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'दो फरवरी तक क्वार्टर खाली करो वरना पुलिस कराएगी'
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स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को किया गया ट्वीट। संवाद
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय की आधारशिला रखने की तैयारी हो गई है। इस कड़ी में सबसे पहले डॉक्टर व स्टाफ क्वार्टर खाली कराने की तैयारी है। इस कड़ी में प्रधान चिकित्सा अधिकारी ने नोटिस देकर दो फरवरी तक स्टाफ क्वार्टर खाली कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में खाली नहीं करने पर इस संदर्भ में पुलिस अधीक्षक को लिखा जाएगा। जिसके बाद पुलिस क्वार्टर खाली कराएगी।
अब कर्मचारियों के सामने समस्या यह है कि उन्हें आसपास किराये पर क्वार्टर नहीं मिल रहा है और जो मिल रहे हैं, उनका किराया बहुत ज्यादा है। अब कृष्णा कॉलोनी में दो कमरों के सेट के भी पांच से 10 हजार तक किराया मांगा जा रहा है। कर्मचारियों ने इस संदर्भ में गृहमंत्री को ट्वीट कर किसी सरकारी भवनों के क्वार्टरों में शिफ्ट किए जाने की मांग की है।
जिले में राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) का मामला वर्ष 2014 से लटका है। पहले जगह को लेकर मामला लटका रहा। अब मिल्क प्लांट की जगह तय हुई है। सरकार सामान्य अस्पताल के साथ लगते अस्पताल स्टाफ क्वार्टर, पशुपालन विभाग की जगह व आसपास की जगह पर ओपीडी भवन बनाने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में यहां बने स्वास्थ्य कर्मियों के स्टाफ क्वार्टर भी खाली करने के निर्देश हो चुके है। पहली दफा नोटिस दिए जाने के बाद कर्मचारियों ने कुछ समय मांगा था। वह समयावधि भी पूरी हो चुकी है। अब अधिकारियों ने दोबारा नोटिस भी दिया। जिसकी समयावधि में महज दो दिन शेष हैं। नए नोटिस में कर्मचारियों को साफ हिदायत दी गई है कि दो फरवरी तक क्वार्टर खाली करें वरना इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक को की जाएगी। जिसके बाद पुलिस ही क्वार्टर खाली कराएगी।
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कर्मचारी परेशान, स्वास्थ्य मंत्री को किया ट्वीट
आदेशों के बाद स्टाफ क्वार्ट्स में रह रहे करीब 40 परिवार परेशान हैं। कर्मचारियों ने स्वास्थ्य मंत्री को ट्वीट कर उनके लिए व्यवस्था किए जाने की मांग की है। कर्मचारियों ने शिकायत में बताया कि वे भी चाहते हैं कि यहां राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय बने। मगर उनकी रिहायश के लिए भी कहीं व्यवस्था की जाए। कोई ऐसे सरकारी क्वार्टर में उनकी रिहायश की जाए कि वे आसानी से अस्पताल से आ-जा सकें।
कॉलोनी में किराये के दाम बढ़े
स्टाफ क्वार्टर खाली करने के आदेशों के बाद परेशान कर्मचारियों ने अस्पताल के साथ लगती कॉलोनियों में किराये पर मकान तलाशने शुरू कर दिए हैं। मगर समस्या यह आ रही है कि आसपास के कॉलोनी वासियों खासकर कृष्णा कॉलोनी में मकान मालिकों ने दाम अचानक से बढ़ा दिए हैं। एक कर्मचारी ने बताया कि उसने दो कमरों का सेट देखा मगर मकान मालिक 10 हजार रुपये किराया मांग रहा है। जबकि विभाग से उन्हें बहुत कम किराया मिलता है।
वर्जन-
स्टाफ क्वार्टर और डॉक्टर स्टाफ क्वार्टर खाली किए जाने का नोटिस कर्मचारियों को दिया गया है। यहां राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के तहत ओपीडी भवन बनाया जाना है। जिसकी जल्द ही आधारशिला रखी जाएगी। महाविद्यालय निर्माण के लिए ये खाली किया जाना जरूरी है।
- डॉ. रघुवीर शांडिल्य, कार्यकारी प्रधान चिकित्सा अधिकारी
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अब कर्मचारियों के सामने समस्या यह है कि उन्हें आसपास किराये पर क्वार्टर नहीं मिल रहा है और जो मिल रहे हैं, उनका किराया बहुत ज्यादा है। अब कृष्णा कॉलोनी में दो कमरों के सेट के भी पांच से 10 हजार तक किराया मांगा जा रहा है। कर्मचारियों ने इस संदर्भ में गृहमंत्री को ट्वीट कर किसी सरकारी भवनों के क्वार्टरों में शिफ्ट किए जाने की मांग की है।
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जिले में राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) का मामला वर्ष 2014 से लटका है। पहले जगह को लेकर मामला लटका रहा। अब मिल्क प्लांट की जगह तय हुई है। सरकार सामान्य अस्पताल के साथ लगते अस्पताल स्टाफ क्वार्टर, पशुपालन विभाग की जगह व आसपास की जगह पर ओपीडी भवन बनाने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में यहां बने स्वास्थ्य कर्मियों के स्टाफ क्वार्टर भी खाली करने के निर्देश हो चुके है। पहली दफा नोटिस दिए जाने के बाद कर्मचारियों ने कुछ समय मांगा था। वह समयावधि भी पूरी हो चुकी है। अब अधिकारियों ने दोबारा नोटिस भी दिया। जिसकी समयावधि में महज दो दिन शेष हैं। नए नोटिस में कर्मचारियों को साफ हिदायत दी गई है कि दो फरवरी तक क्वार्टर खाली करें वरना इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक को की जाएगी। जिसके बाद पुलिस ही क्वार्टर खाली कराएगी।
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कर्मचारी परेशान, स्वास्थ्य मंत्री को किया ट्वीट
आदेशों के बाद स्टाफ क्वार्ट्स में रह रहे करीब 40 परिवार परेशान हैं। कर्मचारियों ने स्वास्थ्य मंत्री को ट्वीट कर उनके लिए व्यवस्था किए जाने की मांग की है। कर्मचारियों ने शिकायत में बताया कि वे भी चाहते हैं कि यहां राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय बने। मगर उनकी रिहायश के लिए भी कहीं व्यवस्था की जाए। कोई ऐसे सरकारी क्वार्टर में उनकी रिहायश की जाए कि वे आसानी से अस्पताल से आ-जा सकें।
कॉलोनी में किराये के दाम बढ़े
स्टाफ क्वार्टर खाली करने के आदेशों के बाद परेशान कर्मचारियों ने अस्पताल के साथ लगती कॉलोनियों में किराये पर मकान तलाशने शुरू कर दिए हैं। मगर समस्या यह आ रही है कि आसपास के कॉलोनी वासियों खासकर कृष्णा कॉलोनी में मकान मालिकों ने दाम अचानक से बढ़ा दिए हैं। एक कर्मचारी ने बताया कि उसने दो कमरों का सेट देखा मगर मकान मालिक 10 हजार रुपये किराया मांग रहा है। जबकि विभाग से उन्हें बहुत कम किराया मिलता है।
वर्जन-
स्टाफ क्वार्टर और डॉक्टर स्टाफ क्वार्टर खाली किए जाने का नोटिस कर्मचारियों को दिया गया है। यहां राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के तहत ओपीडी भवन बनाया जाना है। जिसकी जल्द ही आधारशिला रखी जाएगी। महाविद्यालय निर्माण के लिए ये खाली किया जाना जरूरी है।
- डॉ. रघुवीर शांडिल्य, कार्यकारी प्रधान चिकित्सा अधिकारी

स्वास्थ्य कर्मियों के क्वार्टर जिन्हें खाली करने के लिए दिए गए हैं आदेश। संवाद- फोटो : Bhiwani