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Bhiwani News: राजकीय विद्यालय के विद्यार्थी भी करेंगे डिजिटल बोर्ड पर पढ़ाई

Mon, 25 Nov 2024 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Mon, 25 Nov 2024 11:15 PM IST
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Government school students will also study on digital board
डिजिटल बोर्ड पर काम करती सरकारी स्कूल की छात्रा।
बवानीखेड़ा। कस्बे के राजकीय विद्यालय में अब विद्यार्थी डिजिटल बोर्ड से पढ़ाई करते नजर आएंगे। विभाग की ओर से छात्रों को टेबलेट सिम भी उपलब्ध करवाए गए हैं। इससे वे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। डिजिटल बोर्ड विद्यालय के कमरों में स्थापित कर दिए गए हैं। इससे बच्चे नई तकनीकी से पढ़ते हुए नजर आ रहे हैं। साथ ही, चॉक से भी अधिकतर तौर पर छुटकारा मिल चुका है।
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पहले जो माता-पिता अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए निजी स्कूलों में दाखिला दिलवाते थे लेकिन आज के समय में प्रत्येक माता-पिता सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों का दाखिला करवा अच्छी शिक्षा दिलवाना चाहते हैं। आज निजी स्कूलों के बजाय सरकारी स्कूलों का रिजल्ट उनसे अच्छा आने लगा है।
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- संतोष देवी कस्बावासी
आज के युग में कंप्यूटर की शिक्षा बहुत अनिवार्य है, इससे बच्चों का ज्ञान तो बढ़ता ही है लेकिन उनका मार्गदर्शन भी कंप्यूटर शिक्षा ही है। बच्चे कंप्यूटर शिक्षा के कारण ही सफल होकर आगे बढ़ते हैं।
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-ओमपति देवी कस्बावासी
आज चारों तरफ साइंस का ही बोलबाला है यहां तक की किसान खेती में भी कंप्यूटर का प्रयोग करके समय-समय पर उन्नत किस्म के बीजों का चयन कर वह उनमें उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव करके अच्छी फसल ले लेते हैं। इसी तरह शिक्षा के क्षेत्र में यह एक अच्छी पहल है जो की सरकारी स्कूलों में बगैर चाक के बच्चों को अच्छी शिक्षा दी जा रही है।
-ओमपाल सिंह समाजसेवी
खंड के सभी स्कूलों में हैं डिजिटल बोर्ड
अगर बात की जाए तो बवानीखेड़ा खंड के अधिकतर स्कूलों में डिजिटल बोर्ड की सुविधा उपलब्ध है और हर वो सुविधा मुहैया करवाई जा रही है। नई तकनीकी से जुड़ी हुई है। विभाग ने पहले ही रणनीति तैयार कर ली थी। हालांकि विद्यालय में छठी से 12वीं कक्षा तक कक्षाएं लगाई जाती थीं। इसमें छात्र-छात्राओं दोनों के लिए सुविधा दी गई। हालांकि खंड के अनेक प्राथमिक पाठशालाओं को भी मॉडल प्राथमिक पाठशाला का दर्जा दिया गया है ताकि बच्चों की शिक्षा की नींव मजबूत हो।
चॉक से मिलेगा छुटकारा
पुरानी तकनीक में ब्लैक बोर्ड में शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को चॉक से शिक्षा दी जाती थी लेकिन अब डिजिटल बोर्ड लगाए जाने पश्चात संबंधित पैन या हाथ की उंगली से घुमावदार बनाकर लिखा जाएगा। जिससे बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हुए नजर आएंगें। इसके अलावा इसमें पेन ड्राइव लगाकर भी डाटा को देखा जा सकेगा व एक सामग्री को पूरी कक्षा के विद्यार्थी देखकर शिक्षा ले रहे हैं।
वाईफाई होगा विद्यालय परिसर
शिक्षा विभाग में अभी कुछ विद्यालयों का चयन हुआ है धीरे धीरे ई-लर्निंग मैटेरियल के लिए विद्यालय प्रांगण वाईफाई होगें और कैमरों की सुविधा भी ईजाद होगी। जिससे विद्यार्थियों को किताबों बोझ से भी छुटकारा मिलेगा तो वहीं नई नई तकनीक की जानकारी भी चंद सेकंड में सामने मिलेगी। इसके लिए स्थानीय राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में वाईफाई की सुविधा को अमलीजामा पहनाने का कार्य किया गया है।

शिक्षा विभाग की योजना काबिले तारीफ है। डिजिटल बोर्ड की सुविधा बच्चों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रही है। सभी शिक्षक अपने विषय में पूरी तरह से निपुण है। बच्चे भी इसमें भागीदारी अदा कर रहे हैं व रुचि दिखा रहे हैं। नई तकनीक के माध्यम से बच्चे भी इसमें निपुण होंगें। इससे साफ जाहिर है कि बच्चों की शिक्षा में चार चांद लगेंगें जिससे हमारे देश का भविष्य बुलंदियों को छूएगा।
-संतोष नागर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी भिवानी।
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