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जमीन से वन विभाग ने छुड़वाया 60 साल पुराना कब्जा
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Sun, 21 Aug 2016 12:09 AM IST
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गांव कलियाणा में शनिवार को वन विभाग ने ग्रामीणों और पंचायत का 60 साल पुराना कब्जा हटवाकर अपनी जमीन वापिस ले ली। इस 284 एकड़ जमीन को लेकर विभाग व पंचायत के अलावा कब्जेधारियों में पिछले लंबे समय से ठनी हुई थी। कब्जा हटवाने की कार्रवाई में जहां पंचायत ने विभाग को सहयोग नहीं दिया तो वहीं पंचायत विभाग ने भी मामले में डीसी के हस्तक्षेप के बाद कार्रवाई करना मुनासिब समझा। इससे पहले पंचायत विभाग के अधिकारियों सहित तहसीलदार को विभाग द्वारा लिखे गए पत्रों को नजरअंदाज कर दिया गया। कब्जा हटवाने की कार्रवाई में यहां से पांच होटलों, एक शराब ठेका व तीन क्रेशरों का भी सफाया होगा। वहीं, ग्राम पंचायत इस कार्रवाई से कतई संतुष्ट नजर नहीं आ रही।
वर्ष 2014-15 की फरद के अनुसार कलियाणा में 123 हेक्टेयर(284 एकड़) जमीन पर वन विभाग का अधिकार होने की बात सामने आई थी। इसके बाद वन विभाग के रेंजर इस मसले पर लगातार ग्राम पंचायत कलियाणा से जमीन खाली करवाने के लिए तालमेल बनाने का प्रयास कर रहे थे। आधा दर्जन से अधिक बार पंचायत को इस मामले पर पत्र लिखने के बावजूद भी सहयोग नहीं मिल पा रहा था। जुलाई माह में वन विभाग के जिला अधिकारी ने जिला उपायुक्त को इस संबंध में पत्र लिख प्रशासनि कार्रवाई की मांग की थी। वहां से अनुमति मिलने पर शनिवार को वन विभाग रेंजर जयपाल राठी पूरे दल-बल के साथ कलियाणा पहुंचे और जेसीबी की सहायता से क्रेशर से जुड़े सभी कनेक्टिंग कच्ची मार्गों को ऊखाड़ दिया। वहीं, ग्राम सरपंच से तालमेल करने के बाद भी कोई पंचायत सदस्य कार्रवाई में सहयोग देने नहीं पहुंचा।
आदेशों के बावजूद भी ग्राम पंचायत ने लीज नहीं की रद्द
जिला उपायुक्त पंकज कुमार के दरबार में मामला पहुंचने के बाद पंचायत विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में आदेश जारी किए गए थे। इन पर अमल करते हुए ब्लॉक-2 के बीडीओ ने 27 जुलाई को पंचायत को पत्र जारी किया था। बकायदा इसकी कॉपी वन विभाग को भी भेजी गई थी। इनमें स्पष्ट था कि पंचायत ने जो 23 एकड़ जमीन पर लीज पर दे रखी है उसे रद्द किया जाएं। बावजूद इसके पंचायत ने इन आदेशों को नजरअंदाज कर दिया। इस मामले में पंचायत ने न तो मुनादी करवाई और न ही निशानदेही में कोई दिलचस्पी दिखाई। इसके बाद वन विभाग ने भूमि पर कब्जा लेने के लिए 16 अगस्त को पत्र लिखकर पांच दिन की मोहल्लत दी थी। तय समयावधि के बाद विभागीय अधिकारियों ने यह कार्रवाई अमल में लाई।
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जमीन पर विभाग लगाएगा 50 हजार पौधे
वन विभाग ने कनेक्टिंग मार्गों को उखाड़कर यहां की यातायात व्यवस्था ठप कर दी है। अब क्रेशरों में माल ढुलाई के लिए आने-जाने वाला गाड़ियां यहां से नहीं गुजर सकेगी। इसके साथ ही इस जमीन पर विभाग ने पचास हजार टाल प्लांट लगाने का प्लॉन तैयार कर लिया है। इस पर अमल करते हुए चार ट्रैक्टरों से प्लांटेशन के लिए गड्ढ़े खोदने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। आगामी दो दिनों में गड्ढ़ें खुदाई का कार्य पूरा हो जाएगा और नर्सरियों में तैयार पौधों को विभाग यहां लगा देगा।
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वर्ष 2014-15 की फरद के अनुसार कलियाणा में 123 हेक्टेयर(284 एकड़) जमीन पर वन विभाग का अधिकार होने की बात सामने आई थी। इसके बाद वन विभाग के रेंजर इस मसले पर लगातार ग्राम पंचायत कलियाणा से जमीन खाली करवाने के लिए तालमेल बनाने का प्रयास कर रहे थे। आधा दर्जन से अधिक बार पंचायत को इस मामले पर पत्र लिखने के बावजूद भी सहयोग नहीं मिल पा रहा था। जुलाई माह में वन विभाग के जिला अधिकारी ने जिला उपायुक्त को इस संबंध में पत्र लिख प्रशासनि कार्रवाई की मांग की थी। वहां से अनुमति मिलने पर शनिवार को वन विभाग रेंजर जयपाल राठी पूरे दल-बल के साथ कलियाणा पहुंचे और जेसीबी की सहायता से क्रेशर से जुड़े सभी कनेक्टिंग कच्ची मार्गों को ऊखाड़ दिया। वहीं, ग्राम सरपंच से तालमेल करने के बाद भी कोई पंचायत सदस्य कार्रवाई में सहयोग देने नहीं पहुंचा।
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आदेशों के बावजूद भी ग्राम पंचायत ने लीज नहीं की रद्द
जिला उपायुक्त पंकज कुमार के दरबार में मामला पहुंचने के बाद पंचायत विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में आदेश जारी किए गए थे। इन पर अमल करते हुए ब्लॉक-2 के बीडीओ ने 27 जुलाई को पंचायत को पत्र जारी किया था। बकायदा इसकी कॉपी वन विभाग को भी भेजी गई थी। इनमें स्पष्ट था कि पंचायत ने जो 23 एकड़ जमीन पर लीज पर दे रखी है उसे रद्द किया जाएं। बावजूद इसके पंचायत ने इन आदेशों को नजरअंदाज कर दिया। इस मामले में पंचायत ने न तो मुनादी करवाई और न ही निशानदेही में कोई दिलचस्पी दिखाई। इसके बाद वन विभाग ने भूमि पर कब्जा लेने के लिए 16 अगस्त को पत्र लिखकर पांच दिन की मोहल्लत दी थी। तय समयावधि के बाद विभागीय अधिकारियों ने यह कार्रवाई अमल में लाई।
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जमीन पर विभाग लगाएगा 50 हजार पौधे
वन विभाग ने कनेक्टिंग मार्गों को उखाड़कर यहां की यातायात व्यवस्था ठप कर दी है। अब क्रेशरों में माल ढुलाई के लिए आने-जाने वाला गाड़ियां यहां से नहीं गुजर सकेगी। इसके साथ ही इस जमीन पर विभाग ने पचास हजार टाल प्लांट लगाने का प्लॉन तैयार कर लिया है। इस पर अमल करते हुए चार ट्रैक्टरों से प्लांटेशन के लिए गड्ढ़े खोदने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। आगामी दो दिनों में गड्ढ़ें खुदाई का कार्य पूरा हो जाएगा और नर्सरियों में तैयार पौधों को विभाग यहां लगा देगा।