{"_id":"631f67b47cba70106a2fcd21","slug":"government-should-solve-the-problem-of-arhtiyas-so-that-farmers-do-not-face-problems-deependra-hooda-bhiwani-news-hsr641723513","type":"story","status":"publish","title_hn":"आढ़तियों की समस्या का समाधान करें सरकार ताकि किसानों को न हो परेशानी : दीपेंद्र हुड्डा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आढ़तियों की समस्या का समाधान करें सरकार ताकि किसानों को न हो परेशानी : दीपेंद्र हुड्डा
विज्ञापन
भिवानी। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन की ओर से 19 सितंबर से प्रदेशभर की अनाज मंडियों में हड़ताल का एलान किया गया है। सरकार आढ़ती एसोसिएशन की हड़ताल शुरू होने से पहले ही समस्या का समाधान करें ताकि किसानों को अपना धान बेचने में कोई परेशानी न हो। इसके अलावा, उन्होंने धान के निर्यात पर 20 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी और टूटे चावल के निर्यात पर प्रतिबंध का मनमाना फैसला तुरंत वापस लेने की मांग की।
सांसद दीपेंद्र हुड्डा मुंढाल में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
सांसद ने कहा कि रबी सीजन में गेहूं किसानों का नुकसान करने के बाद खरीफ सीजन में गैर-बासमती धान के निर्यात पर 20 प्रतिशत निर्यात शुल्क लगाकर और टुकड़ा चावल के निर्यात पर रोक लगाकर सरकार ने किसानों को एक और घाव दिया है। बीजेपी सरकार हर समय इसी जुगत में रहती है कि किसानों को किसी तरह दो पैसे का फायदा न हो पाए।
उन्होंने कहा कि खेतों में धान की 1509, पीआर 113, पीआर 126, पीआर 109, एचआरके 120 आदि जल्दी पकने वाली प्रजातियां तैयार हैं और मंडियों में पहुंचने भी लगी हैं। किसानों के पास धान भंडारण के लिए संसाधन नहीं है और फसल तैयार होने के बाद बेचने के लिए मंडी लाना उनकी मजबूरी है। ऐसे में खरीद शुरु न होने से किसानों के सामने फसल को औने-पौने भाव में बेचने के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा।
विज्ञापन
इस अवसर पर पूर्व सीपीएस राम किशन फौजी, संदीप सिंह, राजवीर फरटिया, पूर्व मंत्री सुभाष गोयल, पूर्व विधायक रामनिवास घोड़ेला, पूर्व विधायक नरेश सेलवाल, पूर्व विधायक रणधीर धीरा, पूर्व विधायक रामभगत शर्मा, पूर्व विधायक कुलबीर ईश्वर शर्मा प्रधान, प्रदीप गुलिया, धर्मबीर गोयत, सुमन शर्मा, अनिल धनखड़, विजय जटाई, जोगिंदर सिंह, ठाकुर लाल सिंह, राजेन्द्र सूरा, धीरज अखरिया आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
सांसद दीपेंद्र हुड्डा मुंढाल में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
सांसद ने कहा कि रबी सीजन में गेहूं किसानों का नुकसान करने के बाद खरीफ सीजन में गैर-बासमती धान के निर्यात पर 20 प्रतिशत निर्यात शुल्क लगाकर और टुकड़ा चावल के निर्यात पर रोक लगाकर सरकार ने किसानों को एक और घाव दिया है। बीजेपी सरकार हर समय इसी जुगत में रहती है कि किसानों को किसी तरह दो पैसे का फायदा न हो पाए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि खेतों में धान की 1509, पीआर 113, पीआर 126, पीआर 109, एचआरके 120 आदि जल्दी पकने वाली प्रजातियां तैयार हैं और मंडियों में पहुंचने भी लगी हैं। किसानों के पास धान भंडारण के लिए संसाधन नहीं है और फसल तैयार होने के बाद बेचने के लिए मंडी लाना उनकी मजबूरी है। ऐसे में खरीद शुरु न होने से किसानों के सामने फसल को औने-पौने भाव में बेचने के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा।
विज्ञापन
इस अवसर पर पूर्व सीपीएस राम किशन फौजी, संदीप सिंह, राजवीर फरटिया, पूर्व मंत्री सुभाष गोयल, पूर्व विधायक रामनिवास घोड़ेला, पूर्व विधायक नरेश सेलवाल, पूर्व विधायक रणधीर धीरा, पूर्व विधायक रामभगत शर्मा, पूर्व विधायक कुलबीर ईश्वर शर्मा प्रधान, प्रदीप गुलिया, धर्मबीर गोयत, सुमन शर्मा, अनिल धनखड़, विजय जटाई, जोगिंदर सिंह, ठाकुर लाल सिंह, राजेन्द्र सूरा, धीरज अखरिया आदि मौजूद रहे।