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बिजली प्लांट की राख ने उड़ाई सात गांवों की नींद

Sun, 29 Nov 2015 12:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला भिवानी
ब्यूरो/अमर उजाला भिवानी Updated Sun, 29 Nov 2015 12:57 AM IST
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भिवानी। शहर से सटे ढाणा लाडनपुर के पास लगे बिजली प्लांट से निकलने वाली राख ने आसपास के सात गांवों की नींद उड़ा दी है। चौबीसों घंटे आसमान से काली राख बरसती है। ग्रामीणों का खाना भी मुश्किल हो गया और सोना भी। सीएम विंडो व डीसी से गुहार के बाद अब ग्रामीण लामबंद होने आरंभ हो गए हैं। ग्रामीणों का यहां तक कहना है कि प्लांट के चालू होने के बाद इलाके में दमा एलर्जी के मरीज बढ़े हैं।
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लगभग तीन साल पहले लगे प्राइवेट प्लांट को चलाने के लिए ईंधन के तौर पर सरसों की पराली, धान तूड़ी का इस्तेमाल किया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि धुएं के साथ निकली राख के महीन कणों ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। हर दिन राख के कणों की चादर इलाके में छाई रहती है। ग्रामीण न छत पर बैठ सकते हैं और न ही रसोई के भीतर रखे खाद्य पदार्थ सुरक्षित हैं। प्लांट से निकलने वाली दुर्गंध भी ग्रामीणों के लिए सिरदर्द बनी है। पिछले लगभग दो साल से ग्रामीण राख व दुर्गंध को लेकर विरोध जता रहे हैं।
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खांसी दमे के मरीज बढ़े
ग्रामीणों की बात पर यकीन करें तो खांसी दमे के मरीजों की तादाद चौंकाने वाली है। पूर्व सरपंच के भाई नसीब ने बताया कि पिछले दो साल से उनके पिता दमे के मरीज हैं। ढाणा लाडनपुर व ढाणा नरसान में सांस व दमा पीड़ितों की संख्या मोटे अनुमान के मुताबिक सौ से ज्यादा है। नसीब ने बताया कि जल्द ही इस बारे में स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराया जाएगा। आसमान से राख बरसने की समस्या सीएम विंडो के अलावा स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और जिला उपायुक्त तक पहुंचाई जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
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ये गांव हैं प्रभावित
राख से प्रभावित होने वाले गांवों में ढाणा लाडनपुर, ढाणा नरसान, अजीतपुरा, हालुवास, प्रह्लादगढ़, निमड़ीवाली व पूर्णपुरा शामिल है।
म्हारी कोए सुनवाई नहीं होई
भाई इस बिजली प्लांट नं तो जमा बर्बाद कर दिए है। हाम तो शुरू से ही इस प्लांट का विरोध कर रै सां। प्रशासन से भी कई बार इस बारे में शिकायत कर चुके हैं, म्हारी कोए सुनवाई नहीं होई। इस प्लांट तै भाई पीछा छुड़वा द्यो।
सुरेंद्र, ढाणा नरसान

प्लांट के कारण एक वर्ष के दौरान गांव में सांस के रोगी काफी बढ़े है। प्लांट से दिन व रात को चली हुई पराली की राखा आती रहती है। पूरा दिन सफाई करने में बीत जाता है।
छोटो देवी, गृहिणी

इस प्लांट की वजह से बाहर सोना भी मुश्किल हो गया है। सुबह कपड़ों के उपर भारी मात्रा में राख गिरी मिलती है। घर के प्रांगण में बैठकर खाना भी नहीं खा सकते हैं, क्योंकि राख गिरती रहती है।

राजेश, ढाणा नरसान

वर्जन::::::
देश का बेस्ट प्रदूषण रोधी सिस्टम लगाया गया है। ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी होती है। राख गिरने की बात गलत है। कुछ ग्रामीणों बिना आधार इस मामले को तूल दे रहे हैं। यहां सब ठीक है। 150 पीपीएम से ज्यादा हो तो दिक्कत हो सकती है, लेकिन उनके प्लांट का स्तर 130 पीपीएम से नीचे ही रहता है।
वाईके शर्मा, सीनियर जनरल मैनेजर(ऑपरेशन),पॉवर प्लांट, ढाणा नरसान

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