस एजेंसियां है। बाकी पर करीब चार दिन का स्टॉक है। जिलेभर में गैस की किल्लत बनने लगी है। उधर चरखी दादरी में अशोक गैस एजेंसी गोदाम में करीब तीन सौ सिलेंडर का स्टॉक बचा है। इसी प्रकार इंडेन गैस एजेंसी का स्टॉक खत्म हो चुका है।
पेट्रोल-डीजल का स्टॉक खत्म होने के कगार पर
शहर में करीब 15 पेट्रोल पंप है। सभी पर एक या दो दिन का ही स्टॉक है। ऐसे में अगर जल्द जाम नहीं खुलते है तो पेट्रोल-डीजल की कमी का भी लोगों को सामना करना पड़ेगा। पेट्रोल पंप संचालकों को सरकारी वाहनों के लिए भी पेट्रोल-डीजल बचाकर रखने के निर्देश दिए गए है। ऐसे में शहर वासियों को आज-आज ही पेट्रोल-डीजल मिलेगा। भिवानी पेट्रोल पंप एसोसिएशन के महासचिव राहुल जैन ने बताया कि अधिकतर पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल का बहुत कम स्टॉक बचा है। एक या बमुश्किल दो दिन का काम चल सकता है। चरखी दादरी में भी ऐसे ही हालात है। शहरी क्षेत्र में करीब 10 पेट्रोल पंप हैं। इनमें से वीरवार शाम तक पांच पैट्रोल पंप ड्राई हो चुके थे। एक पेट्रोल पंप संचालक ने बताया कि पेट्रोल-डीजल का जो नाममात्र बचे हुए स्टॉक को केवल सरकारी वाहनों में ही डालेंगें। आम वाहन चालक को तेल नहीं दिया जाएगा।
पलटवार : जाम नहीं खुला तो करेंगे भिवानी बंद - जाट नेताओं के पुतले जलाए - गैर जाट संगठनों की चेतावनी: आरक्षण से छेड़छाड़ हुई तो करेंगे विरोध भिवानी। आरक्षण की मांग को लेकर जाम लगा रहे जाट समुदाय के लोगों के खिलाफ गैस जाट संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। बृहस्पतिवार को शहर में प्रदर्शन करते हुए जाट नेताओं के पुतले जलाए और चेतावनी दी कि 19 तक सभी रास्ते नहीं खुलवाये गए तो भिवानी बंद कर दिया जाएगा। आरक्षण से छेड़छाड़ भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बृहस्पतिवार को नेहरू पार्क में गैर जाट संगठनों की बैठक हुई। जिसमें आरक्षण के लिए जाट समुदाय की ओर से किए जा रहे रेल और रोड जाम पर रोष जताया गया। वक्ताओं ने कहा कि एंबुलेंस सेवा बंद होने से आम आदमी परेशान है। जाम के कारण बारातें वापस जा रही है और महिलाओं की डिलीवरी सड़कों पर हो रही हैं। यहां तक की शवों को भी जाने नहीं दिया जा रहा है। पूरे हरियाणा को जाम करके जाट समाज के लोग अपनी दबंगता व गुंडागर्दी दिखा रहे हैं। इससे लग रहा है कि हरियाणा में सरकार का राज नहीं बल्कि एक जाति विशेष का राज है। अगर सरकार ने 19 फरवरी तक रेलवे ट्रैक व सड़क मार्ग नहीं खुलवाए तो 35 बिरादरी के लोग एकत्रित होकर भिवानी को बंद कर देंगे। इसके साथ ही 21 मार्च को हरियाणा विधानसभा का घेराव करेंगे। बैठक की अध्यक्षता गणेशीलाल वर्मा ने की। गुस्साएं लोगों ने हांसी गेट तक प्रदर्शन किया और केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र सिंह, राज्य के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, ओमप्रकाश धनखड़ व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला, उचाना की विधायक प्रेमलता व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का पुतला जलाया। गैर जाट संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर व आरक्षण से छेड़छाड़ न किए जाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम पर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर हरियाणा शोषित समाज के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र तंवर, रमेश टांक, जांगड़ा समाज के प्रदेश अध्यक्ष महावीर सरपंच, सुरेश सैनी, पूर्व प्रधान राजकुमार सैनी, धर्मबीर ठेकेदार, रामशरण ठेकेदार, लालचंद जांगड़ा, ओमप्रकाश सैनी, राजेश जांगड़ा, सुरेश प्रजापति, बजरंग सरपंच, रमेश वर्मा, जगत यादव, आजाद चोपड़ा, महावीर डालमिया, रामकिशन शर्मा, सज्जन सैन, रामोतार जोगी, कृष्ण स्वामी, कृष्ण वर्मा, आशीष प्रजापति, अमित वाल्मीकि, दिनेश बेडवाल, मदनलाल वर्मा, हवासिंह जांगड़ा, रमेश नायक, ऋषि कायत आदि मौजूद रहे।
तोशाम में व्यापक असर तोशाम। जाट आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलनकारियों ने वीरवार को तोशाम से निकलने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए। विभिन्न मार्गों पर पेड़ काटकर प्रदर्शनकारी सड़क पर डटे हैं। आंदोलन के समर्थन में तोशाम बार एसोसिएशन ने भी वर्क सस्पेंड रखा। बुधवार को इलाके में अंदोलन की शुरूआत गांव सरल के युवाओं एवं ग्रामीणों ने तोशाम-सिवानी मार्ग पर कीकर काटकर रास्ता बंद किया था। बृहस्पतिवार सुबह झांवरी के लोगों ने तोशाम-सिवानी व तोशाम-बहल मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। इसके बाद रास्ता रोकने का सिलसिला अन्य हिस्सों में शुरू हो गया। रास्ते बंद होने के चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। तोशाम में सुरेंद्र सिंह चौक पर धरना, झांवरी, खरकड़ी माखवान, थिलोड़ व पटोदी, सरल, खरकड़ी सोहान, तोशाम-भिवानी मार्ग पर सागवान मोड़ और तोशाम-हांसी मार्ग पर अलखपुरा के पास मार्ग जाम रहा।
लोहारू में चारों ओर जाम जाटों ने दी रेलवे ट्रैक को बंद करने की चेतावनी, अधिवक्ता, छात्र भी उतरे आंदोलन के समर्थन में लोहारू। प्रदेश में चल रहे जाट आरक्षण आंदोलन ने बृहस्पतिवार को लोहारू क्षेत्र को भी अपने आगोश में ले लिया। आंदोलन के समर्थन में जाट समुदाय के लोगों ने दादरी मोड़, भिवानी रोड़ पर सिंघानी तथा दादरी रोड़ पर बिसलवास गांव के निकट अवरोध डालकर सड़क मार्गों को जाम कर दिया। लोहारू बार ऐसोसियशन व छात्रों ने भी आंदोलन के पक्ष में खड़े नजर आए। आंदोलनकारियों ने 19 फरवरी से दिल्ली-बीकानेर रेलवे ट्रैक को भी जाम कर देने की चेतावनी दी। सभी प्रमुख सड़क मार्ग बंद होने के कारण राजस्थान से सड़क संपर्क कट गया है। बाढड़ा के सभी छह सड़क मार्ग जाम सीएम व सांसद सैनी का पुतला फूंका बाढड़ा। आरक्षण की मांग को लेकर बृहस्पतिवार बाढड़ा में आंदोलन का जबरदस्त प्रभाव दिखा। श्योराण खाप व भाकियू सहित अनेक सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी भाकियू अध्यक्ष धर्मपाल बाढड़ा की अगुवाई में सुबह ही मुख्य क्रांतिकारी चौक पर पहुंच गए और उन्होंने वहां से गुजरने वाले दिल्ली-पिलानी, तोशाम सतनाली मुख्य सड़कमार्ग को बाधित कर दिया। धरने की अगुवाई कर रहे खाप नेता कमलसिंह मांढी ने कहा कि कल 19 फरवरी को लोहारु के महाबीर भवन में शहीद कार्यक्रम में लोहारु से संघर्ष का बड़ा बिगुल फूंका जाएगा। सरकार की ढिलाई बरतने पर दोपहर बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश के सीएम मनोहर लाल खट्टर व सासंद राजकुमार सैनी का पुतला फूंक कर रोष जताया। उधर, क्षेत्र के गांव अटेला कलां, कादमा, काकड़ौली हुक्मी, हड़ौदी, हुई, इत्यादि गांवों के युवाओं ने पौ फटते ही अपने गांव से गुजरने वाले नेशनल हाईवे व राज्य स्तरीय सड़क मार्गों पर पेड़ काट कर व पेड़ डाल कर रास्ते पूरी तरह बाधित कर दिया।