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कलयुग में ईश्वर का नाम ही काफी : साध्वी
Thu, 12 Sep 2024 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 12 Sep 2024 11:39 PM IST
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हनुमान जोहड़ी श्रीकृष्ण मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु।
भिवानी। युवा जागृति एवं जनकल्याण मिशन ट्रस्ट की तरफ से हनुमान जोहड़ी मंदिर में श्रीकृष्ण श्रीमद्भागवत कथा पांचवें दिन भी जारी रही। वीरवार को भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का मंचन किया गया।
कथा वाचन करते हुए श्रीश्री 1008 महामंडलेश्वर साध्वी शक्तिपुरी महाराज ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान करवाया। साध्वी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा विचार, वैराग्य, ज्ञान और हरि से मिलने का मार्ग बता देती है। कलयुग में हरि नाम से ही जीव का कल्याण हो जाता है। कलयुग में ईश्वर का नाम ही काफी है। सच्चे हृदय से हरि नाम के सुमिरन मात्र से कल्याण संभव है।
कथा वाचिका ने माखन चोरी लीला, पूतना का वधन, यशोदा मैया को ब्राह्मण का दर्शन करना, वत्सासुर, बकासुर, अधसुर का भगवान द्वारा उद्धार करने का वर्णन किया गया। बालयोगी चरणदास महाराज ने कहा कि सुख केवल भगवान के चरणों में ही है। इसीलिए व्यस्त जीवन से समय निकालकर कथा को महत्व देना चाहिए। इस अवसर पर पुजारी ध्यानदास महाराज, प्रवीण बासिया, समाजसेवी रमेश सैनी, एसके सिंह, कविता मौजूद रहे। संवाद
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कथा वाचन करते हुए श्रीश्री 1008 महामंडलेश्वर साध्वी शक्तिपुरी महाराज ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान करवाया। साध्वी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा विचार, वैराग्य, ज्ञान और हरि से मिलने का मार्ग बता देती है। कलयुग में हरि नाम से ही जीव का कल्याण हो जाता है। कलयुग में ईश्वर का नाम ही काफी है। सच्चे हृदय से हरि नाम के सुमिरन मात्र से कल्याण संभव है।
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कथा वाचिका ने माखन चोरी लीला, पूतना का वधन, यशोदा मैया को ब्राह्मण का दर्शन करना, वत्सासुर, बकासुर, अधसुर का भगवान द्वारा उद्धार करने का वर्णन किया गया। बालयोगी चरणदास महाराज ने कहा कि सुख केवल भगवान के चरणों में ही है। इसीलिए व्यस्त जीवन से समय निकालकर कथा को महत्व देना चाहिए। इस अवसर पर पुजारी ध्यानदास महाराज, प्रवीण बासिया, समाजसेवी रमेश सैनी, एसके सिंह, कविता मौजूद रहे। संवाद
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