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Bhiwani News: दो घंटे हड़ताल पर रहे सरकारी चिकित्सक, सीएमओ ने संभाली ओपीडी, 60 मरीज जांचे

Tue, 16 Jul 2024 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Tue, 16 Jul 2024 01:22 AM IST
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Government doctors were on strike for two hours, CMO took over OPD, examined 60 patients
जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में चिकित्सक कक्ष के बाहर लगी मरीजों की भीड़। 
भिवानी। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के आह्वान पर जिला नागरिक अस्पताल में सोमवार को चिकित्सकों ने कलम छोड़ हड़ताल की। इसके चलते सुबह 9 से 11 बजे तक ओपीडी बंद रही। हालांकि सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने ओपीडी में खुद बैठकर मरीज जांचे और करीब 60 मरीजों का चेकअप भी किया।
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वहीं ग्रामीण क्षेत्र में भी एनएचएम के तहत लगे चिकित्सकों ने मोर्चा संभाला। ओपीडी में चिकित्सकों की हड़ताल के दौरान उमस भरी गर्मी में मरीज भी वेटिंग जोन में बेहाल रहे। हड़ताल का असर ओपीडी से लेकर ओटी तक दिखा। वहीं इमरजेंसी सेवाएं भी प्रभावित हुईं। वहीं हड़ताल पर रहने वाले चिकित्सकों ने अस्पताल परिसर में एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ रोष जताया और लंबित मांगों को पूरा किए जाने की मांग की।
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एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. मनीष श्योराण ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में विशेषज्ञों के लिए अलग से कैडर बनाने की मांग की जा रही है। इसको सीएम की घोषणा में शामिल किया गया था। दो साल बीत जाने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। एसोसिएशन की ओर से स्वास्थ्य मंत्री को भी लिखित में दिया गया था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। इसकी वजह से चिकित्सकों की मांगें लंबित हैं।
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उन्होंने बताया कि सर्विस में चिकित्सकों को जिस वक्त पीजी करने जाना होता है, तो एक-एक करोड़ रुपये के दो बांड भरने पड़ते हैं। एसोसिएशन की मांग है कि पुरानी पॉलिसी को लागू कर दिया जाए। पहले यह राशि 50 लाख थी, लेकिन सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। जिसकी वजह से चिकित्सकों को दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल करनी पड़ रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हड़ताल के बाद भी मांगे नहीं मानी गई तो वह 25 जुलाई से अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर चले जाएंगे।
छुट्टी के बाद ओपीडी में बढ़ी थी मरीजों की भीड़
छुट्टी के बाद सोमवार को ओपीडी में करीब साढ़े 1200 से 1300 मरीज पहुंचे थे, लेकिन सुबह से ही चिकित्सकों की हड़ताल की वजह से मरीजों को 11 बजे तक ओपीडी में पर्ची कटाने के बाद भी चिकित्सक का इंतजार करना पड़ा। कई चिकित्सकों के कमरों के आगे मरीज गर्मी से बेहाल कुर्सी पर बैठे दिखे। वहीं कई मरीज तो चिकित्सकों का इंतजार कर बिना चेकअप के ही वापस लौट गए। कई मरीजों को निजी अस्पताल में जाने पर मजबूर होना पड़ा। हड़ताल का असर वार्ड, ओपीडी, ऑपरेशन थियेटर से लेकर आपातकालीन विभाग की सेवाओं पर भी पड़ा।

चिकित्सकों की सांकेतिक पेन डाउन हड़ताल थी। भिवानी में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रखा गया है। इसके लिए मैंने खुद ओपीडी में मरीजों को जांचा है। वहीं उप सिविल सर्जन और एनएचएम के तहत लगे चिकित्सकों ने भी स्वास्थ्य सेवाएं नियमित रखने की कोशिश की है। चिकित्सकों की मांगे जायज हैं, इनकी तरफ भी सरकार को ध्यान देना चाहिए।
-डॉ रघुवीर शांडिल्य सिविल सर्जन भिवानी।
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