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Bhiwani News: रोहनात मामले में देर शाम लघु सचिवालय के मुख्य गेट के आगे ग्रामीणों ने डाला डेरा
Tue, 19 Sep 2023 11:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 19 Sep 2023 11:09 PM IST
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भिवानी। रोहनात मामले में मंगलवार को लघु सचिवालय के बाहर महापंचायत हुई। महापंचायत में धरना स्थल पर समर्थन करने के लिए भारतीय किसान सभा, सीटू, किसान सभा, भवन निर्माण, जागृति मोर्चा, नौगामा खाप, कंडेला खाप इत्यादि जनसंगठन समर्थन करने पहुंचे। उन्होंने रोहनात के ग्रामीणों की मांगों का समर्थन किया और उनके साथ खड़ा रहने का आश्वासन दिया। महापंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी भी पहुंचे और ग्रामीणों की मांग का समर्थन किया। देर शाम को ग्रामीण लघु सचिवालय गेट के आगे बैठ गए। भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।
वहीं, इस मामले में मंगलवार शाम करीब चार बजे से लेकर साढ़े पांच बजे तक कमेटी व प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बैठक हुई। बैठक में प्रशासन की तरफ से एडीसी, एसपी, नगराधीश, डीडीपीओ, तहसीलदार मौजूद थे। ग्रामीणों ने तीनों अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, गांव का रिकाॅर्ड, शहीद का दर्जा दिए जाने, मृतक वेद सिंह के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, संतलाल के परिवार को घोषित की गई आर्थिक मदद को पूरा करने की मांग रखी। लेकिन प्रशासन व कमेटी के लोगों की मांगों पर सहमति नहीं बनी और बैठक बेनतीजा रही। बैठक के बाद कमेटी सदस्यों ने लघु सचिवालय के गेट के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने का फैसला लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने मौका पर ही खाना का प्रबंध करना शुरू कर दिया।
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लाठीचार्ज हुआ तो यह सरकार और प्रशासन के लिए घातक होगा
रोहनात मामले में गठित कमेटी सदस्य कामरेड ओमप्रकाश ने बताया कि मंगलवार को कमेटी की प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक बेनतीजा रही। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती वे धरने पर बैठे रहेंगे। कमेटी के सदस्य शांतिपूर्वक तरीके से अपनी इस समस्या का हल निकालना चाहते हैं। अगर पुलिस की तरफ लाठीचार्ज या अन्य कड़ी कार्रवाई की जाती है तो यह सरकार और प्रशासन के लिए घातक होगा।
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दस गुना ज्यादा जमीन दे सरकार : गुरनाम चढ़ूनी
समर्थन देने पहुंचे भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने ग्रामीणों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि महापंचायत में जो भी फैसला कमेटी लेगी वे उसका समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा इस मामले में कमांड गांव के लोग करेंगे, वे उनका सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अपनी हक की जमीन मांग रहे हैं, सरकार को उन्हें 10 गुना ज्यादा जमीन देनी चाहिए। उस गांव के शहीदों का आजादी में अपना अहम योगदान है।
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बसों का किया रूट डायवर्ट
महापंचायत आयोजन पर सुरक्षा को लेकर पुलिस ने लघु सचिवालय के बाहर चिड़ियाघर रोड पर करीब 200 मीटर तक सड़क के टुकड़े को बैरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया था। इस दौरान लघु सचिवालय में काम करने वाले अधिकारी व कर्मचारियों को ही वाहन लेकर अंदर जाने दिया गया। जबकि आमजनों का रूट डायवर्ट करना पड़ा। इसके कारण चिड़ियाघर रोड से होकर जींद, हिसार की तरफ आवागमन करने वाली बसों का रूट डायवर्ट करना पड़ा। रूट डायवर्ट के कारण लोगों को अपने गंतव्य स्थान पर पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
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वाटर कैनन व सुरक्षा बल के साथ ब्लैक कमांडो भी धरना स्थल पर तैनात
मंगलवार देर रात तक ग्रामीण लघु सचिवालय के गेट के आगे बैठे रहे। वहीं मौके पर पुलिस की वाटर कैनन गाड़ी के अलावा जिले भर से बुलाई गई पुलिस फोर्स और ब्लैक कमांडो की भी तैनाती की गई। प्रशासनिक अधिकारियों को भी घेरने की ग्रामीणों ने तैयारी की। वहीं लघु सचिवालय का गेट भी बंद रहा। प्रशासनिक अधिकारियों को भी पीछे के गेट से ही अपने कार्यालय से बाहर जाना पड़ा। जबकि मुख्य गेट पर ग्रामीण डटे रहे।
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वहीं, इस मामले में मंगलवार शाम करीब चार बजे से लेकर साढ़े पांच बजे तक कमेटी व प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बैठक हुई। बैठक में प्रशासन की तरफ से एडीसी, एसपी, नगराधीश, डीडीपीओ, तहसीलदार मौजूद थे। ग्रामीणों ने तीनों अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, गांव का रिकाॅर्ड, शहीद का दर्जा दिए जाने, मृतक वेद सिंह के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, संतलाल के परिवार को घोषित की गई आर्थिक मदद को पूरा करने की मांग रखी। लेकिन प्रशासन व कमेटी के लोगों की मांगों पर सहमति नहीं बनी और बैठक बेनतीजा रही। बैठक के बाद कमेटी सदस्यों ने लघु सचिवालय के गेट के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने का फैसला लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने मौका पर ही खाना का प्रबंध करना शुरू कर दिया।
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लाठीचार्ज हुआ तो यह सरकार और प्रशासन के लिए घातक होगा
रोहनात मामले में गठित कमेटी सदस्य कामरेड ओमप्रकाश ने बताया कि मंगलवार को कमेटी की प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक बेनतीजा रही। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती वे धरने पर बैठे रहेंगे। कमेटी के सदस्य शांतिपूर्वक तरीके से अपनी इस समस्या का हल निकालना चाहते हैं। अगर पुलिस की तरफ लाठीचार्ज या अन्य कड़ी कार्रवाई की जाती है तो यह सरकार और प्रशासन के लिए घातक होगा।
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दस गुना ज्यादा जमीन दे सरकार : गुरनाम चढ़ूनी
समर्थन देने पहुंचे भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने ग्रामीणों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि महापंचायत में जो भी फैसला कमेटी लेगी वे उसका समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा इस मामले में कमांड गांव के लोग करेंगे, वे उनका सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अपनी हक की जमीन मांग रहे हैं, सरकार को उन्हें 10 गुना ज्यादा जमीन देनी चाहिए। उस गांव के शहीदों का आजादी में अपना अहम योगदान है।
बसों का किया रूट डायवर्ट
महापंचायत आयोजन पर सुरक्षा को लेकर पुलिस ने लघु सचिवालय के बाहर चिड़ियाघर रोड पर करीब 200 मीटर तक सड़क के टुकड़े को बैरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया था। इस दौरान लघु सचिवालय में काम करने वाले अधिकारी व कर्मचारियों को ही वाहन लेकर अंदर जाने दिया गया। जबकि आमजनों का रूट डायवर्ट करना पड़ा। इसके कारण चिड़ियाघर रोड से होकर जींद, हिसार की तरफ आवागमन करने वाली बसों का रूट डायवर्ट करना पड़ा। रूट डायवर्ट के कारण लोगों को अपने गंतव्य स्थान पर पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
वाटर कैनन व सुरक्षा बल के साथ ब्लैक कमांडो भी धरना स्थल पर तैनात
मंगलवार देर रात तक ग्रामीण लघु सचिवालय के गेट के आगे बैठे रहे। वहीं मौके पर पुलिस की वाटर कैनन गाड़ी के अलावा जिले भर से बुलाई गई पुलिस फोर्स और ब्लैक कमांडो की भी तैनाती की गई। प्रशासनिक अधिकारियों को भी घेरने की ग्रामीणों ने तैयारी की। वहीं लघु सचिवालय का गेट भी बंद रहा। प्रशासनिक अधिकारियों को भी पीछे के गेट से ही अपने कार्यालय से बाहर जाना पड़ा। जबकि मुख्य गेट पर ग्रामीण डटे रहे।