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चालक न होने से एक सिटी बस बंद
ब्यूरो/अमर उजाला भिवानी
Updated Sun, 10 Jan 2016 12:55 AM IST
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भिवानी। रोडवेज में चालकों की कमी का खामियाजा अब आम लोगों को उठाना पड़ेगा। दरअसल चालकों की कमी के चलते एक सिटी बस बंद कर दी गई है। एक सिटी बस ही नहीं 14 अन्य गाड़ियों के पहिये भी चालकों की कमी के कारण जाम है। रोडवेज प्रशासन को जल्द ही ड्राइवर मिलने की उम्मीद है।
करीब तीन साल पहले शहर में सिटी बस सेवा शुरू की गई थी और चार सिटी बसें उतारी गई थी। सिटी बस सेवा शहर वासियों को खासी भायी और ऑटो चालकों की मनमानी पर लगाम लगी। हालांकि शुरूआत में ऑटो चालकों और बस चालकों में झगड़े भी हुए। अब सिटी बस सेवा रोडवेज के लिए फायदे का सौदा साबित हो रही है। मगर चालकों की कमी यहां भी महंगी पड़ रही है। चालकों की कमी के चलते एक सिटी बस के पहिये थम गए है।
सिटी बस ही नहीं 14 अन्य बसें भी चालकों की कमी के चलते वर्कशॉप में खड़ी है। इनमें अधिकतर लोकल रूट की है। इसके चलते अब अधिकतर बसों के बीच पौना से एक घंटे तक यात्रियों को लोकल रूटों पर जाने के लिए भी इंतजार करना पड़ रहा है। पिछले दिनों सरकार की ओर से कुछ चालकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की है।
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114 बस, ड्राइवर 100
भिवानी डिपो में फिलहाल 114 बसें है। कहने को तो चालक करीब 124 है मगर इनमें से करीब 24 चालक लंबी छुट्टी, गैर हाजिर या अन्य कारणों के चलते अवकाश पर हैं। ऐसे में इन बसों की जिम्मवारी पूरी तरह करीब एक सौ चालकों पर ही है। सभी चालक फिलहाल बिना किसी अवकाश के काम करने को मजबूर है। अवकाश ही नहीं चालक हर रोज चार से छह घंटे तक अतिरिक्त ड्यूटी दे रहे है। ओवरटाइम मिलने के चक्कर में कर्मचारी इसका ज्यादा विरोध नहीं कर रहे।
इस रूट पर नहीं मिल रही सिटी बस सेवा
बस स्टैंड से दादरी गेट, अनाजमंड़ी ओवरब्रिज, घंटाघर होते हुए रेलवे स्टेशन का भी एक रूट सिटी बस के लिए निर्धारित किया गया था। मगर चालक की कमी के कारण वर्कशॉप में खड़ी बस होने से अब इस रूट पर यात्रियों को सिटी बस सेवा नहीं मिल रही। अब रेलवे स्टेशन से बस स्टैंड और शिक्षा बोर्ड रास्ते पर ही सिटी बस सेवा चल रही है।
वर्जन::::
चालकों की कमी के कारण कुछ बसें खड़ी है। सरकार की ओर से भर्ती की जा रही है और उम्मीद है कि जल्द हमें भी चालक मिले। फिलहाल वर्तमान चालकों से ही व्यवस्था बनाने के प्रयास किए जा रहे है।
उदयवीर दूहन, महाप्रबंधक
भिवानी रोडवेज डिपो
वर्जन:::
चालकों की कमी के कारण कई बसें खड़ी है। सरकार चालकों की भर्ती करने की बजाए निजीकरण करने पर तुली है। आज चालक अतिरिक्त काम करने को मजबूर है। उन्हें कोई पदोन्नति नहीं मिल रही।
राज कुमार, जिला प्रधान
रोडवेज कर्मचारी यूनियन
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करीब तीन साल पहले शहर में सिटी बस सेवा शुरू की गई थी और चार सिटी बसें उतारी गई थी। सिटी बस सेवा शहर वासियों को खासी भायी और ऑटो चालकों की मनमानी पर लगाम लगी। हालांकि शुरूआत में ऑटो चालकों और बस चालकों में झगड़े भी हुए। अब सिटी बस सेवा रोडवेज के लिए फायदे का सौदा साबित हो रही है। मगर चालकों की कमी यहां भी महंगी पड़ रही है। चालकों की कमी के चलते एक सिटी बस के पहिये थम गए है।
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सिटी बस ही नहीं 14 अन्य बसें भी चालकों की कमी के चलते वर्कशॉप में खड़ी है। इनमें अधिकतर लोकल रूट की है। इसके चलते अब अधिकतर बसों के बीच पौना से एक घंटे तक यात्रियों को लोकल रूटों पर जाने के लिए भी इंतजार करना पड़ रहा है। पिछले दिनों सरकार की ओर से कुछ चालकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की है।
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114 बस, ड्राइवर 100
भिवानी डिपो में फिलहाल 114 बसें है। कहने को तो चालक करीब 124 है मगर इनमें से करीब 24 चालक लंबी छुट्टी, गैर हाजिर या अन्य कारणों के चलते अवकाश पर हैं। ऐसे में इन बसों की जिम्मवारी पूरी तरह करीब एक सौ चालकों पर ही है। सभी चालक फिलहाल बिना किसी अवकाश के काम करने को मजबूर है। अवकाश ही नहीं चालक हर रोज चार से छह घंटे तक अतिरिक्त ड्यूटी दे रहे है। ओवरटाइम मिलने के चक्कर में कर्मचारी इसका ज्यादा विरोध नहीं कर रहे।
इस रूट पर नहीं मिल रही सिटी बस सेवा
बस स्टैंड से दादरी गेट, अनाजमंड़ी ओवरब्रिज, घंटाघर होते हुए रेलवे स्टेशन का भी एक रूट सिटी बस के लिए निर्धारित किया गया था। मगर चालक की कमी के कारण वर्कशॉप में खड़ी बस होने से अब इस रूट पर यात्रियों को सिटी बस सेवा नहीं मिल रही। अब रेलवे स्टेशन से बस स्टैंड और शिक्षा बोर्ड रास्ते पर ही सिटी बस सेवा चल रही है।
वर्जन::::
चालकों की कमी के कारण कुछ बसें खड़ी है। सरकार की ओर से भर्ती की जा रही है और उम्मीद है कि जल्द हमें भी चालक मिले। फिलहाल वर्तमान चालकों से ही व्यवस्था बनाने के प्रयास किए जा रहे है।
उदयवीर दूहन, महाप्रबंधक
भिवानी रोडवेज डिपो
वर्जन:::
चालकों की कमी के कारण कई बसें खड़ी है। सरकार चालकों की भर्ती करने की बजाए निजीकरण करने पर तुली है। आज चालक अतिरिक्त काम करने को मजबूर है। उन्हें कोई पदोन्नति नहीं मिल रही।
राज कुमार, जिला प्रधान
रोडवेज कर्मचारी यूनियन