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Bhiwani News: जेठ की तपती दोपहरी में बिगड़ने लगी सेहत
Tue, 10 Jun 2025 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 10 Jun 2025 11:20 PM IST
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पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की जांच करता चिकित्सक।
भिवानी। जेठ महीने के अंतिम दिनों में तेज धूप और बढ़ता तापमान लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा है। तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जिससे गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द और भूख न लगने जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के सामान्य रोग विशेषज्ञों की ओपीडी में भी भीड़ बढ़ गई है। जहां पहले प्रतिदिन लगभग 300 मरीज पहुंचते थे, अब पिछले चार दिनों से यह संख्या 400 से अधिक हो गई है। इनमें अधिकतर मरीज गर्मी जनित बीमारियों से पीड़ित हैं। मेडिकल कॉलेज में कार्यरत फिजिशियन डॉ. यतिन गुप्ता ने बताया कि गर्मी के मौसम में सावधानी बरतना जरूरी है। उन्होंने लोगों को अधिक से अधिक तरल पदार्थ, जैसे-ओआरएस का घोल, नींबू पानी और ताजे फलों के रस का सेवन करने की सलाह दी है, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो और डिहाइड्रेशन से बचाव हो सके।
चिकित्सकों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी में बाहर निकलने से बचें और यदि निकलना आवश्यक हो, तो सिर को ढककर और पानी की बोतल साथ लेकर ही बाहर जाएं। गर्मी से बचाव के लिए हल्का भोजन करने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की भी सलाह दी जा रही है।
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इन बातों का रखें ध्यान
घर से बाहर निकलते समय कुछ खाकर जाएं।
धूप में निकलते समय शरीर को ढंक कर निकलें।
एसी का प्रयोग कर सीधा धूप में ना निकलें।
तले हुए व बासी भोजन से बचें।
पानी, छाछ, नींबू पानी या नारियल पानी पिएं।
गर्मी बढ़ने से लोगों में उल्टी व दस्त की समस्या बढ़ रही है। लोगों को ऐसे मौसम में तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। धूप अधिक होने पर अगर संभव हो सके तो घर से बाहर न निकलें। पारा लगातार बढ़ रहा है, इसलिए बचाव बहुत जरूरी है। - डॉ. यतिन गुप्ता, फिजिशियन, मेडिकल कॉलेज, भिवानी।
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पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के सामान्य रोग विशेषज्ञों की ओपीडी में भी भीड़ बढ़ गई है। जहां पहले प्रतिदिन लगभग 300 मरीज पहुंचते थे, अब पिछले चार दिनों से यह संख्या 400 से अधिक हो गई है। इनमें अधिकतर मरीज गर्मी जनित बीमारियों से पीड़ित हैं। मेडिकल कॉलेज में कार्यरत फिजिशियन डॉ. यतिन गुप्ता ने बताया कि गर्मी के मौसम में सावधानी बरतना जरूरी है। उन्होंने लोगों को अधिक से अधिक तरल पदार्थ, जैसे-ओआरएस का घोल, नींबू पानी और ताजे फलों के रस का सेवन करने की सलाह दी है, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो और डिहाइड्रेशन से बचाव हो सके।
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चिकित्सकों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी में बाहर निकलने से बचें और यदि निकलना आवश्यक हो, तो सिर को ढककर और पानी की बोतल साथ लेकर ही बाहर जाएं। गर्मी से बचाव के लिए हल्का भोजन करने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की भी सलाह दी जा रही है।
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इन बातों का रखें ध्यान
घर से बाहर निकलते समय कुछ खाकर जाएं।
धूप में निकलते समय शरीर को ढंक कर निकलें।
एसी का प्रयोग कर सीधा धूप में ना निकलें।
तले हुए व बासी भोजन से बचें।
पानी, छाछ, नींबू पानी या नारियल पानी पिएं।
गर्मी बढ़ने से लोगों में उल्टी व दस्त की समस्या बढ़ रही है। लोगों को ऐसे मौसम में तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। धूप अधिक होने पर अगर संभव हो सके तो घर से बाहर न निकलें। पारा लगातार बढ़ रहा है, इसलिए बचाव बहुत जरूरी है। - डॉ. यतिन गुप्ता, फिजिशियन, मेडिकल कॉलेज, भिवानी।