फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Health department alerts on monkeypox, creates 36-bed isolation ward

मंकीपॉक्स को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 36 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 28 Jul 2022 10:33 PM IST
विज्ञापन
Health department alerts on monkeypox, creates 36-bed isolation ward
भिवानी। मंकीपॉक्स को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है। स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार अब स्वास्थ्य केंद्रों में सतर्कता बरती जा रही है। मंकीपॉक्स मरीजों के लिए जिला नागरिक अस्पताल में 36 बेड का आइसोलेशन वार्ड 9 बनाया गया है।
विज्ञापन

दूसरी ओर चिकन पॉक्स (स्थानीय भाषा में छोटी-बड़ी माता भी कहते हैं) और मंकीपॉक्स के लक्षण समान होने के कारण मरीजों में काफी संशय बना हुआ है। इसकी वजह से नागरिक अस्पताल की ओपीडी में फिजिशियन चिकन पॉक्स के मरीजों को दोनों बीमारियों के लक्षणों में अंतर समझा रहे हैं। ओपीडी में इन दिनों चिकन पॉक्स के रोजाना एक या दो मरीज सामने आ रहे हैं। हालांकि जिले में अब तक मंकीपॉक्स का कोई मरीज नहीं आया है, जोकि फिलहाल प्रदेश सरकार और जिले के लिए सुखद समाचार है।
विज्ञापन

विदेश से लौट यात्रियों पर रखी जाएगी निगरानी
मंकीपॉक्स का सबसे अधिक संक्रमण विदेशों में है। ऐसे में विदेश से लौटे यात्रियों की कोविड-19 के साथ ही मंकीपॉक्स की दृष्टि से भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। इसमें विदेश से लौटे यात्रियों के स्वास्थ्य से लेकर उसके पूरी जानकारी दर्ज की जाएगी। इसमें यह भी ध्यान रखा जाएगा कि उसके त्वचा में रैशेज तो नहीं है। अगर ऐसा होता है तो उसकी जांच की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

नाक, मुंह और आंख से प्रवेश कर रहा वायरस
मंकीपॉक्स का वायरस नाक, मुंह और आंख से शरीर में प्रवेश करता है। कोरोना को लेकर फिलहाल लोग लापरवाही बरत रहे हैं। लोगों ने उचित सामुदायिक दूरी और मास्क पहनना छोड़ दिया है। यही कारण है कि कोरोना के साथ मंकी वायरस का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों को दोनों बीमारियों से बचे रहने के लिए भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचना चाहिए। कुछ भी चीज खाते-पीने से पहले साबुन से हाथ धोना चाहिए। बताया जाता है कि मंकीपॉक्स में शरीर पर घाव जैसे निशान हो जाते हैं।
ये हैं मंकीपॉक्स के लक्षण:
मंकीपॉक्स के लक्षणों में तेज बुखार, त्वचा पर चकते, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, थकावट, गले में खराश और खांसी, आंख में दर्द या धुंधला दिखना, सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द, पेशाब में कमी, बार-बार बेहोश होना, दौरे पड़ना आदि मुख्य है।
मंकीपॉक्स और चिकन पॉक्स में अंतर
जिला नागरिक अस्पताल के सीनियर फिजिशियन डॉ. यतिन गुप्ता ने बताया कि यह बीमारी मंकीपॉक्स नाम के वायरस से होती है। मंकीपॉक्स, ऑर्थोपॉक्स वायरस परिवार का हिस्सा है। इसमें भी चेचक की तरह शरीर पर दाने हो जाते हैं। दरअसल, चेचक को फैलाने वाला वैरियोला वायरस भी ऑर्थोपॉक्स फैमिली का ही हिस्सा है। जबकि चिकन पॉक्स (छोटी माता) वेरीसेल्ला जोस्टर वायरस के संक्रमण से होने वाली बीमारी है। मंकीपॉक्स में रैशेज होने से एक से पांच दिन पहले बुखार रहता है, जबकि चिकन पॉक्स में एक या दिन तक पहले ही बुखार रहता है। मंकीपॉक्स में पहले यह चेहरे से शुरू होता है और फिर हथेलियों व तलवों सहित शरीर के अन्य हिस्सों में फैल जाता है। दाने अंतत: एक पपड़ी बनाता है जो गिर जाता है। जबकि चिकन पॉक्स में छाती, पीठ और चेहरे पर खुजली वाले छाले, लाल चकते होते है, जो पूरे शरीर में फैल जाते हैं, यह तलवों और हथेलियों में नहीं होते। मंकीपॉक्स में ग्रंथियों पर सूजन होती है, जबकि चिकन पॉक्स में नहीं होती। मंकीपॉक्स में पांच से 21 दिन में लक्षण और ग्रस्त होने का समय होता है, जबकि चिकन पॉक्स में 10 से 21 दिन तक का। मंकीपॉक्स में दो से चार सप्ताह बुखार रहता है, जबकि चिकन पॉक्स में 4 से 7 सप्ताह। मंकीपॉक्स में एक से 10 फीसदी तक संक्रमितों की मौत हो सकती है जबकि चिकन पॉक्स में मौत की संभावना न के बराबर होती है।

ये रखें सावधानी:
- मंकीपॉक्स का लक्षण दिखते ही डॉक्टर से जांच करवाएं।
- त्वचा में रैशेज हो तो, दूसरों के संपर्क में आने से बचें।
- लक्षण वाले व्यक्ति की चादर, तौलिया या कपड़ों आदि का इस्तेमाल न करें।
- बार-बार अपने हाथों को साबुन या फिर सैनिटाइज करें।
- लक्षण दिखते ही घर के एक कमरे में स्वयं को आइसोलेट कर लें।
- अपने पालतू जानवरों से भी दूरी बनाकर रखने की जरूरत है।
जिले में मंकीपॉक्स का एक भी मरीज नहीं आया है। मंकीपॉक्स से बचाव के लिए मास्क, उचित सामुदायिक दूरी और सैनिटाइजर का प्रयोग करना आवश्यक है। नागरिक अस्पताल में अलग से आइसोलेशन वार्ड बनाया है। जिसको भी मंकीपॉक्स के लक्षण दिखते है वे अस्पताल में चिकित्सक से जांच अवश्य करवाएं। नागरिक घबराएं नहीं, बस सतर्क रहें।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।

नागरिक अस्पताल में फिजिशियन ओपीडी के बाहर लगी मरीजों की भीड़।

नागरिक अस्पताल में फिजिशियन ओपीडी के बाहर लगी मरीजों की भीड़।- फोटो : Bhiwani

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed