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Bhiwani News: बीमा पॉलिसी के नाम पर 30 लाख रुपये की धोखाधड़ी, दो गिरफ्तार
Fri, 11 Oct 2024 11:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 11 Oct 2024 11:09 PM IST
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भिवानी। सीआईए स्टाफ प्रथम ने मैक्स लाइफ इंश्योरेंस बीमा पॉलिसी के नाम पर 30.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गुरप्रीत सिंह निवासी अमरिक जिला तरन तारन पंजाब हाल निवासी मयूर विहार ईस्ट दिल्ली व अर्जित कुमार निवासी ओलापुर गनघोर बिहार हाल निवासी मयूर विहार ईस्ट दिल्ली के रूप में हुई है।
गांव तालू निवासी बलजीत ने थाना सदर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने 2015 में मैक्स लाइफ इंश्योरेंस की एक बीमा पॉलिसी ली थी। 2016 में पॉलिसी की किस्त न भरने के कारण बंद हो गई थी। लेकिन वर्ष 2020 में उसे एक फोन आया। जिसमें फोन करने वाले ने खुद को मैक्स लाइफ इंश्योरेंस का कर्मचारी बतलाया और पॉलिसी का बोनस अमाउंट देने के नाम पर बीमा पॉलिसी को पुनः चालू करने के लिए पैसे जमा करवाने के लिए कहा गया। जिस पर उसके द्वारा समय-समय पर किस्त देने, आईपीओ खरीदने व जीएसटी के नाम पर 30.50 लाख रुपये जमा करवाए गए।
इसके बाद आरोपियों ने किसी भी प्रकार के बोनस या बीमा पॉलिसी के रुपये उसके खाते में नहीं डलवाए। इस मामले में कार्रवाई करते हुए सीआईए स्टाफ प्रथम के सहायक उपनिरीक्षक प्रीतम ने 30.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में दो आरोपियों को न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट हासिल कर गिरफ्तार किया है।
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पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे दोनों आरोपी बंद हुई पॉलिसियों का डाटा इकट्ठा करके पॉलिसी धारक के पास पॉलिसी को फिर चालू करवाने के लिए बैंक खाता बताकर बैंक खाते में रुपये डालकर उनसे धोखाधड़ी करने के लिए एजेंट का काम करते थे। मामले में छह आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
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गांव तालू निवासी बलजीत ने थाना सदर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने 2015 में मैक्स लाइफ इंश्योरेंस की एक बीमा पॉलिसी ली थी। 2016 में पॉलिसी की किस्त न भरने के कारण बंद हो गई थी। लेकिन वर्ष 2020 में उसे एक फोन आया। जिसमें फोन करने वाले ने खुद को मैक्स लाइफ इंश्योरेंस का कर्मचारी बतलाया और पॉलिसी का बोनस अमाउंट देने के नाम पर बीमा पॉलिसी को पुनः चालू करने के लिए पैसे जमा करवाने के लिए कहा गया। जिस पर उसके द्वारा समय-समय पर किस्त देने, आईपीओ खरीदने व जीएसटी के नाम पर 30.50 लाख रुपये जमा करवाए गए।
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इसके बाद आरोपियों ने किसी भी प्रकार के बोनस या बीमा पॉलिसी के रुपये उसके खाते में नहीं डलवाए। इस मामले में कार्रवाई करते हुए सीआईए स्टाफ प्रथम के सहायक उपनिरीक्षक प्रीतम ने 30.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में दो आरोपियों को न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट हासिल कर गिरफ्तार किया है।
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पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे दोनों आरोपी बंद हुई पॉलिसियों का डाटा इकट्ठा करके पॉलिसी धारक के पास पॉलिसी को फिर चालू करवाने के लिए बैंक खाता बताकर बैंक खाते में रुपये डालकर उनसे धोखाधड़ी करने के लिए एजेंट का काम करते थे। मामले में छह आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।