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अब रोडवेज बसों में जांच का नया तरीका, यात्रियों के बीच ही बैठेगी फ्लाइंग टीम
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हरियाणा रोडवेज की बसों में बिना टिकट यात्रा करने वालों की अब खैर नहीं। हरियाणा राज्य परिवहन विभाग ने अब हर रूट पर रोडवेज बसों की चेकिंग के लिए चार उप निरीक्षकों की टीमें तैनात कर दी हैं। ये टीमें उस रूट पर दौडने वाली रोडवेज बसों में बेटिकट यात्रियों पर शिकंजा कसेंगी और रूट पर दौडने वाली बसों की नियमित निगरानी रखेंगी। इस बार अलग ये होगा कि पहले की तरह टीमें सरकारी वाहनों से नहीं पहुंचेंगी बल्कि बस चलने के साथ ही बस में सवार होंगी। ये यात्रियों के बीच ही बैठेंगे और सब पर निगरानी रखेंगे। जिससे की बेटिकट यात्रा करने वाले रोडवेज फ्लाइंग की पूर्व जानकारी या सूचना भी हासिल नहीं कर पाएंगे कि आखिर छापामार दस्ता कहां और किस जगह जांच कर रहा है।
कुछ अरसे पहले रोडवेज विभाग ने एक व्हाट्सअप गिरोह का भंड़ाफोड़ किया था। जिसमें एडमिन सहित 250 सदस्य जुड़े थे। जो रोडवेज फ्लाइंग की पल पल की जानकारी ग्रुप सदस्यों को मुहैया करा रहे थे। ऐसे में रोडवेज विभाग को भी हर माह मोटा चूना लग रहा था। इस गिरोह के पकड़ में आने के बाद अब रोडवेज विभाग ने नई व्यवस्था बनाई है। जिसमें अब प्रत्येक रूट फ्लाइंग के दायरे में आ जाएगा। परिवहन विभाग ने नई व्यवस्था की शुरूआत में 21 उप निरीक्षकों व सीनियर कंडेक्टरों की डयूटी फ्लाइंग मेें लगाई है। प्रत्येक मुख्य रूट पर तीन से चार उप निरीक्षक व कंडरेक्टर फ्लाइंग के तौर पर काम करेंगे।
इन रूटों पर रहेगी फ्लाइंग की तैनाती
रूट का नाम उप निरीक्षकों की संख्या
1. तोशाम-सतनाली-बहल रूट तीन सदस्य
2. तोशाम से हांसी-हिसार रूट तीन सदस्य
3. तोशाम से भिवानी रूट तीन सदस्य
4. रोहतक से भिवानी रूट चार सदस्य
5. दादरी-बहल-लोहारू रूट चार सदस्य
6. भिवानी-जींद रूट दो सदस्य
7. भिवानी-हिसार रूट दो सदस्य
रोजाना 36 हजार किलोमीटर की दूरी तय करती हैं बसें
भिवानी डिपो से विभिन्न लंबी दूरी सहित लोकल रूटों पर रोजाना ही डिपो की 145 रोडवेज बसें औसतन 36 हजार किलोमीटर की दूरी तय करती हैं। इस समय प्रति यात्री 28 रुपये प्रति किलोमीटर की यात्री रिसीट भी दर्ज की जा रही है। जबकि पांच केएमपीएल यानी पांच किलोमीटर की दूरी तय करने पर एक लीटर डीजल की खपत दर्ज की जा रही है। बेटिकट यात्रियों पर लगाम लगाए जाने के बाद रोडवेज की यात्री रिसीट में इजाफा होगा।
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रोडवेज बसों की चेकिंग के लिए 21 लोकल उड़नदस्तों की टीमें बनाई गई हैं। प्रत्येक टीम में तीन से चार उपनिरीक्षक व सीनियर कंडेक्टर शामिल किए गए हैं। ये सभी टीमें रूटों पर रोडवेज बसों की चेकिंग कर बेटिकट यात्रियों की धरपकड़ करेंगी और उनसे जुर्माना वसूल किया जाएगा। इसके अलावा अवैध वाहनों की धरपकड़ के लिए अलग से छापामार दस्ता होगा। इन सभी फ्लाइंगों को कोई अलग से वाहन नहीं मिलेगा, जबकि रोडवेज बसों में यात्रियों के साथ घुलमिलकर ही ये टीमें चेकिंग कर बेटिकट यात्रियों को पकड़ेंगी।
-इंद्र वर्मा, सहायक स्टैंड इंचार्ज भिवानी डिपो।
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कुछ अरसे पहले रोडवेज विभाग ने एक व्हाट्सअप गिरोह का भंड़ाफोड़ किया था। जिसमें एडमिन सहित 250 सदस्य जुड़े थे। जो रोडवेज फ्लाइंग की पल पल की जानकारी ग्रुप सदस्यों को मुहैया करा रहे थे। ऐसे में रोडवेज विभाग को भी हर माह मोटा चूना लग रहा था। इस गिरोह के पकड़ में आने के बाद अब रोडवेज विभाग ने नई व्यवस्था बनाई है। जिसमें अब प्रत्येक रूट फ्लाइंग के दायरे में आ जाएगा। परिवहन विभाग ने नई व्यवस्था की शुरूआत में 21 उप निरीक्षकों व सीनियर कंडेक्टरों की डयूटी फ्लाइंग मेें लगाई है। प्रत्येक मुख्य रूट पर तीन से चार उप निरीक्षक व कंडरेक्टर फ्लाइंग के तौर पर काम करेंगे।
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इन रूटों पर रहेगी फ्लाइंग की तैनाती
रूट का नाम उप निरीक्षकों की संख्या
1. तोशाम-सतनाली-बहल रूट तीन सदस्य
2. तोशाम से हांसी-हिसार रूट तीन सदस्य
3. तोशाम से भिवानी रूट तीन सदस्य
4. रोहतक से भिवानी रूट चार सदस्य
5. दादरी-बहल-लोहारू रूट चार सदस्य
6. भिवानी-जींद रूट दो सदस्य
7. भिवानी-हिसार रूट दो सदस्य
रोजाना 36 हजार किलोमीटर की दूरी तय करती हैं बसें
भिवानी डिपो से विभिन्न लंबी दूरी सहित लोकल रूटों पर रोजाना ही डिपो की 145 रोडवेज बसें औसतन 36 हजार किलोमीटर की दूरी तय करती हैं। इस समय प्रति यात्री 28 रुपये प्रति किलोमीटर की यात्री रिसीट भी दर्ज की जा रही है। जबकि पांच केएमपीएल यानी पांच किलोमीटर की दूरी तय करने पर एक लीटर डीजल की खपत दर्ज की जा रही है। बेटिकट यात्रियों पर लगाम लगाए जाने के बाद रोडवेज की यात्री रिसीट में इजाफा होगा।
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रोडवेज बसों की चेकिंग के लिए 21 लोकल उड़नदस्तों की टीमें बनाई गई हैं। प्रत्येक टीम में तीन से चार उपनिरीक्षक व सीनियर कंडेक्टर शामिल किए गए हैं। ये सभी टीमें रूटों पर रोडवेज बसों की चेकिंग कर बेटिकट यात्रियों की धरपकड़ करेंगी और उनसे जुर्माना वसूल किया जाएगा। इसके अलावा अवैध वाहनों की धरपकड़ के लिए अलग से छापामार दस्ता होगा। इन सभी फ्लाइंगों को कोई अलग से वाहन नहीं मिलेगा, जबकि रोडवेज बसों में यात्रियों के साथ घुलमिलकर ही ये टीमें चेकिंग कर बेटिकट यात्रियों को पकड़ेंगी।
-इंद्र वर्मा, सहायक स्टैंड इंचार्ज भिवानी डिपो।