{"_id":"5f2075018ebc3e63b3767716","slug":"fraud-noc-school-fire-department-bhiwani-news-rtk5662224177","type":"story","status":"publish","title_hn":"गड़बड़झाला: दमकल विभाग की फर्जी एनओसी से ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल ने पाई 12वीं तक की मान्यता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गड़बड़झाला: दमकल विभाग की फर्जी एनओसी से ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल ने पाई 12वीं तक की मान्यता
विज्ञापन
जिले के एक गांव में चल रहे ग्रामीण स्कूल ने दमकल विभाग की फर्जी एनओसी के आधार पर शिक्षा विभाग से नौंवी से बारहवीं कक्षा तक की मान्यता ले ली। दमकल विभाग ने फर्जी एनओसी की जांच के बाद रिपोर्ट में स्कूल की एनओसी को फर्जी करार देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को संबंधित निजी स्कूल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सिफारिश भी की है।
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन ने इस संबंध में उपायुक्त को शिकायत दी थी, लेकिन डीसी व डीईओ कार्यालय ने मामले की शिकायत ही दबा डाली। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने इसी मामले में आरटीआई के तहत जुटाए गए दस्तावेजों के आधार पर मामले की शिकायत फिर से शिक्षा निदेशालय व उपायुक्त से कर दी। इसी मामले में उपायुक्त कार्यालय ने मामले की जांच दमकल विभाग को सौंपी। दमकल विभाग ने जांच में पाया कि एक निजी स्कूल द्वारा कक्षा नौंवी से बारहवीं तक जिस एनओसी पर मान्यता ली है वह एनओसी फर्जी है। जो विभाग द्वारा जारी ही नहीं की गई है। इस एनओसी पर एक सरकारी स्कूल के प्राचार्य ने भी हस्ताक्षर किए हैं, जबकि सोसायटी प्रधान ने भी इसे सत्यापित किया हुआ है। मगर दमकल विभाग में इस एनओसी का कोई जिक्र तक नहीं है। अब दमकल विभाग ने इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी को संबंधित स्कूल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की है।
ये है पूरा मामला
बृजपाल सिंह परमार ने बताया कि उक्त निजी स्कूल ने दो सितंबर 2014 को दमकल विभाग से एनओसी ली थी। लेकिन इसी एनओसी के सीरियल नंबर की एनओसी को चार साल बाद दो सितंबर 2018 को फिर से खुद ही फर्जी तरीके से केवल वर्ष बॉल पेन से बदल दिया, जबकि तारीख वही रखी गई। इसी फर्जी एनओसी को मान्यता के लिए लगा दिया। एक ही सीरियल नंबर की फर्जी एनओसी पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मिलीभगत कर निजी स्कूल संचालक ने शिक्षा निदेशालय से नौंवी से बारहवीं तक मान्यता हासिल कर ली। दमकल विभाग से आरटीआई के जरिए स्कूल की एनओसी के संबंध में जानकारी मांगी तो जवाब में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
विज्ञापन
वर्जन-
मेरे पास जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से पत्र आया था, जिसमें मैने स्पष्ट कर दिया था कि संबंधित विद्यालय ने वर्ष 2014 में दमकल विभाग से कोई एनओसी नहीं ली है। जिस एनओसी पर स्कूल ने मान्यता शिक्षा विभाग से ली है, वह पूरी तरह से फर्जी है। जिसका दमकल विभाग के पास कोई रिकार्ड नहीं है। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा ही संबंधित विद्यालय के खिलाफ फर्जी एनओसी पर मान्यता का लाभ गलत तरीके से लेने पर कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी को भी पत्र जारी कर संबंधित विद्यालय के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की दमकल अधिकारी के तौर पर मैंने सिफारिश कर दी है।
- जयनारायण जिला दमकल अधिकारी भिवानी।
विज्ञापन
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन ने इस संबंध में उपायुक्त को शिकायत दी थी, लेकिन डीसी व डीईओ कार्यालय ने मामले की शिकायत ही दबा डाली। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने इसी मामले में आरटीआई के तहत जुटाए गए दस्तावेजों के आधार पर मामले की शिकायत फिर से शिक्षा निदेशालय व उपायुक्त से कर दी। इसी मामले में उपायुक्त कार्यालय ने मामले की जांच दमकल विभाग को सौंपी। दमकल विभाग ने जांच में पाया कि एक निजी स्कूल द्वारा कक्षा नौंवी से बारहवीं तक जिस एनओसी पर मान्यता ली है वह एनओसी फर्जी है। जो विभाग द्वारा जारी ही नहीं की गई है। इस एनओसी पर एक सरकारी स्कूल के प्राचार्य ने भी हस्ताक्षर किए हैं, जबकि सोसायटी प्रधान ने भी इसे सत्यापित किया हुआ है। मगर दमकल विभाग में इस एनओसी का कोई जिक्र तक नहीं है। अब दमकल विभाग ने इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी को संबंधित स्कूल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की है।
विज्ञापन
ये है पूरा मामला
बृजपाल सिंह परमार ने बताया कि उक्त निजी स्कूल ने दो सितंबर 2014 को दमकल विभाग से एनओसी ली थी। लेकिन इसी एनओसी के सीरियल नंबर की एनओसी को चार साल बाद दो सितंबर 2018 को फिर से खुद ही फर्जी तरीके से केवल वर्ष बॉल पेन से बदल दिया, जबकि तारीख वही रखी गई। इसी फर्जी एनओसी को मान्यता के लिए लगा दिया। एक ही सीरियल नंबर की फर्जी एनओसी पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मिलीभगत कर निजी स्कूल संचालक ने शिक्षा निदेशालय से नौंवी से बारहवीं तक मान्यता हासिल कर ली। दमकल विभाग से आरटीआई के जरिए स्कूल की एनओसी के संबंध में जानकारी मांगी तो जवाब में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
विज्ञापन
वर्जन-
मेरे पास जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से पत्र आया था, जिसमें मैने स्पष्ट कर दिया था कि संबंधित विद्यालय ने वर्ष 2014 में दमकल विभाग से कोई एनओसी नहीं ली है। जिस एनओसी पर स्कूल ने मान्यता शिक्षा विभाग से ली है, वह पूरी तरह से फर्जी है। जिसका दमकल विभाग के पास कोई रिकार्ड नहीं है। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा ही संबंधित विद्यालय के खिलाफ फर्जी एनओसी पर मान्यता का लाभ गलत तरीके से लेने पर कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी को भी पत्र जारी कर संबंधित विद्यालय के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की दमकल अधिकारी के तौर पर मैंने सिफारिश कर दी है।
- जयनारायण जिला दमकल अधिकारी भिवानी।