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Bhiwani News: साइंस में अगर थ्योरी और असेसमेंट में मिले हैं 33 अंक तो प्रायोगिक में शून्य आने पर भी होगा पास
Tue, 14 May 2024 02:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 14 May 2024 02:42 AM IST
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के द्वारा जारी किया गया परीक्षा परिणाम।
भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का नया फार्मूला दसवीं के बोर्ड की पास प्रतिशतता बढ़ाने में ही कामयाब नहीं है, बल्कि शून्य अंक आने पर भी विद्यार्थी को पास करा देगा। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में काफी ऐसे विद्यार्थी भी अब पास हो गए हैं, जिनके विज्ञान में थ्योरी और असेसमेंट के मिलाकर 33 अंक हो गए और प्रायोगिक परीक्षा में शून्य मिल गया या किसी के विज्ञान की थ्योरी में शून्य अंक आया और उसने प्रायोगिक परीक्षा और असेसमेंट के मिलाकर 33 अंक हासिल कर लिए, उन्हें भी बोर्ड ने पास कर दिया है।
बोर्ड के नए फार्मूले के हिसाब से अब कोई विद्यार्थी फेल भी नहीं होगा, क्योंकि बोर्ड एक ही साल में दसवीं की मार्च-अप्रैल और जून-जुलाई में दो बार सभी विषयों के साथ परीक्षा लेगा। एक प्रयास में असफल रहने पर दूसरे प्रयास में उसी साल सफल होने की गुंजाइश रहेगी। जिन विद्यार्थियों को री अपीयर आता था, उन्हें भी इसी फार्मूले में बेहद मामूली अंक लेने पर भी पास कर दिया जाएगा।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के नए फार्मूले के हिसाब से अंकों के स्लैब बनाए हैं। इसमें थ्योरी, प्रायोगिक और असेसमेंट के अंक शामिल हैं। अगर थ्योरी और असेसमेंट में 33 अंक पूरे हो जाते हैं तो प्रायोगिक परीक्षा में भले ही उसे शून्य आता है तो भी विद्यार्थी पास हो जाएगा। बोर्ड के इस नए प्रयोग से अधिकांश विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा भी बोर्ड परीक्षा, प्रश्नपत्र और पाठ्यक्रम में लगातार बड़े बदलाव कर रहा है, जिसके सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं, भविष्य में भी बोर्ड नए सुधारों को तेजी से लागू करने जा रहा है।
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-डॉ. वीपी यादव, अध्यक्ष, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड।
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बोर्ड के नए फार्मूले के हिसाब से अब कोई विद्यार्थी फेल भी नहीं होगा, क्योंकि बोर्ड एक ही साल में दसवीं की मार्च-अप्रैल और जून-जुलाई में दो बार सभी विषयों के साथ परीक्षा लेगा। एक प्रयास में असफल रहने पर दूसरे प्रयास में उसी साल सफल होने की गुंजाइश रहेगी। जिन विद्यार्थियों को री अपीयर आता था, उन्हें भी इसी फार्मूले में बेहद मामूली अंक लेने पर भी पास कर दिया जाएगा।
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के नए फार्मूले के हिसाब से अंकों के स्लैब बनाए हैं। इसमें थ्योरी, प्रायोगिक और असेसमेंट के अंक शामिल हैं। अगर थ्योरी और असेसमेंट में 33 अंक पूरे हो जाते हैं तो प्रायोगिक परीक्षा में भले ही उसे शून्य आता है तो भी विद्यार्थी पास हो जाएगा। बोर्ड के इस नए प्रयोग से अधिकांश विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा भी बोर्ड परीक्षा, प्रश्नपत्र और पाठ्यक्रम में लगातार बड़े बदलाव कर रहा है, जिसके सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं, भविष्य में भी बोर्ड नए सुधारों को तेजी से लागू करने जा रहा है।
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-डॉ. वीपी यादव, अध्यक्ष, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड।