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गीता कंठस्थ नहीं, जीवनस्थ होनी जरूरी

Sun, 20 Dec 2015 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/भिवानी
अमर उजाला ब्यूरो/भिवानी Updated Sun, 20 Dec 2015 12:43 AM IST
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geeta is esstial for life
गीता कंठस्थ नहीं, जीवनस्थ होनी चाहिए। आज के युग में भी कुछ धृतराष्ट्र अपने अयोग्य पुत्रों को राजगद्दी पर बैठाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि कुछ राष्ट्रसेवा को ही अपना ध्येय मानकर शासन करना चाहते हैं।
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जनता ऐसे लोगों को पहचानती है। जीवन में अयोग्य और योग्य की पहचान करना जरूरी है। भगवान श्रीकृष्ण ने युद्ध भूमि में अर्जुन को यही उपदेश दिया है। यही गीता सार है। इन बातों का उल्लेख कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने यहां शनिवार को किरोड़ीमल पार्क में गीता जयंती महोत्सव का शुभारंभ करने के बाद किया। 
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कृषि मंत्री ने कहा कि गीता का असली उद्देश्य मानव जीवन को उत्कर्ष की ओर ले जाना है। यह हमारा सौभाग्य है कि गीता ज्ञान हरियाणा प्रदेश की पावन धरती पर दिया गया है। यह विश्व में अनूठा उदाहरण है कि युद्ध भूमि में भगवान ने धर्म का उपदेश दिया है। उन्होंने कहा कि हालांकि गीता पढ़ने की कोई उम्र सीमा नहीं है, लेकिन गीता को जवानी मेें पढ़ना चाहिए ताकि जीवन संवर जाए। उन्होंने कहा गीता जीवन की सभी समस्याओं का हल है। जीवन में ऐसी कोई भी समस्या नहीं है, जिसका गीता के अंदर समाधान न हो।
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मंत्री ने कहा कि गीता हमको कर्म करने का संदेश देती है और व्यक्ति को वहीं कर्म करना चाहिए जो उसका मौलिक विकास करता हो। उन्होंने कहा कि मनुष्य के मन में भी अच्छे और बुरे विचारों के रूप में कौरव एवं पांडव सेना होती है। ऐसे समय में गीता हमें अधर्म पर धर्म की विजय का रास्ता दिखाती है।

प्रदर्शन का किया शुभारंभ
कृषि मंत्री ने इससे पहले प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। यहां पर विभिन्न विभागों ने अपने-अपने विभाग की गतिविधियों की जानकारी दी। मंत्री ने मंच पर देवी सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह की विधिवत रूप से शुरुआत की। उपायुक्त डा. साकेत कुमार ने कृषि मंत्री का स्वागत किया और कहा कि गीता पढ़ने से मनुष्य जीवन में सही राह अपनाता है। इस मौके पर कृषि मंत्री ओपी धनखड़ और विधायक विशंभर वाल्मीकि को स्मृति चिन्ह के रूप में गीता भेंट की गई। कार्यक्रम मेें छत्र सिंह चौहान, शशि परमार, ऋषिप्रकाश शर्मा, ताराचंद अग्रवाल, रितिक वधवा, नंदराम धानियां, सुनील चौहान, ओमप्रकाश मान, डा. संजीव मडिया, विजय अग्रवाल, विजय शेखावत, नंदकिशोर अग्रवाल, शंकर धूपड़, ओमप्रकाश बहलवाला, ज्ञान गुलाटी, बाबूलाल स्वामी, रमेश, नत्थू राम श्योराण, संजय छपारिया, रविंद्र बापोड़ा, एडीसी धीरेंद्र खडगटे, एसडीएम सतपाल सिंह, सीटीएम जगदीप सिंह आदि उपस्थित रहे।  

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कुरुक्षेत्र में होगा अंतरराष्ट्रीय समारोह
हरियाणा की स्वर्ण जयंती और गीता की 5151वीं जयंती के अवसर पर अगले साल कुरुक्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का समारोह आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में सभी भाषाओं में अनुवादित की गई गीता की प्रतिलिपियां रखी जाएंगी और विश्वभर से गीता पर बोलने के लिए विद्वानों को आमंत्रित किया जाएगा।

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बच्चों ने दिखाई प्रतिभा
कार्यक्रम के दौरान पंडित नेकीराम शर्मा जिला पुस्तकालय मेें बच्चों की पेंटिंग, रंगोली, श्लोक उच्चारण, निबंध लेखन और सुलेख से संबंधित जिला स्तरीय प्रतियोगिता हुई। प्रतियोगिता में खंड स्तर पर प्रथम रहे विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान नगराधीश जगदीप सिंह और जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल श्योराण निर्णायक के तौर पर उपस्थित रहे। इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को टिबड़ेवाल सभागार में सम्मानित भी किया जाएगा।
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